जब बात बच्चा पैदा करने की आती है तो सभी की सोच और नजरे महिलाओं की तरह होती है। क्योंकि महिलाएं बच्चों को अपनी कोख में रखती है इसीलिए सबको लगता है कि बच्चा पैदा करने के लिए या बाँझ रहने में उन्हीं का दोष रहता है। लेकिन यहां असलियत  कुछ और ही है जिसके बारे में आपको और पूरे समाज को असलियत से रुबरु होने की आवश्यकता है। 

सिर्फ महिलाएं ही बांझपन के लिए जिम्मेदार नहीं होती, बल्कि बच्चे के लिंग के लिए भी महिलाएं जिम्मेदार नहीं होती। पुरुष ही प्राकृतिक तरीके बच्चे का लिंग निर्धारित करता है कि बच्चा लड़की होगी या लड़का। लेकिन भारत जैसे देश में अभी भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग बच्चे पैदा ना होने के लिए या बच्चे के लिंग को लेकर सिर्फ महिलाओं को ही जिम्मेदार मानते है। पुरषों में बांझपन के कई कारण हो सकते हैं और समय के साथ आज की आधुनिक दिनचर्या के चलते पुरषों में सबसे अधिक बांझपन देखने को मिल रहा है। 

हाल ही में प्रकाशित कुछ ताजा रिपोर्ट बताती है कि पिछले 40-50 साल में पुरषों के शुक्राणुओं में 50% फीसदी की कमी आयी है यानि कि पुरषों में बांझपन का संकट अधिक तेजी से गहरा रहा है। यह जानकारी दुनिया की प्रामाणिक वेबसाईट NCBI द्वारा एक लेख के जरिए प्रकाशित की गई है। 

यदि आप बच्चा पैदा करने की पूरी कोशिश करने के बाद भी, नहीं कर पा रहे है तो आपको अपने पुरषों के लिए कुछ प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपचारों की सहयता लेनी चाहिए क्योंकि ये हानिरहित और असरदार साबित होते हैं। 

आयुर्वेद, चिकित्सा की एक समग्र और वैज्ञानिक प्रणाली होने के नाते, उसमे पुरुष बांझपन के लिए कई तरह के प्राकृतिक  और आयुर्वेदिक दवाइयाँ बतायी गयी है, जो न केवल आपके शरीर में कम शुक्राणुओं की संख्या को बड़ा सकती है और खराब गतिशीलता जैसे बांझपन के शारीरिक कारणों को दूर करने में मदद करती है बल्कि भावनात्मक तनाव को भी कम करती है। इतने सारे बदलाव आपको यौन सुख को चरम पर ले जाते हैं। 

पुरुषों में बांझपन को कम करने के लिए 5 आयुर्वेदिक उपाय – 

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में यौन रोगों को ठीक करने के लिए कई तरह के उपचार पेश किए गए हैं। ऐसा नहीं है कि पुरषों में बांझपन पुराने समय मे नही होता था, लेकिन तब कि अपेक्षा में यह आज के समय में 86% अधिक है। हम सभी जानते है मानव जाति के अस्तित्व के लिए प्रजनन अनिवार्य है, ऐसे में पुरषों के बांझपन को दूर करने के लिए निम्न आयुर्वेदिक उपाय जरूर अपनाएं – 

अश्वगंधा

अश्वगंधा आयुर्वेदिक उपचार की सबसे खास जड़ी बूटियों में से एक है। अश्वगंधा को आयुर्वेदिक कायाकल्प करने वाली जड़ी बूटी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह जड़ी बुटी खास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाती है। सदियों से अश्वगंधा का उपयोग, पुरुष बांझपन, यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और इससे संबंधित कारणों , के लिए प्राकृतिक आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता रहा है। इस जड़ी बूटी के कामोत्तेजक, एडाप्टोजेनिक, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी और Anti Inflammatory गुण तनाव, चिंता, अनिद्रा, थकावट, सामान्य दुर्बलता, कमजोरी और थकान के लक्षणों को पूरी तरह कम करने में या उन्हें खत्म करने में मदद करते हैं।  इसका नित्य सेवन करके आप अपने साथी को संपूर्ण चरमसुख दे सकते हैं क्योंकि यह आपको स्वस्थ यौन ड्राइव देकर आपके तनाव को दूर करने के लिए अद्भुत तरीके से असर करता है।  

लेकिन आज समस्या यह है कि इस तरह की असली जड़ी बुटी मिलना बड़ा मुश्किल है, बाजर में लोग बेवक़ूफ़ बनाते है और लोगों का विश्वास आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में कम होता है। बल्कि सत्य यह है कि यदि आप original  जीवा अश्वगंधा की गोलियां आजमा आजमाते है तो आपको उसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। हमारे द्वारा बतायी गयी यह जड़ी बुटी पूरी तरह प्रमाणित और हानि रहित है, जिसमें सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली, शुद्ध जड़ी-बूटी है जो आपको इसके ढेर सारे स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है।

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शतावरी 

शतावरी का उपयोग बर्षों से पुरुष बांझपन को खत्म करने के लिए होता आया है। शतावरी को Safed Mushli के नाम से भी जाना जाता है। शतावरी के फायदे प्राकृतिक रूप से अमूल्य है। सफेद Musli की सुखी जड़ों का उपयोग प्रचीन काल से ही महिलाओ और पुरषों के बांझपन को खत्म करने और यौन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। यह एक आयुर्वेदिक और पूर्ण रूप से सुरक्षित दबा है। 

सफेद mushli का सेवन आपके शुक्राणु को स्वस्थ्य बनाता है। यह तनाव-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण शुक्राणु की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करने में मदद करता है।  यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर में भी सुधार करता है जो जननांगों में रक्त परिसंचरण को और बढ़ाता है। 

वैज्ञानिको ने तकनीक का उपयोग करके शतावरी के capsule तैयार किए है जिनका सेवन आसानी से किया जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाले शतावरी के कैप्सूल खरीदने के लिए यहां क्लिक करें… 

शिलाजीत 

शिलाजीत के बारे मे मुख्यतः सभी लोग जानते है लेकिन इसके मुख्य उपयोग भी पुरषों के पौरुष को बढ़ाने के लिए किया जाता है। आज के इस आधुनिक और रेडीमेड दौर में उच्चतम गुणवत्ता वाला शिलाजीत मिल पाना लगभग असंभव सा प्रतीत होता है। वही कुछ कंपनी है जो बेहद महंगे दामों पर आपको श्रेष्ट शिलाजीत उपलब्ध करवाने का काम कर रहीं हैं। 

दरअसल शिलाजीत एक जड़ी बूटी है, जो एक चिप चिपे पदार्थ के रूप में हमे प्राप्त होती है। सिला जीत मुख्य रूप से हिमालय के पहाड़ों और उसके आस-पास ऊँचे स्थानो पर पाया जाता है। सिला का अर्थ पत्थर होता है अर्थार्त पत्थर से प्राप्त होने वाला बहुमुल्य रत्न शिलाजीत है। 

शिलाजीत साल दर साल पौधों के अपघटन से बनता है। कहा जा सकता है कि इसके प्राकृतिक रूप से बनने की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि इसे सस्ते दामों में प्राप्त किया ही नहीं जा सकता। इसके उपरांत पहाड़ों पर से इसे समतल इलाकों में ले आने के लिए भी भारी मशक्कत और जान माल का जोखिम उठाना पड़ता है। 

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शिलाजीत आपके लिंग को तंदरुस्त और आपके वीर्य को गाड़ा करता है। इसके अतरिक्त यह आपकी सेक्स ड्राइव को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। यह शरीर के चैनलों से अशुद्धियों को दूर करने में मदद करता है और धातु (शरीर के ऊतकों) को पोषण देने में मदद करता है।  यह आपके a शरीर में बनने वाले प्रजनन द्रवों के उत्पादन को बढ़ाकर आपके भीतर अधिक शक्ति पैदा करता है जिसके परिणामस्वरूप यह आपकी सहनशक्ति को बढ़ाता है, तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है और संतुलित और सामंजस्यपूर्ण स्वास्थ्य की ओर ले जाता है।  हिमालय से प्राप्त सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटी प्राप्त करने के लिए, आप जीवा शिलाजीत कैप्सूल का प्रयोग कर सकते हैं।

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गोक्षुरा

Gokshura इसे प्राय गोखरू के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेद उपचार में इसके भिन्न भिन्न उपयोग किए जाते है जिसमें यह सुस्ती को और थकान को कम करने में सहायक होता है। गोक्षुरा में पाए जाने वाले  सक्रिय फाइटोकेमिकल्स मर्दों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर के साथ-साथ शुक्राणु की समग्र गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करते हैं।  

यह जड़ी बुटी टानिक की तरह उपयोग में ली जाती है। यह पुरुषों में बांझपन की समस्या को नियंत्रित करने में मदद कर करती है। अश्वगंधा, शिलाजीत जैसी अन्य शक्तिशाली जड़ी-बूटियों के साथ, इसका सेवन एथलीटों के प्रदर्शन में सुधार के लिए और शरीर सौष्ठव के लिए भी इसका सुझाव दिया जाता है।

काला चना 

काला चना आसानी से उपलब्ध होने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। अधिकतर लोगों में जानकारी का अभाव होने के कारण लोगों को काले चने के फायदों के बारे में जानकारी नहीं है। काले चने का सेवन पुरषों के लिए बेहद फायदेमंद है यह शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ साथ आपके शरीर में अधिक ऊर्जा का संचार करते है। 

आयुर्वेदिक चिकित्सा में काले चने की महीन करके उसका पाउडर बना ले और सुबह दूध में दो बड़ी चम्मच मिलाकर सेवन करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ साथ यह आपके यौन जीवन को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। 

दोस्तों उम्मीद है कि आपको जानकारी पसन्द आयी होगी और आप इसे अपने मित्रों से साँझा करके हमारे देश से बांझपन जेसी समस्या को दूर करने में सहायक होंगे। 

By Nihal chauhan

मैं Nihal Chauhan एक ऐसी सोच का संरक्षण कर रहा हू, जिसमें मेरे देश का विकास है। में इस हिंदुस्तान की संतान हू और मेरा कर्तव्य है कि में मेरे देश में रहने वाले सभी हिंदुस्तानियों को जागरूक करू और हिंदी भाषा को मजबूत करू। आपके सहयोग की मुझे और हिंदुस्तान को जरुरत है कृपया हमसे जुड़ कर हमे शेयर करके और प्रचार करके देश का और हिंदी भाषा का सहयोग करे।

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