Depression ke Lakshan Aur Upay मित्रों आज मनुष्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य तकलीफों में अवसाद सर्वप्रथम स्थान पर आता है, आखिर ऐसा क्यों है? क्या आपने कभी विचार किया है, कि आखिर डिप्रेशन का इतना प्रभाव अचानक से क्यों बढ़ने लगा है? वही बात अगर पुरषों की हो तो दुनिया में डिप्रेशन से सबसे ज्यादा पीड़ित लोग पुरुष जाति से ही है।

 फिर यह भी एक सवाल बड़ा सवाल बनता है कि पुरषों को ही क्यों ये बीमारी अपनी गिरफ्त में ले रही है। हालांकि महिलाएं भी बड़ी संख्या में अवसाद का शिकार होती है पर पुरषों की तुलना में काफी कम है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

सर्वप्रथम हमे यह समझने की आवश्यकता है, कि महिलाओं और पुरुषों में शारीरिक और मानसिक तौर से काफी बड़े अंतर होते हैं। यही कारण है कि पुरषों और महिलाओ की कई सारी बीमारियाँ अलग होती है और जाहिर सी बात है दोनों लोगों की मानसिकता में भी भारी अन्तर होता है। 

हालांकि जरूरी नहीं कि हर बार आपको इस तरह का अन्तर देखने को मिले। कई बार एक मानसिकता के महिला और पुरुष भी देखने को मिलते हैं पर ये बहुत कम है। 

Oxford University के प्रोफेसर द्वारा किए गए शोध बतातें है कि महिलाओं के डिप्रेशन के लिए 79% तक पुरषों को जिम्मेदार माना गया है जबकि पुरूषों के डिप्रेशन के मामलों में सिर्फ 35% महिलाये जिम्मेदार थी। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

अन्तर साफ है पुरषों को अन्य कई तरह की परिस्थितियों से गुजरना होता वही महिलाओं का जीवन एक सीमित परिधि में व्यतित हो जाता है। सम्भवतः यही कारण है कि महिलाएं डिप्रेशन का शिकार पुरषों से कम होती है। 

इससे पहले हम पुरषों के डिप्रेशन (अवसाद) के बारे में विस्तार से समझे जरुरी है कि पहले हम यह समझ ले आखिर :

डिप्रेशन (अवसाद) क्या है? (What is depression?)

Depression ke Lakshan Aur Upay

डिप्रेशन को mood disorder के रूप में भी जाना जाता है। और इसके दौरान आप बहुत ज्यादा गुस्सा और दुखी होते हैं। डिप्रेशन को दुखी मन , हानि, या बहुत तीव्र क्रोध की भावनाओं के रूप में वर्णित किया जा सकता है। मष्तिक में उठने वाली यह भावनायें किसी भी व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों में पूरी तरह हस्तक्षेप करती हैं।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

अवसाद कोई बहुत बड़ा मानसिक विकार नहीं है, आमतौर पर यह समान्य ही होता है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र(CDC) के a अनुसार  20 वर्ष और उससे अधिक आयु के 8.1 प्रतिशत भारतीय वयस्कों को 2013 से 2016 तक किसी भी 2-सप्ताह की अवधि में अवसाद था।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

जरुरी नहीं नहीं सभी लोग एक ही तरह से अवसाद का अनुभव करे। सभी के अनुभव अलग अलग होते हैं। डिप्रेशन आपके दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप करता है जिससे आपका समय बेकार चला जाता  है। 

जिसके परिणामस्वरूप आपकी हर तरह की हानि होती  जिसमें समय की हानि, पैसे की हानि, रिश्तों की हानि और  और कुछ पुरानी स्वास्थ्य स्थितियों को भी प्रभावित कर सकता है।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

डिप्रेशन के कारण कुछ गंभीर रोगों जिनसे आप पीड़ित हो सकते हैं यदि पहले से पीड़ित थे तो यह आपकी उन स्वास्थ्य स्थितियों को और अधिक बिगाड़ सकता है। 

डिप्रेशन (अवसाद) के कारण होने वाली बीमारी – 

  • वात रोग (arthritis
  • मोटापा 
  • मधुमेह (शुगर) 
  • कर्क रोग (cancer) 
  • अस्थमा 
  • ह्रदय रोग 

हर किसी की जिंदगी में अलग अलग किस्म की समस्याएं होती है। अब समस्याएँ क्या होती है? यह तो मुझे आपको बताने की आवश्यकता नहीं होगी? मित्रों डिप्रेशन हमारी उस मानसिक स्थिति को कहते है जब हम अपने जीवन में होने वाली आम समस्याओ, दर्द को बहुत ज्यादा करीब से महसूस करने लगते है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

इसी कारण से हमारा मन पूरी तरह से नकारात्मक प्रभाव से डूब जाता है। हमे ऐसा लगता है, कि सब कुछ ठीक है, सबके काम बन रहे है पर सिर्फ आपके साथ ही बुरा होता है और आप इस बात को अपने मन में बैठा लेते हैं। 

इतनी सी बात जब एक लंबे समय तक आपके मन में भी रहती है, तो इससे भीषण तनाव उत्पन्न होता है और यही तनाव धीरे-धीरे हमारे मस्तिष्क की क्रियाओं को प्रभावित करने लगता है और यह एक ऐसी स्थिति होती है, जब आपकी जिंदगी में कुछ अच्छा भी होता है तब भी आप उसकी खुशी का अनुभव नहीं करते।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

 कुल मिलाकर आपके मन में, आपके दिमाग में बहुत ज्यादा तनाव होने के कारण आपकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि आप खुशी नाम की चीज ही भूल जाते हैं। आप मुस्कुराना भूल जाते है, मुस्कुराने से मतलब कि अंदर से खुश होना ऊपर से मुस्कुराना एक भौतिक क्रिया है मानसिक नहीं। 

तो जब आप यहीं भूल जाए कि चाय का स्वाद क्या है? तो आप कितनी भी चाय लीजिए आपको संतुष्टि होने वाली नहीं है और यही फार्मूला यहां चाय की जगह आपके जीवन की खुशियो से सबंधित है। 

अवसाद एक ऐसी मानसिक तनाव का नाम है जिसमें आपको अपने जीवन की किसी भी क्रिया से संतुष्टि महसूस नहीं होती। बहुत लंबे समय तक डिप्रेशन रहने पर मानव शरीर कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है, जिससे आपकी जान जाने का खतरा स्वाभाविक होता है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

बीमारियों से तो व्यक्ति एक बार ठीक हो भी सकता है पर डिप्रेशन में व्यक्ति की जीने की इच्छा खत्म होने लगती है क्योंकि उसे लगता है कि उसके जीवन में जीने लायक कुछ भी नहीं है। यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है, जिसमें व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है और प्रतिदिन होने वाली आत्महत्याओं में 82% लोग अवसाद से ग्रस्त होते हैं। 

डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षण 

डिप्रेशन के लक्षण आपकी सोच से परे हो सकते हैं। यह सभी में अलग अलग होते है बच्चों में अलग, महिलाओं में अलग और पुरषों में अलग सबसे पहले हम पुरषों में डिप्रेशन के लक्षणों की बात करते हैं :

पुरषों में डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षण 

सामाजिक और मानसिक परिस्थितियों के संयोजन के कारण पुरषों में डिप्रेशन के लक्षणों का पता लगाना एक मुश्किल काम है। यही कारण पुरषों के इलाज को और भी पेचीदा बना देता है। पुरषों के ऊपर अपने “मर्दाना” व्यावहार को दर्शाने का पारंपरिक दबाब होता है जिससे नीचे वह डूबते चले जाते हैं।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

 वह अपनी समस्याओं को किसी के सामने नहीं रखते उन्हें लगता है वह एक मर्द है और इस तरह की समस्याएं सबके साथ साझा करने से उनकी पुरषों वाली प्रतिष्ठा पर आंच पहुंचेगी। और इसीलिए वह अकेले ही मानसिक विकारों से ग्रस्त होकर जीवन जीते रहते हैं और आगे चलकर यही समस्या उनकी जान पर बन आती है। 

यदि आपको लगता है कि आप या आपका कोई प्रिय मित्र या साथी व्यक्ति (डिप्रेशन) अवसाद से जूझ रहा है, तो उन संकेतों और लक्षणों के बारे में जानने के लिए हमारा लेख पूरा पढ़ें जो पुरुष अनुभव कर सकते हैं और इससे आप अपनी आगे की उन्हें ठीक करने की तैयारी कर सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

महिलाओं / पुरषों में डिप्रेशन के शारीरिक लक्षण 

जबकि डिप्रेशन को एक मानसिक बीमारी या विकार समझा जाता है फिर भी इसके लक्षणों को पीड़ित के शरीर पर देखे जा सकते हैं। कई बार लोग अपनी भावनात्मक स्थिति को डॉक्टर को बताने की जगह शारीरिक बदलावों की वज़ह से डॉक्टर के पास जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति अवसाद से ग्रस्त है, तो आप उसके भीतर निम्न लक्षण देख सकते हैं :

  • छाती में जकड़न महसूस होना 
  • स्तंभन दोष (Erectile dysfunction) और अन्य यौन समस्याएं
  • दिल की धड़कन तेज होना 
  • दर्द
  • पेट से संबंधित विकार जैसे गैस, कब्ज, दस्त इत्यादि
  • सिर और आँखों में दर्द 
  • कभी कभी वजन बढ़ते जाना (कभी कभी वजन कम होना) 
  • सेक्स हार्मोन में कमी आना 

यह कुछ ऐसे लक्षण है जो खासकर पुरषों में देखने को मिलते हैं हालांकि महिलाओं को भी हो सकते हैं। 

पुरषों को डिप्रेशन से होने वाले मानसिक लक्षण 

डिप्रेशन के दौरान पुरषों की मानसिक स्थिति में कई बदलाव होते है जिससे आप काफी समझ पायेगे की कहीं आप डिप्रेशन से तो नहीं गूजर रहे? पुरषों में डिप्रेशन के दौरान होने वाले मानसिक लक्षण निम्न है :

  • आक्रमक गुस्सा
  • चिड़चिड़ापन 
  • चिंता 
  • बैचैनी 
  • उलझन 
  • उदासी 
  • निराशाजनक प्रदर्शन और व्यावहार 
  • इच्छाओं का खत्म होना, कोई रुचि नहीं होना। 
  • आपकी पसंदीदा गतिविधियों और क्रियाओं में मजा ना आना। 
  • बहुत जल्दी थक जाना। 
  • आत्महत्या के विचार आना। 
  • बहुत ज्यादा शराब पीना या अन्य कोई नशा करना। 
  • दवाओं का सेवन करना 
  • नींद ना आना, बहुत ज्यादा नींद आना, रात को नींद पूरी ना होना, अनिद्रा 
  • रिस्क लेना 
  • सेक्स करने की इच्छा ना होना 
  • सेक्स के दौरान खराब प्रदर्शन 
  • ध्यान एकाग्रता में कमी 
  • कोई कार्य पूरा ना कर पाना 
  • पेट से संबंधित रोग जैसे कब्ज, दस्त, गैस इत्यादि 
  • भूख ना लगना 

बच्चों में डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षण 

डिप्रेशन का शिकार हर कोई हो सकता है और इस विकार से आजकल के बच्चे भी अछूते नहीं बचे है। आपको अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना चाहिए जिसके लिए आप उनकी दैनिक गतिविधियों को एक डायरी में लिखकर उन्हें और बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

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बच्चों में अवसाद के लक्षण निम्न हो सकते हैं :

मूड – 

  • रोना 
  • चिड़चिड़ापन 
  • ग़ुस्सा 

व्यावहार – 

  • विद्यालय में परेशानी होना 
  • पढ़ाई के लिए मना करना 
  • दोस्तों से या भाई बहनों से दूर रहना 
  • अकेले रहना 
  • मरने के विचार आना 
  • अपने करीबियों से लड़ना 

क्षमता – 

  • थकान 
  • कमजोरी 
  • वजन कम होना, या ज्यादा होना 
  • मन ना लगना 
  • ध्यान एकाग्रता में कमी 

शारीरिक – 

  • उत्साहित ना दिखना 
  • खाना ना खाना 
  • भूख में कमी 
  • पेट से संबंधित बिकार 

अवसाद के यह लक्षण और अधिक बदतर हो सकते हैं। जिसमें पागलपन, अजीब हरकते करना भी शामिल है। 

डिप्रेशन (अवसाद) होने के कारण 

डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें कई विभिन्न विशेषताएं हो सकती है। ऐसे कारणों को बहुत अधिक विस्तार से समझना बेहद जरूरी है जिनसे हम डिप्रेशन का शिकार होने से बच सके। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

अवसाद होने के निम्न कारण हो सकते हैं :

  • अनुवांशिक पारिवारिक इतिहास – 

यदि आपके माता पिता या अवसाद से पीड़ित कोई पारिवारिक इतिहास रहा है तो ऐसी स्थिति में आपको डिप्रेशन होने का सबसे अधिक खतरा होता है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

  • बचपन का कोई हादसा (ट्रॉमा) – 

ऐसी कोई व्यापक घटना जो बचपन में आपके साथ हुयी या आप उस घटना के साक्षी है तो यह आपको अवसाद के करीब ले आती है। 

  • दिमाग की संरचना – 

यदि आपके मस्तक का frontal lobe (ललाट) का कम सक्रिय होना भी आपको डिप्रेशन में डाल सकता है। परंतु वैज्ञानिक यह नहीं जानते कि यह स्तिथि अवसाद के बाद आती है या पहले। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

  • नशा युक्त दबाई का सेवन – 

लंबे समय से किसी नशीली दवा का सेवन कर रहे है तो निश्चित रूप से आप अवसाद से ग्रस्त हो सकते हैं। 

आपको नशीली दवाओं के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह आपके शरीर से खुश होने वाले हार्मोन का उत्पादन रोक देते हैं। इसी wajh से आप डिप्रेशन से पीड़ित हो जाते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

  • कुछ स्वास्थ्य बीमारियाँ – 

कुछ शारीरिक बीमारियाँ भी अवसाद को बढावा दे सकती है जिसमें मुख्य रूप से – अनिद्रा, गम्भीर दर्द,  APHD(attention-deficit hyperactivity disorder) शामिल है। 

यह कुछ मुख्य कारण थे जिनकी वज़ह से आपको डिप्रेशन होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। हालांकि ऐसे और भी कई कारण है जो आपको अवसाद से कारण कर सकते हैं। 

  • अचानक से जीवन में कोई बड़ा बदलाव आए जैसे – 

1- किसी प्रिय जगह को छोड़कर कहीं और जाना पड़े। 

2- किसी प्रियजन का मर जाना। 

3- कोई बड़ा आर्थिक नुकसान होना। 

4- किसी अपने प्रिय व्यक्ति से संबंध टूटना। 

  • कई बार शरीर के हार्मोनल बदलाव नहीं अवसाद का कारण बन जाते हैं। जैसे – thyroiditis, menopause इत्यादि 
  • मौसम में बदलाव भी आपको अवसाद ग्रस्त कर सकता है पर यह मौसम के बदलने के साथ ठीक हो जाता है। 
  • हमारे मस्तिष्क में खुशियो या किसी मजेदार अनुभव के लिए जिम्मेदार हार्मोन का स्राव कम होना या असंतुलित होना भी हमे अवसाद की तरफ ले जाता है। हमारे मस्तिष्क के निम्न हार्मोन का असंतुलन अवसाद के लिए जिम्मेदार होते हैं। 

Serotonin, Dopamine या  Norepinephrine

निम्न स्थितियों में आपके अवसाद ग्रस्त होने का खतरा अधिक होता है :

कई कारण है जो आपको डिप्रेशन से पीड़ित करने के लिए सबसे आतुर होते हैं जैसे कि :

  • यदि आप एक महिला है। (महिलाओं को पुरषों की तुलना में डिप्रेशन से जल्दी ग्रसित होती है) 
  • यदि आप एक समलैंगिक, समलैंगिक, उभयलिंगी  या ट्रांसजेंडर  है। 
  • ड्रग्स और शराब का सेवन करने वाले है। 
  • एक भावनात्मक व्यक्ति है। 
  • नींद की गोलियां लेते हैं। 
  • यदि लोग आपका आत्मसम्मान नहीं करते । 
  • आपका खुद का आत्मसम्मान कम है (ऐसा आप समझते है कि कम है पर कम होता नहीं है) । दुनिया की ऐसी जगह रहते है, जहां रात लंबी और दिन छोटे होते हैं। 

डिप्रेशन (अवसाद) के प्रकार 

मुख्य रूप से अवसाद को दो श्रेणियों में बांटा गया है। अवसाद के दोनों ही प्रकारों में कुछ लक्षणों का बदलाव देखने को मिलते हैं।

 अवसाद के प्रकार निम्न है :

  • Major depressive disorder (MDD) प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार

अवसाद के इस रूप में आपको सिर्फ 2 सप्ताह के भीतर निम्न लक्षणों का आभास हो जाएगा। 

  • पूरे दिन उदासी 
  • पूरे समय किसी रुचि में रुचि ना होना 
  • अत्यधिक वजन घटना या बढ़ना 
  • काफी ज्यादा नींद या बिल्कुल ही नींद नहीं 
  • सोचने की शक्ति खत्म होना 
  • खुद को गुनाहगार समझना और भीतर से gussa 
  • Persistent depressive disorder (PDD) लगातार अवसादग्रस्तता विकार

अवसाद के इस रूप को डायस्टीमिया भी कहा जाता है। यह अवसाद का एक हल्का रूप है जिसमें यह पुराने विकारों को उजागर करने लगता है। निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं :

  • आत्मसम्मान में कमी 
  • निराशाजनक प्रदर्शन 
  • भीतर से उदासी 
  • चिड़चिड़ापन 
  • गुस्सा 
  • चिंता 

डिप्रेशन का इलाज सम्भव है। डिप्रेशन  को शुरुआती दौर मे रोकने के लिए आपको इसे समझना जरूरी है हालांकि शुरुआती डिप्रेशन का इलाज आप हमारे सुझाए हुए कुछ उत्पाद खाकर घर पर रहकर ही कर सकते हैं। उत्पादों को ख़रीदने के लिए लेख के अंत में दी गई लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

डिप्रेशन का इलाज 

डिप्रेशन के साथ जीना एक बड़ी सजा की तरह होता है। यह आपको कई तरह से नुकसान पहुंचाता है और कई बार तो यह आपको मृत्यु तक पहुंचा देता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका इलाज सम्भव नहीं है। यदि आप चाहे तो डिप्रेशन का इलाज बड़ी आसानी से हो सकता है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

डिप्रेशन का इलाज करने के कई तरह के घरेलू और मेडिकल और थेरपी उपाय है। 

डिप्रेशन में दी जाने वाली मेडिकल दवाइयाँ – 

  • Anti anxiety 
  • Antidepressant 
  • antipsychotic दवाइयाँ 

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नोट – हो सकता है दवाइयाँ खाने के बाद आप खुद को कम सक्रिय महसूस करे पर इसमे घबराने जैसा कुछ भी नहीं है। यह दवाई खाने के समान लक्षण है जो दर्शाते है कि दवा असर कर रही है। दी दवाइयाँ पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी डॉक्टरों द्वारा चुनी हुयी और प्रमाणित है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

डिप्रेशन से निकलने के लिए पढ़े सकारत्मक किताबें – (Books For Depression) 

किताबों का उपयोग डिप्रेशन में करना आपके लिए काफी उपयोगी सिद्ध होगा। यदि आपने पहले कभी किसी किताब को नहीं पढ़ा है तो किताब पढ़ने का ये नया अनुभव आपके लिए काफी उत्साही और आपके भीतर सकारात्मकता भर देने वाला होगा।(Depression ke Lakshan Aur Upay )

किए गए कई अध्ययनों में पाया गया कि किताब पढ़ने का सीधा प्रभाव आपके मस्तिष्क पर पड़ता है। किताबों के सकारत्मक प्रभाव को देखने के लिए आपको नीचे दी गई किताबों को पढ़ना चाहिए यह किताबें कोई आम किताबे नहीं है। यह किताबे आपके जीवन को बदलने की क्षमता रखती है। 

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 डिप्रेशन के दौरान क्या खाना चाहिए – 

डिप्रेशन के दौरान आपको अपने खान पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसीलिए विशेषज्ञों द्वारा कुछ ऐसी खाने की चीजें बताई गयी है जो आपके डिप्रेशन को कम करने में सहायक होती है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

डिप्रेशन से पीड़ित लोगों को और डिप्रेशन से बचने के लिए लोगों को निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए :

  • चुकंदर – विटामिन्स, फोलेट,यूराडाइन और मैग्निशियम से भरपूर चुकंदर आपको डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए एक उपयोगी अहार है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )
  • हरि सब्जियाँ खाए खासकर पत्तेदार हरि सब्जियाँ जैसे पालक, पत्ता गोभी, मूली के पत्ते इत्यादि 
  • टमाटर –  टमाटर में पाया जाने वाला यौगिक लाइकोपीन आपको अवसाद से लड़ने में मदद करता है, इसके अतरिक्त टमाटर खनिजों से भरपूर होता है। अवसाद में टमाटर खूब खाना चाहिए जिससे आप जल्दी ही ठीक होंगे। और एक बार फिर से जिदंगी का असली मजा ले पाएंगे। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

ऑइल – 

  • अपने खाने में olive oils का उपयोग करें यह आपके शरीर के रक्तप्रवाह को सुनिश्चित करके हार्मोंस को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

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  • जंगली अदरक (wild ginger) :  जंगली अदरक की तेज गंध को अंदर लेने से आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं। जिससे डिप्रेशन को कम करने में मदद मिलती है और यह तनाव-उत्प्रेरण वाले हार्मोन की रिहाई को धीमा कर सकता है। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

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हालांकि कुछ अन्य तेल भी आपको शांति पहुंचाने का काम कर सकते हैं जिसमें गुलाब का तेल, और चमेली का तेल शामिल है। आप तेलों की गंध लेकर लक्षणों से राहत पा सकते हैं। इलाज लेने की इस पद्धति को अंग्रजी में Aromatherapy कहते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

Junk food 

  • डिप्रेशन से पीड़ित इंसान का खाने पीने का कोई रूटीन नहीं होता और वह बहुत ज्यादा जंक फूड खाना पसंद करता है। आपको अवसाद से बचने के लिए जंक फूड का सेवन पूरी तरह रोक देना चाहिए। 
  • मीट मसाला खाने से बचे। 
  • समय पर भोजन करे, ज्यादा रात को खाना ना खाए। 
  • ज्यादा मीठा या ज्यादा नमकीन खाने से बचे। 
  • नशीले पदार्थों का सेवन बंद कीजिए या सीमित कीजिए। 

नशा छोड़ने के उपाय 

  • कैफीन का सेवन बिल्कुल कम करदे जैसे कॉफी, चाय इत्यादि 

डिप्रेशन को कम करने में सहायक खनिजों और पोषक तत्वों से भरपूर सप्लिमेंट्स यहां से खरीदे.. 

डिप्रेशन से घरेलू उपाय 

भारतीय घरों के रसोई घर किसी मेडिकल से कम नहीं होते। आप चाहे तो अपने रसोई घर में मौजूद कुछ चीजों से अवसाद के लक्षणों को कम कर सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

काजू – 

डिप्रेशन के दौरान काजू का सेवन करने से आप अवसाद के लक्षणों से को कम कर सकते हैं। 5-6 काजू पीस कर  एक कप गरम दूध में मिलाकर पीए। 

बेर (Berry) –

बेर खाने से आपको कई फायदे होते हैं लेकिन यदि आप बेरो के आधा चम्मच रस को निकाल कर पिसे जायफल के साथ ले निश्चित रूप से आपको डिप्रेशन से राहत मिलेगी। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

सेब – 

सेब हमारे बॉडी की सभी आवश्यक जरूरतों को पूरा करता है। इसीलिए प्राचीन काल से ही सेब का फल मानव स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हुआ है। सुबह उठकर एक सेब खाकर आप डिप्रेशन से बच सकते हैं। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

इलायची – 

इलायची आपको कई जरुरी फायदे पहुंचा सकती हैं। एक चुटकी इलायची के पाउडर को एक ग्लास गर्म पानी के साथ पीए यह आपको अवसाद से राहत पहुंचाने का कार्य करती है। 

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योग, ध्यान और कसरत से मिलता है अवसाद में आराम – 

आज योग अपने चरम पर है और योग और मेडिटेशन के माध्यम से कई रोगों का इलाज सम्भव है। अवसाद को भी योग से कम किया जा सकता है। प्रतिदिन सुबह उठकर खुली हवा में बैठ कर 15 से 20 मिनट मेडिटेशन करे ।निश्चित रूप से आपको इसके कई फायदे मिलेगे। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

सुबह हरि घास पर चलने से और योग करने से आपको डिप्रेशन होने का खतरा कम होता है इसके अतिरिक्त यदि आप अवसाद ग्रस्त है तो उसमे भी यह आपको राहत पहुंचाने का कार्य करता है। 

डॉक्टर के पास कब जाए? 

कई बार अवसाद के लक्षण बहुत आम और कम होते है जो अधिकतर सप्ताह दो सप्ताह में गायब हो जाते हैं। यदि आप खुद को 3 से 4 महिने से ज्यादा अवसाद के तीव्र लक्षणों से ग्रसित पाते है तो आपको अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से मिलना चाहिए। 

अवसाद को नजरंदाज करना जानलेवा हो सकता है इसलिए अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करे और अवसाद को पहचाने और अपनी जंग लड़ना शुरू करे। (Depression ke Lakshan Aur Upay )

आम तौर पर डिप्रेशन को ऊपर बताये गये उपायों और दवाइयों के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। 

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By Nihal chauhan

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