Sleep Paralysis in Hindi दोस्तों लकवा नाम सुनते ही इंसान की रूह कांप जाती है। वही नींद का लकवा या अँग्रेजी में Sleeping Paralysis के नाम से जाने जानी वाली बीमारी वास्तविकता में चिंता का विषय हो सकती है। इसीलिए आज हम स्लीप पैरालिसिस यानी कि “नींद पक्षाघात” के बारे में सारी जानकारी देंगे, जिसमें नींद पक्षाघात के कारण, लक्षण और इलाज शामिल होंगे। 

आज संसार में कई नींद से जुड़ी कई बड़ी छोटी बीमारियाँ शामिल है जैसे नींद में बोलना, डरावने सपने देखना, रात को चलना आदि नींद पक्षाघात भी इन्हीं बीमारियों में से एक है। हालांकि लोग अभी इस बीमारी के बारे में उतने जागरूक नहीं है। Sleep Paralysis in Hindi 

और यही मुख्य वज़ह है कि Hindusthani.in आपको इस बीमारी से जागरूक करने के लिए लेख लिख रहा है। दोस्तो बीमारियों से बचने और लड़ने के लिए हमे उस बीमारी के प्रति जागरूक और सावधान होना चाहिए। इसीलिए लिए हमे सभी बीमारियों की जानकारी रखनी चाहिए ताकि समय आने पर आप उस बीमारी के खिलाफ कार्रवाई कर सके और स्वस्थ्य रह सके। 

बेशक आपके लिए यह लेख और बीमारी नयी है पर आप नहीं जानते कि sleeping Paralysis के लक्षण आपके अंदर भी हो इसलिए लेख को पूरा पढ़े और बताये गये उपचार के माध्यम से खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ्य रखने का प्रयास करते रहे। Sleep Paralysis in Hindi 

Sleeping Paralysis में व्यक्ति को सोने के दौरान या सोने से उठने के बाद या सोने से पहले हिलने डुलने में असमर्थता महसूस करता है। यह शारीरिक असमर्थता कई सेकंड से लेके कुछ मिनटों तक हो सकती है। हालांकि यह बीमारी जानलेवा नहीं है परंतु इसके साइड इफेक्ट आपको बड़ी समस्या में डाल सकते हैं। 

हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि नींद पक्षाघात के लक्षणों में तीव्र anxiety की शिकायत भी हो सकती है।

Sleeping Paralysis(नींद पक्षाघात) क्या है? ( What is Sleeping Paralysis) 

Sleep Paralysis in Hindi

बीमारी को नींद का लकवा इसलिए कहा गया है क्योंकि यह बीमारी आपको सोते समय ही अपनी गिरफ्त में लेती है। sleep Paralysis के दौरान मानव शरीर जब नींद में होता है, तब वह पूरी तरह से बोलने में और कोई भी प्रक्रिया करने में पूरी तरह असमर्थ होता है। जी हां बिल्कुल जैसे व्यक्ति को लकवा मार जाता है। 

उसी तरह पर इसमे चिंतित होने की बात यह है, कि यह आप असमर्थता महसूस कर रहे होते हैं। उस समय आपका दिमाग पूरी तरह जागरूक होता है। यानी कि आप तो जाग रहे होते है पर आपका शरीर sleep Paralysis की स्टेज में होता है। 

और स्थिति तब तब पैदा होती है। जब भी आप सोने के लिए जाते है तब, सोने के बीच में और सोने के बाद जागने वाले होते है तब, ऐसी स्थिति में आपको लगता है कि यह आपके शरीर की मामूली प्रक्रिया है परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता। Sleep Paralysis in Hindi 

शुरुआत में आपको बोलने और हिलने डुलने में असमर्थता सिर्फ सोते समय मेहसूस होती है। हालांकि आगे चलकर यह स्थिति और गंभीर होने की तरफ बड़ती है।

 इस तरह की बीमारी में आपको इतने ज्यादा भयानक सपने आते है, जो आपकी रूह को कंपा दे और आप कोशिश करते है, उठने की, जागने की पर आप इसमे पूरी तरह असमर्थ होते है।

 साफ शब्दों में आपका मन काफी पहले जाग चुका होता है पर यह स्थिति आपको पूरी तरह शिथिल रखती है। इस तरह के सपने आपके भीतर तीव्र भय और उच्च स्तर की चिंता को बड़ा देते हैं । Sleep Paralysis in Hindi 

Sleep paralysis की अगली स्टेज में यह बीमारी आपको जागते समय भी जकड़ना शुरू कर देती है और उस स्थिति को “हिप्नोपोम्पिक स्लीप पैरालिसिस” (hypnopompic sleep paralysis) के नाम से जाना जाता है। 

वही जब आप सोते समय इसी बीमारी को महसूस करते हैं तो इसे “hypnagogic sleep paralysis” बीमारी और लक्षण एक ही है बस शुरुआत hypnagogic sleep paralysis से होती है और फिर धीरे धीरे यह आपको hypnopompic sleep paralysis में भी डाल देती है। 

यदि आप sleep paralysis को अन्य स्थितियों से स्वतंत्र महसूस करते हैं, तो इसे पृथक नींद पक्षाघात (ISP)  (isolated sleep paralysis) कहा जाता है। 

यदि ISP के यह लक्षण आपको अत्यधिक तीव्र लगते है तब यह स्थिति Recurrent Isolated Sleep Paralysis (RISP) कहलाती है। 

नींद पक्षाघात के समय इंसान की इंद्रियां और जागरूकता बरकरार रहती है, लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हो सकता है कि उन पर तीव्र दबाव है, या मानो उनका दम घुट रहा है।

नींद पक्षाघात आपको मतिभ्रम और तीव्र भय के साथ भी हो सकता है।Sleep Paralysis in Hindi 

हालांकि यह विकार जानलेवा नहीं है , लेकिन फिर भी यह समस्या चिंता का कारण बन सकती है।  यह बीमारी नींद से जुड़ी अन्य बीमारियों के साथ भी हो सकती है , जैसे कि नार्कोलेप्सी।

नींद पक्षाघात की बीमारी अधिकतर किशोरावस्था के दौरान शुरू होती है, और बीमारी खासकर 20 और 30 की उम्र के दौरान बार-बार हो सकती है। हालांकि यह कोई गंभीर खतरा नहीं है।

नींद पक्षाघात के दौरान महसूस होने वाले कुछ लक्षण 

  • वेस्टिबुलर-मोटर: 

घूमने, गिरने, तैरने, उड़ने, या अपने शरीर के ऊपर किसी के मँडराने या किसी अन्य प्रकार की ऐसी भावना जो आपको विचलित करती है। 

  • Incubus :

आपकी छाती पर दबाब महसूस होना, किसी भयानक द्रोही द्वारा आपका गला घोंटने की कोशिश या , गला घोंटने के साथ साथ आपका यौन उत्पीड़न होना के अलावा साँस लेने में तकलीफ होना। 

  • आपके कमरे में अचानक किसी के घुस आने की आवाज आना, डरावना महसूस करना। 

नींद पक्षाघात के अनुभवों को सदियों से प्रलेखित किया गया है।  बेशक व्यक्ति किसी भी देश या विभिन्न संस्कृतियों से ताल्लुक रखता हो बीमारी का अनुभव सभी के लिए एक समान होगा। 

यह बीमारी काफी संक्षिप्त है और इसे जीवन के लिए खतरा नहीं माना गया है, लेकिन व्यक्ति इसे भूतिया और भयावह बीमारी के रूप में याद कर सकता है।Sleep Paralysis in Hindi 

Sleeping Paralysis के बारे में कुछ जानने योग्य तथ्य – 

  • Sleep paralysis आपके तनाव और चिंता के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। 
  • नींद पक्षाघात के दौरान आप मतिभ्रम जैसी लक्षणों को भी महसूस कर सकते हैं। 
  • इस बीमारी के एपिसोड कुछ सेकंड से लेके कुछ मिनटों तक लगातार हो सकते हैं। 
  • Sleep paralysis के लक्षण किशोरावस्था के लोगों को अधिक महसूस हो सकते हैं। 

Sleep paralysis (नींद पक्षाघात) के कारण – Causes Of Sleep Paralysis 

Sleep paralysis एक आम और समान्य बीमारी है। लगभग हर व्यक्ति के जीवनकाल में इसका थोड़ा बहुत असर दिखता ही है । लेकिन इसके बढ़ते हुए लक्षण चिंता का कारण बन सकते हैं। 

नींद पक्षाघात पर किए गए तमाम शोध बताते है कि किसी भी व्यक्ति को यह विकार होने की संभावना तब सबसे अधिक होती है जब वह किसी तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा होता है। हालांकि इसके होने के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं। Sleep Paralysis in Hindi 

जब हम सोते है उस समय हमारे शरीर की पूरी मांसपेशियां आराम की अवस्था में होती है। कल्पना कीजिए यदि ऐसा ना हो तो क्या हो सकता है? जब आपका मांसपेशियां आराम की अवस्था में नहीं होगी तो आप सपने के माध्यम से खुद को चोट पहुंचा सकते है। सोते समय हमारे शरीर की यह अवस्था हमे इस तरह के खतरे से बचाती है। 

Sleep paralysis होने के लिए सबसे बड़ा कारण है कि जब हम अपनी REM (Rapid Eye Movement) नींद में होते है उसके बीच में विखंडन, या कोई व्यवधान उत्पन्न होना। REM नींद हमारे शरीर की सबसे गहरी और उपयोगी नींद होती है जिसमें हम सबसे गहरी और अचेत अवस्था में सो रहे होते हैं। यदि यह नींद पूरी तरह ठीक से पूरी नहीं होती तो निश्चित रूप से कई शारीरिक और मानसिक बीमारियाँ हो सकती है। अधिकतर मानसिक बीमारियों और तनाव का कारण REM नींद को ठीक तरह से पूरा ना करने के कारण ही होती है।Sleep Paralysis in Hindi  

तो हम कह रहे थे कि यह sleep paralysis हमारी REM नींद के विखंडन(टूटने) के कारण हो सकता है। हमारा शरीर दो तरह की नींद लेता है – 

  • REM (Rapid Eye Movement) 
  • NREM (Non-Rapid EYE MOVEMENT) 

तो जब आप so रहे होते है तो नींद की इन दोनों में से किसी एक स्थिति में होते हैं। अब जब REM में होंगे तब तो आपको कुछ समझ आएगा ही नहीं। आम तौर पर REM – NREM नींद का एक चक्र लगभग 90 से 100 मिनट का हो सकता है।Sleep Paralysis in Hindi 

 और जब हम सोते है तो उसमे ज्यादतर हिस्सा NREM नींद का होता है, और इसी दौरान हम आराम करते है। और जब आप REM नींद में होते है उस समय आपकी आँखे काम करने लगती है, जी हाँ आपकी बंद आँखे काम करती है, तभी तो आप सपने देखते हैं। परंतु शरीर तो शिथिल ही रहता है। और यही वह समय होता है जब आप सपने देख रहे होते हैं। 

नींद पक्षाघात के समय sleep paralysis के संक्रमण के कारण आपका मष्तिक REM नींद को प्रभावित करता है।

Sleep paralysis में आपके मस्तिष्क और REM नींद के दौरान तालमेल बैठना मुश्क़िल हो जाता है या तालमेल बैठता ही नहीं है इसी कारण से यह विकार सामने आता है। इंसान की चेतना को जगी हुयीं होती है पर शरीर लकवा ग्रस्त हो जाता है। Sleep Paralysis in Hindi 

हमारे दिमाग के वह हिस्से जो खतरों का पता लगाने के लिए जाने जाते है वह बहुत ज्यादा संवेदनशील और सक्रिय होते हैं और जब , REM नींद के बेकार तालमेल के कारण वह खतरा महसूस कराने लगते है। जिससे आपको डरावने सपने या भयावह स्थितियाँ प्रकट होने का अनुभव होने लगता है। 

Sleep paralysis के अन्य मुख्य कारण निम्न हो सकते हैं :

  • कई बार बढ़ते हुए तनाव के कारण आपक बेहतर नहीं ले पाते इस वज़ह से भी sleep paralysis के लक्षण देखे जा सकते हैं। 
  • पीठ के बल सोने के कारण। 
  • अनिद्रा, चिंता दर्द इत्यादि। Sleep Paralysis in Hindi 
  • सोने के समय में जल्दी जल्दी बदलाव आना। 
  • अनुवांशिक पारिवारिक इतिहास के कारण भी sleeping paralysis स्वभाविक रूप से देखी जा सकती है। 

इसके अतरिक्त अन्य कुछ चिकित्सीय कारणों से भी sleep paralysis का अनुभव किया जा सकता है :

  • अनियमित नींद के कारण जैसे आप बार बार अपनी शिफ्ट बदलते है। 
  • डिप्रेशन (अवसाद) 
  • माइग्रेन
  • ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया
  • Bipolar disorder 
  • Hypertension 
  • Anxiety disorder 
  • अत्याधिक नशीले पदार्थों का सेवन ।
  • post-traumatic stress disorder (PTSD)
  • psychiatric बीमारी के लक्षणों के कारण। 
  • नींद से जुड़ी अन्य किसी बीमारी के कारण। 

इस तरह के कारणों से आप sleep paralysis से ग्रसित हो सकते हैं। आगे हम आपको स्लीप paralysis के लक्षणों को बताने जा रहे है, लेख में हमारे साथ बने रहें.. 

Sleep paralysis के लक्षण – Symptoms Of Sleep Paralysis In Hindi 

स्लीप पैरालिसिस (नींद पक्षाघात) के कारण, लक्षण और इलाज

Sleep paralysis होने के लक्षण निम्न हो सकते हैं :

  • जागते या सोते समय एक second या कुछ मिनटों तक बॉडी को हिलाने में नाकाम होना। 
  • सोते हुए होश के साथ जागना। 
  • Sleep paralysis के दौरान बोल ना पाना। 
  • छाती वजन या दबाब महसूस होना। 
  • भय युक्त हो जाना। 
  • सोते समय डर लगना। 
  • महसूस होना की आप मरने वाले है। 
  • सिर दर्द और आँखों में दर्द।
  • पसीना आने लगना। 
  • अजीबोगरीब आवाजें आना। 
  • लगातार डरावने और भयानक सपने आना। 
  • दिमाग में हमेशा अजीब सी घबराहट होते रहना। 

नींद पक्षाघात के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि आपको यह लक्षण महसूस होते है तो आपको नीचे बताये गये इलाज को घर पर रहकर ही शुरू कर देना चाहिए। यदि आपने इन लक्षणों को नजरअंदाज किया तो आगे चलकर यह कई तरह की मानसिक और शारीरिक बीमारियों का कारण बन सकते हैं। जिसमें से कुछ बीमारियाँ आपको जीते जी मारने का काम करती है। Sleep Paralysis in Hindi 

स्लीप पैरालिसिस (नींद पक्षाघात) से कैसे बचे ?

आप अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे मोटे बदलाव करके भी इस तरह के डरावने विकार से बच सकते हैं। इसके लिए आपको अपने जीवन में निम्न तरह के बदलाव करने होंगे :

ऐसे कुछ बदलाव करके आप sleep paralysis को काफी प्रभावित करके रोक सकते हैं। हमारी नींद सबसे महत्पूर्ण क्रिया है इसमे कोई खलन पैदा ना होने दे। 

स्लीप पैरालिसिस का इलाज – Treatment of Sleep Paralysis in Hindi

यह एक ऐसा विकार है जिसके लिए कोई सीधा इलाज नहीं है और ना ही यह विकार बहुत ज्यादा गंभीर बीमारियों वाली श्रेणी में रखा गया है। हालांकि यदि इसके लक्षण गंभीर होते है तो आपको इसके लिए कई तरह के इलाज बताये जाते हैं। Sleep Paralysis in Hindi 

हालांकि इस बीमारी को ठीक करने के लिए कई तरह की दवाइयाँ और खाने पीने की चीजें दे जाती है। मुख्यतः इसका इलाज आपकी जीवनशैली के बदलाव और खान पान से होता है। डॉक्टरों ने जो कुछ खाद्य पदार्थ और हानिरहित दवाइयाँ या उपचार बताये वह सब नीचे लिखे हुए हैं। यदि आप अभी सुरक्षित है और अच्छी नींद का अनुभव करते है तब भी आपको इनमें से कुछ उत्पादों को अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। 

हालाकि जो लोग sleep paralysis के लक्षणों का अनुभव कर रहे है, उन्हें तो इन सभी उत्पादों को इस्तेमाल करना चाहिए और बतायी गयी दिनचर्या का पालन करना चाहिए। स्लीप paralysis के गंभीर होने से पहले इसे रोके वर्ना यह आपको घातक नुकसान भी पहुंचा सकता है। Sleep Paralysis in Hindi 

आमतौर पर सामन्य नींद पक्षाघात में उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।  लेकिन जिन लोगों में sleep paralysis के साथ नार्कोलेप्सी के लक्षण हैं, उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। और यह विशेष रूप से तब और महत्वपूर्ण हो जाता है यदि लक्षण आपके काम और घरेलू जीवन में हस्तक्षेप करते हैं।

Sleep paralysis का इलाज :

व्यायाम करे – 

यदि आप नींद से जुड़े किसी भी बीमारी या असहजता का अनुभव करते है तो आपके लिए व्यायाम करना उतना ही जरुरी है जितना कि भोजन। यदि आप नींद पक्षाघात से ग्रस्त है तो आपको कम से कम सोने से पहले 2 घण्टे की कसरत करनी चाहिए। यह आपको निश्चित रूप से सहायता पहुंचाएगा। यदि आपको कसरत करने का कोई idea नहीं है तो आप नीचे दी गई फिटनेस किताब (fitness book) को खरीदकर आज से ही कसरत शुरू कर सकते हैं। Sleep Paralysis in Hindi 

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पूरी नींद ले

जैसा कि लेख में कई बार जोर दिया गया है कि एक स्वस्थ्य शरीर और स्वस्थ्य जीवन के लिए सबसे उपयोगी है। यदि आप 7 से 8 घण्टे की प्रयाप्त नींद लेते है तो आप खुद को sleep paralysis से बचा सकते हैं। Sleep Paralysis in Hindi 

यदि आप अपनी नींद पूरी करने में असमर्थ है, तो आप डॉक्टर द्वारा बताई गई नीचे दी गई नींद की गोलियों का सेवन कर सकते हैं। यह गोलियां आपकी बेहतर नींद के साथ आपके तनाव और चिंता को काफी कम कर सकते हैं। अपनी बेहतर नींद के लिए आज से ही लीजिए हानिरहित नींद की गोलियां। 

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गोलियों के आलावा एक अच्छी नींद के लिए आपको यह लेख भी पढ़ना चाहिए – “रात को अच्छी नींद लेने के प्रमाणित उपाय..” 

आँखों को नीली रोशनी (blue light) से बचाए  – 

आपकी आँखे अनमोल है, और इन्ही से सब जुड़ा हुया है। मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप आदि से निकलने वाली नीली रोशनी आपकी आँखों की काफी बड़ा नुकसान पहुंचा सकते है और इसी के कारण से आपको नींद नहीं आती और Sleep paralysis के लक्षण दिखने लगते हैं। ब्लू लाइट आपकी आँखों के अंदर उस जगह को नुकसान पहुंचाती है, जो जगह किसी इमेज को बनाती है। 

लंबे समय तक यह समस्या आपको अंधा भी बना सकती है। 

नीली रोशनी से बचने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों की जगह कई तरह के चश्मे मौजूद है, जो आपकी आँखों को नीली रोशनी और खतरनाक UV rays से बचा सकते हैं। डॉक्टर द्वारा सुझाए गए कुछ उपयोगी और उच्च गुणवत्ता के चश्मे आप यहां क्लिक करके खरीद सकते हैं। 

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Sleep paralysis के इलाज के लिए कुछ अन्य उपाय – 

  • सोने से पहले कमरे का तापमान कम रखे 
  • कैमरा लगाकर सोते समय की जा रहीं अपनी गतिविधियों की जाँच करे। 
  • जमीन पर सोकर देखे यदि वहां आपको नींद आती है तो यह आपके लिए बेहतर है। 

जमीन पर सोने के फायदे….

  • सोते समय आँखों पर रोशनी रोकने के आँखों पर स्लीपिंग मास्क पहने। (यहां खरीदे
  • खाने में सरसों का कच्ची घानी तेल का उपयोग करें। (यहां से खरीदे) 
  • सोने से पहले मोबाइल का उपयोग बंद करे। 
  • रात को बहुत ज्यादा भारी खाना ना खाए। 
  • अपनी सोने वाली जगह पर ऑफिस या पढ़ने का काम ना करें। 
  • संडे को सिर्फ आराम और एंजॉय करे काम नहीं। 
  • सोने और पहनने वाले कपड़ों की साफ सफाई रखे। 
  • सफेद चादर का उपयोग करे। 

इस तरह के कुछ Upay करके आप घर पर ही स्लीप paralysis से छुटकारा पा सकते हैं। यदि आपको दिए गए उत्पादों से आराम नहीं मिलता तो आपको Doctar से मिलना चाहिए। दिए गए सभी उपचार आमतौर पर प्रभावी और असरदार है। Sleep Paralysis in Hindi 

नींद पक्षाघात से जुड़े कुछ सवाल – 

  • क्या नींद में आने वाले डराने वाले सपनों से चोट लगने का खतरा हो सकता है? 

उत्तर – नहीं, यह सिर्फ आपको मानसिक स्तर पर चोट पहुँचा सकता है। बहुत ज्यादा घबराहट के कारण दिल का दौरा पढ़ सकता है। 

  • Sleep paralysis किसे हो सकता है? 

उत्तर – यह किसी को भी हो सकता है यहां तक कि हर व्यक्ति को इसका सामना कभी ना कभी करना पड़ता है परंतु इसके स्तर अलग अलग हो सकते हैं। 

निष्कर्ष :

हमारे शरीर की मूल आवश्यकताओं को समझे। यदि आप अपने शरीर की गतिविधियों के विरुद्ध जायेगे प्रकृति के खिलाफ जायेगे तो निश्चित ही आपको इसके दुष्प्रभाव देखने को मिलेंगे। Sleep paralysis भी उन्हें दुष्प्रभावों में से एक है। और यह जरुरी है, कि आप इसके लक्षणों से निजात पाए। Sleep Paralysis in Hindi 

यदि स्थिति आपके आपे से बाहर है तो आपको तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की आवश्यकता है। डॉक्टर आपके ऊपर कई तरह की जाँच करके आपके नुकसान को समझेगा उसके बाद कुछ दवाइयाँ लिखेगा। 

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By Nihal chauhan

मैं Nihal Chauhan एक ऐसी सोच का संरक्षण कर रहा हू, जिसमें मेरे देश का विकास है। में इस हिंदुस्तान की संतान हू और मेरा कर्तव्य है कि में मेरे देश में रहने वाले सभी हिंदुस्तानियों को जागरूक करू और हिंदी भाषा को मजबूत करू। आपके सहयोग की मुझे और हिंदुस्तान को जरुरत है कृपया हमसे जुड़ कर हमे शेयर करके और प्रचार करके देश का और हिंदी भाषा का सहयोग करे।

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