मानव इतिहास में दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध | DUNIYA KE 10 SABSE KHATARNAK YUDH इतिहास गवाह है, कि हर युद्ध में सबसे अधिक मरने वालों की संख्या आम और निर्दोष लोगों की होती है। इतिहास में सबसे खतरनाक युद्धों का जिक्र किया जाए तो आपको कुछ ऐसे आंकड़े मिलेंगे जिन्हें जानकार आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे ।  यहा हम आपको पूरी दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध के बारे में बतायेंगे। 

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सृष्टि की शुरुआत से ही युद्ध होते आए है। जब दो प्राणियों या पक्षों के मत एक जैसे नहीं होते और सुलह का कोई और उपचार नहीं बचता तो फिर धारणाएं युद्ध में तब्दील हो जाती है। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

सबसे पुराने मानव युद्ध के शुरुआती रिकॉर्ड किए गए सबूत बताते हैं कि पहला युद्ध लगभग 13,000 साल पहले मिस्र-सूडान सीमा पर हुआ था।  यह माना जाता है कि प्राकृतिक संसाधनों पर प्रतिस्पर्धा के परिणामस्वरूप यह युद्ध हुआ – इस मामले में, पानी की मुख्य भूमिका बतायी जाती है । 

 हालाँकि, और भी कई कारण हैं जिनसे एक युद्ध विकसित हो सकता है: गरीबी, बेकार सरकारी नेतृत्व, नागरिक अशांति, धर्म, क्षेत्र विवाद, संसाधन और अन्य कारकों के ढेर ये सभी कारण मानव इतिहास में अधिकांश युद्धों के लिए जिम्मेदार हैं।  (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

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युद्धों का इतिहास 

अंग्रेजी भाषा का शब्द WAR यह एक पुरानी जर्मन भाषा का शब्द Werran (to confuse or to cause confusion) और मुख्य तौर से इस शब्द का अर्थ माना जाता है कि दो राजनीतिक हथियारबंद सेनाओं के बीच विवाद। 

दुनिया का सबसे पहला युद्ध मेसोपोटामिया में सुमेर और एलाम के बीच 2700 ई.पू. में हुआ। 

सुमेरियों की कमान kish के राजा Enembaragesi पास थी और इस युद्ध में उन्होंने एलामाइट्स को हराया और यह इतिहास में दर्ज किया गया है। 

“मानव जाति युद्ध लड़ने के लिए अग्रसर होती है और सोचने वाली बात यह है कि युद्ध हमेशा से सिर्फ अपनी समर्थता साबित करने के लिए होते आए है । और दुनिया के सभी बड़े लोग इस विचार से परिचित है कि जिन्दगी महज कुछ सालों की है इस धरती पर किसी की भी वसीयत नहीं है।” 

मानव इतिहास में हुए दुनिया के सबसे खतरनाक 12 युद्ध इस प्रकार है :

12. दूसरा कांगो युद्ध (II congo war) 

सेकंड कांगो युद्ध (1998-2003) इतिहास के सबसे घातक, खतरनाक और आधुनिक युद्ध माना जाता है। यह युद्ध अफ्रीकी इतिहास के सबसे घातक युद्धों में से एक था।  यह युद्ध लगातार 5 वर्षों तक चला और लगभग 5.4 मिलियन लोगों की भयानक मृत्यु का कारण बना। 

यद्यपि मरने वालों से बड़ी संख्या युद्ध में हताहत और घायल हुए, लोगों की थी। इतनी ज्यादा संख्या में लोगों के मरने के बाद कई तरह की बीमारियाँ फैल गयी और उस कारण से भी कई जाने गयी। 

11. नेपोलियन युद्ध (Nepolian

नेपोलियन के युद्ध 1803 से 1815 के बीच हुए। नेपोलियन के युद्धों ने यूरोपीय शक्तियों के महागठबंधन के खिलाफ फ्रांसीसी साम्राज्य और उसके कई छोटे बड़े सहयोगियों को खड़ा किया।  

नेपोलियन के युद्धों का तात्पर्य फ्रांसीसी साम्राज्य और उससे लड़ने वाले यूरोपीय गठबंधन के बीच युद्धों की एक श्रृंखला से है: तीसरे गठबंधन का युद्ध, चौथा, पांचवां, छठा और सातवां और अंतिम गठबंधन। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

युद्ध की इस अवधि के दौरान, यह अनुमान लगाया गया कि लगभग 3.5-6 मिलियन लोग इस खतरनाक युद्ध के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के रूप में मारे गए थे।

यूरोप के अधिकांश हिस्से में नेपोलियन की विजय के तहत फ्रांस तेजी से एक बड़ी शक्ति बन गया था। 

लेकिन 1812 में रूसी आक्रमण एक बार फिर फ्रांस के लिए एक आपदा में बदल गया और 6.5 मिलियन लोगों की जान लेने के साथ, फ्रांस को हार का सामना करना पड़ा। 

फ्रांस में बोरबॉन राजशाही की बहाली और यूरोप के कॉन्सर्ट के निर्माण के साथ युद्ध समाप्त हो गया। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

10. तीस साल का युद्ध (Thirty Years’ War) 

नाम से इतना भयानक एहसास दिलाने वाला यह युद्ध उस समय के सबसे घातक युद्धों में से एक था। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, तीस साल का युद्ध 1618 से 1648 तक तीस साल तक मध्य यूरोप में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट राज्यों के बीच लड़ा गया था।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

 लगातार इतने लंबे समय से हो रहे संघर्षों ने आखिरकार यूरोप की महान और बड़ी शक्तियों को आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप यूरोपीय युद्धों में सबसे लंबा, सबसे विनाशकारी और सबसे घातक युद्ध संघर्ष हुआ।  

इतिहास कार यह अनुमान लगाते है कि कम से कम 8 मिलियन नागरिकों और सैन्य कर्मियों की मौत के लिए युद्ध समान रूप से जिम्मेदार था।

(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

9. चीनी गृह युद्ध (Chinese civil war’s) 

चीनी गृह युद्ध 1927 के अगस्त में सरकार समर्थित कुओमितांग और चीन चर्चित और बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच शुरू हुआ था।  दोनों पक्षों द्वारा इस ग्रह युद्ध में किए गए नरसंहार और बड़े पैमाने पर अत्याचारों के परिणामस्वरूप 1950 तक 8 मिलियन से अधिक लोग हताहत हुए।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

8. रूसी ग्रह युद्ध (Russian civil War) 

रूस में हुए इस ग्रह युद्ध में बड़े पैमाने पर मानवता को क्षति पहुंची। दाबा किया जाता है कि इस युद्ध में करीब 9 मिलियन से अधिक लोग मारे गए थे। इसके अलावा इस युद्ध की सबसे भयानक और रोंगटे खड़े कर देने वाला ये सत्य था कि इस ग्रह में 8 मिलियन निर्दोष नागरिक मारे गए थे। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

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1917 से शुरू हुआ यह युद्ध 1922 तक चला। 1917 की रूसी क्रांतियों के तुरंत बाद – और यह युद्ध राजनीतिक गुटों, अर्थात् लाल सेना और श्वेत सेना के विरोध के बीच लड़ा गया था।

7. डुंगन विद्रोह (Dungan Revolt) 

डुंगान विद्रोह हंस (चीनी जातीय समूह पूर्वी एशिया के मूल निवासी) और हुआस (चीनी मुस्लिम) के बीच 19 वीं सदी के चीन में Qing Dynasty (राजवंश) के दौरान लड़ा गया  था। इस युद्ध में लगभग 20 मिलियन  मौतें हुईं, युद्ध होने के ज्यादातर कारण हुए अकाल और प्रवास थे। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

6. लुशान विद्रोह (Lushan Rebellion

755 ईस्वी और 763 ई। के बीच चीन के तांग राजवंश के खिलाफ एक विद्रोह हुआ जिसे लुशान विद्रोह कहा गया। यह एक विद्रोह था, हालांकि मृत्यु की सही रिपोर्ट पाना  मुश्किल है, परंतु जनगणना की रिपोर्ट में युद्ध के बाद के वर्षों में लगभग 36 मिलियन लोग मारे गए, थे । मरने वाली यह जनसंख्या साम्राज्य का दो तिहाई भाग था। 

(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

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5. प्रथम विश्व युद्ध (world war I) 

इतिहास में सिर्फ दो ही विश्व युद्ध हुए हैं और इसीलिए इन्हें महान युद्धों की श्रेणी में भी रखा जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया और हंगरी पर ब्रिटेन, फ्रांस और रूस की जीत हुई। प्रथम विश्व युद्ध मित्र राष्ट्रों और केंद्रीय शक्तियों के बीच लड़ा गया था।  1914 से 1918 तक यह युद्ध लगातार 4 साल तक चला । 

(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

इस खतरनाक युद्ध में लगभग 18 मिलियन लोगों की मौत हुयी थी। 18 मिलियन लोगों की मौत में से लगभग 11 मिलियन सैन्य कर्मी थे और लगभग 7 मिलियन नागरिक थे।

  हालांकि प्रथम विश्व युद्ध के बाद राष्ट्र संघ का गठन हुआ, लेकिन यह विश्व शांति सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल ही रहा और अंततः द्वितीय विश्व युद्ध लड़ा गया। 

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4. ताइपिंग विद्रोह (Taiping Rebellion) 

एक और बड़ा युद्ध जो चीन में हुआ। यह विद्रोह 1850 से 1864 के बीच हुआ। यह युद्ध Qing राजवंश और ताइपिंग हेवन किंगडम के ईसाई सहस्राब्दी आंदोलन के बीच लड़ा गया था। मरने वाले लोगों की पुख्ता जानकारी नहीं है पर अधिकांश अनुमानों में इस विद्रोह में मरने वालों की संख्या 20 से 30 मिलियन थी। 

(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

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3. Ming Dynasty की Qing Dynasty पर विजय 

राजवंशों का बदलाव कोई आम बात नहीं है और जाहिर है कि दोनों ही राजवंशों के बीच एक बड़ा टकराव हुआ होगा। परंतु इसके बावजूद भी यह एक शांतिप्रिय बदलावों ‘में जाना जाता है। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

60 साल के संघर्ष के बाद यह युद्ध 25 मिलियन लोगों की मौत का जिम्मेदार हुआ। यह युद्ध 1618 से 1683 तक चला था जिसके परिणामस्वरूप इतनी संख्या में लोगों मारे गए। यह लंबा संघर्ष चीन के इतिहास का मुख्य भाग माना जाता है। 

2. मंगोल विजय (mongol Conquest) 

यूरोप में मंगोल विजय इतिहास में सबसे शत्रुतापूर्ण और भयानक युद्ध का परिणाम है। 

13 वीं शताब्दी की शुरुआत में, मंगोलों ने पृथ्वी के लगभग 20 प्रतिशत भूमि पर कब्जा कर लिया, इसके अंतर्गत उनके द्वारा एशिया और पूर्वी यूरोप में उनका साम्राज्य फैलता जा रहा था ।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

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इन विजय के दौरान मरने वालों की संख्या 60 से 70 मिलियन थी । वास्तविकता में यह मानव जाति के लिए एक बहुत बड़ी संख्या में त्रासदी थी। 

इतिहासकार मानते है कि मंगोलियाई जाति के लोग इतने ज्यादा कट्टर और बहसी मानसिकता वाले लोग थे जिनकी वज़ह से लोग उनके हाथ आने से पहले ही मरना पसंद करते थे और उस समय भी कुछ यही हाल देखने को मिला था। यह माना जाता है कि मंगोलियाई लोगों द्वारा मारे जाने से बचने के लिए लगभग 1,00,000 चीनी लोगों ने सामूहिक आत्महत्या की।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

1.द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) 

द्वितीय विश्व युद्ध एक वैश्विक युद्ध था जो 1939 से 1945 तक लड़ा गया था। युद्ध ने युद्ध में हिस्सा लेने वाले सभी राष्ट्रों सहित धुरी शक्तियों को इतिहास के सबसे घातक युद्ध में खड़ा कर दिया, और वास्तविकता में यह युद्ध मानव जाति द्वारा लड़े जाने वाला सबसे खतरनाक और सबसे ज्यादा मृत्यु होने वाला युद्ध माना गया है।

यह युद्ध 70 मिलियन से अधिक लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार था।  यह युद्ध यहूदियों के नरसंहार अभियान के लिए जाना जाता है, युद्ध को 50 मिलियन से अधिक निर्दोष और मासूम नागरिकों की मौत के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है ।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

द्वितीय विश्व दुनिया का सबसे खतरनाक और घातक युद्ध माना जाता है।  हिटलर द्वारा लायी गयी प्रलय और बड़े पैमाने पर मौतों के कारण, द्वितीय विश्व युद्ध ने विश्व की राजनीति की दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया था। 

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युद्धों का अंत – 

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने युद्ध शब्द को  ” किसी देश के भीतर विभिन्न देशों या विभिन्न समूहों के बीच सशस्त्र संघर्ष की स्थिति  ” को युद्ध  के रूप में परिभाषित किया है।

 दूसरों पर अपने प्रभुत्व को साबित करने के प्रयासों में हम अक्सर घातक युद्ध शुरू करते हैं, लेकिन परिणाम हमेशा से ही दोनों पक्षों का विनाश ही रहा है। (दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

आधुनिक दुनिया में बढ़ती तकनीक और बढ़ती आबादी के साथ, अगला युद्ध निस्संदेह मौतों की अभूतपूर्व मात्रा लाएगा।  इतिहास को एक शिक्षक होने दें इतिहास से सीख ले, ताकि हम एक ही गलतियों को बार बार करने से बच सकें, और एक बार और हम सब मिलकर सभी के लिए संघर्ष का अंत कर सके ।(दुनिया के सबसे खतरनाक युद्ध) 

By Nihal chauhan

मैं Nihal Chauhan एक ऐसी सोच का संरक्षण कर रहा हू, जिसमें मेरे देश का विकास है। में इस हिंदुस्तान की संतान हू और मेरा कर्तव्य है कि में मेरे देश में रहने वाले सभी हिंदुस्तानियों को जागरूक करू और हिंदी भाषा को मजबूत करू। आपके सहयोग की मुझे और हिंदुस्तान को जरुरत है कृपया हमसे जुड़ कर हमे शेयर करके और प्रचार करके देश का और हिंदी भाषा का सहयोग करे।

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