बचपन से लेके अभी तक हमारे जीवन के कई सवालों के जबाब हमे नहीं मिलते ऐसे ही सवालों में यह सवाल भी मौजूद होगा कि(dharti par insaan kaha se aaye? धरती पर इंसान कहा से आए ? |) और मानव जाति का इतिहास क्या है? आपके ऐसे ही अनसुलझे सवालों का जवाब देने के लिए हमने यह जानकारी काफी रिसर्च के बाद आपके सामने पेश की है। 

देखा जाए तो मानव इतिहास को जानना बेहद महत्वपूर्ण और दिलचस्प है। और आपके इन सवालों के जवाब उसी में उलझे हुए हैं। 

इससे पहले कि हम इंसानों के इतिहास की बात करे हमारे लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि आख़िर धरती पर सबसे पहले जीवन कहा से आया? और धरती की सबसे पहले कौन-सी जीवित चीज अस्तित्व में आयी? 

और बढ़ती हुयी टेक्नोलॉजी की मदद से मानव इन सवालों के जवाब निकालने में सफल हुआ है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार धरती पर पहले इंसानो का अस्तित्व नहीं था असल में प्रथ्वी पर जीवन इंसानों के आने से पहले ही आ चुका था। वैज्ञानिकों का मानना है कि पैंसपर्मिया विकिपीडिया  परिकल्पना को किसी भी तरह से नजरो अंदाज नहीं किया जा सकता। (dharti par insaan kaha se aaye?)

और इसी दृष्टीकोण से देखें तो हमे यह बात पता चलती है कि सबसे पहले प्रथ्वी पर इंसानों से पहले अंतरिक्ष से जीवाणु आए थे। और धरती पर जीवन उन्हीं जीवाणुओं से शरू हुआ। 

अब आपका सवाल यह होगा कि आख़िर यह जीवाणु प्रथ्वी पर कैसे आ गए? 

वैज्ञानिकों की माने तो यह जीवाणु अंतरिक्ष में उड़ने कडं, धूल मिट्टी, अथवा उल्का पिंडो के साथ प्रथ्वी पर पहुंचने में सफल हुए। और इसी से प्रथ्वी पर जीवन की शुरूआत हुयी। (dharti par insaan kaha se aaye?)

यह बात तो साफ़ हो गयी कि पृथ्वी पर जीवन बाहर से आया है प्रथ्वी की उत्पत्ति नहीं है। परंतु हमारा मुख्य सवाल अभी भी सवाल बना हुआ है कि :

 मानव इतिहास
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धरती पर इंसान कहा से आए? 

आज से करीब 20 साल पहले प्रथ्वी पर दो पुरातात्विक उल्का पिंड गिरे जिनके अध्ययन के बाद कुछ आश्चर्यजनक सवालों के जवाब मिले उनके अध्ययन से पता चलता है कि धरती पर जीवन के लिए अनिवार्य चीजों उन उल्का पिंडों में पायी गयी। (dharti par insaan kaha se aaye?)

उसमे उन्हें पानी और कुछ अन्य जैविक पदार्थ मिले जिससे यह साबित होता है कि धरती पर इंसान किसी अन्य जीभ की तरह आए थे और उसके बाद प्राकृतिक क्रियाओं के चलते उसने अपने आप को विकसित करके मानव रूप का स्रजन किया। 

हालांकि इस बात के कोई ठोस सबूत तो अभी भी नहीं मिले है पर ज्यादातर बड़े बड़े खगोलशास्त्री और वैज्ञानिकों का यही मानना है। मानव को यह जानकारी हासिल करने के लिए अभी और रिसर्च की आवश्यकता है और इसपर सालों से शोध चल ही रहा है। (dharti par insaan kaha se aaye?)

इस विषय में डॉक्टर एलिस सिल्वर की एक बहुचर्चित किताब में उन्होंने लिखा है कि बहुत पहले धरती पर इंसान को अंतरिक्ष से एलियंस के द्वारा लाया गया और उन्होंने ही इसे रहने लायक सुनिश्चित जगह माना। उनकी यह मशहूर किताब ‘ह्यूमन आर नाट केम फ्राम अर्थ’  में सारा विवरण बेहद तार्किक रूप से दिया गया है। 

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इंसानो की उत्पत्ति कहा से हुयी ? 

DHARTI PAR INSAAN KAHA SE AAYE?

बात अगर इंसानो की उत्पत्ति की आती है तो वैज्ञानिकों का नजरिया हल्का बदल जाता है। हालांकि अलग अलग वैज्ञानिकों ने इस मामले में अपने अपने तर्कों को सामने रखा है। (dharti par insaan kaha se aaye?)

अब इसमें कौन-सा तर्क ज्यादा सही और सटीक है इसका चुनाव कर पाना अब भी संभव नहीं हो पाया है।

इंसानो की उत्पत्ति के संदर्भ में कई एक वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि जीवन की शुरुआत समुद्री जीवों से हुयी। 

इंसानो की उत्पत्ति कहा से हुयी

और यदि समुद्र से जीवन की शुरुआत हुयी तो यह भी निश्चित है कि मनुष्य भी समुद्री जीव ही था। और विश्व के सभी बड़े वैज्ञानिकों का सामूहिक तर्क भी यही है। आज से दो लाख वर्ष पूर्व आधुनिक मानव (होमो सेपियन्स     सेपियन्स) अफ्रीका से आया और पृथ्वी पर मौजूद पूरी मानव जाति के पूर्वज भी यही से आए हैं।

 अफ्रीका से पूर्व का मानव आधुनिक मानव नहीं माना जाता था और उसको (होमो सेपियन्स) के नाम से जाना जाता है।

 होमो सेपियन्स को दुनिया के सबसे विकसित जीव माना जाता है। इनके भीतर प्राकृतिक के अनुरूप खुद को विकसित करने की क्षमता और योग्यता रखता है। (dharti par insaan kaha se aaye?)

मानव जाति को जंतु श्रेणी में रखा गया है। पृथ्वी के प्रथम जीव जंतुओं में मनुष्य का इतिहास भी समुद्री जीवन से ही जुड़ा हुआ है। लाखों वर्ष पहले जब सबसे पहले प्रथ्वी पर जीवन की शुरूआत हुयी तो वह समुद्र से ही हुयी थी। असल में आज की पृथ्वी से पहले की पृथ्वी बेहद गर्म थी यानी कि यहा ठोस जमीन के नाम पर जलता हुआ लावा और मैग्मा था। उस समय पृथ्वी का अनुमानित तापमान 1000°C से 1600°C था। 

धीरे धीरे पृथ्वी का तापमान ठंडा होने लगा करीब 3.9 अरब साल पहले प्रथ्वी का तापमान 3.9 बरस पहले यहा का तापमान कम होना शुरू हुआ और उसी कारण यहा तेजाबी बारिश हुयी यह बारिश लगातार 10 सालो तक हुयी जिससे विशाल समुद्र बन गए। 

लगातार हुयी इस बारिश से लगभग 80% भाग समुद्र में डूब गया बाकी का 20% भू भाग ठोस होकर ठंडा हो गया जिस पर हमारा जीवन यापन चल रहा है। (dharti par insaan kaha se aaye?)

हमारे भू भाग के ये बड़े हिस्सों के आपस में टकराने से पहाड़ों का निर्माण हुआ। समुद्र के पानी से भाँप बनी और वह पहाड़ों पर बारिश हुयी जिससे ग्लेशियर का निर्माण हुआ। और धीरे धीरे पृथ्वी बेहद ठंडा गृह बन गयी और इसी समय समुद्र में हो रहीं रासायनिक क्रियाओं से समुद्री सूक्ष्म जीव पैदा हुए।

 हालांकि पृथ्वी अभी भी पूरी तरह मनुष्य के रहने लायक नहीं थी। उसके करीब 30 करोड़ साल बाद प्रथ्वी पर रहने लायक वातावरण बना। जो कि बेहद ठंडा था उसको हम हिम युग के नाम से भी जानते हैं। इस समय तक समुद्र में इतने समुद्री जीव जंतु हो गए थे कि वहां रह पाना बहुत मुश्किल हो गया था। 

(dharti par insaan kaha se aaye?)

इसीलिये कुछ जीवो ने धरती की ओर रुख किया और उन्होंने पाया कि धरती पर जीवन के लिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। मनुष्य प्रकृति के अनुकूल खुद को बदलने में सक्षम था और वह धीरे-धीरे खुद को परिवर्तित कर्ता गया। इसी समय जब समुद्री जीव-जंतु ने पाया कि धरती पर जीवन के लिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है और उन्हें बस खुद को थोड़ा बदलना है तो मछलियों के वंश के डायनासोर धरती पर आए। डायनासोर पृथ्वी के सबसे बड़े जीव थे। 

फिर करीब 6 करोड़ वर्ष पहले अचानक से पृथ्वी पर एक विशाल धूमकेतु टकराया जिस वज़ह से पृथ्वी का जीवन एक बार फिर अस्त व्यस्त हो गया डायनासोर प्रजाति का विनाश हो गया साथ ही 3 फुट से ऊंचे हर जीव का विनाश हो गया।

इस घटना के बाद धीरे धीरे मनुष्यता विकसित होती गयी। पृथ्वी पर सबसे पहले माइक्रो ऑर्गन बने और उसके बाद बहू कोशिका वाले जीव जंतु वने। (dharti par insaan kaha se aaye?)

इंसानो का आज का स्वरुप मानव जाति का बेहद लंबा प्राकृतिक बदलाव है जो समय समय पर प्राकृतिक के साथ बदलता रहा है।(dharti par insaan kaha se aaye?)

 मनुष्य के मन को दुनिया का सबसे शक्तिशाली चीज माना जाता है। मनुष्य की उत्पत्ति उसके प्राकृतिक बदलावों का नतीजा है। आज के मानव को वैज्ञानिक होमो sapiens sapiens कह्ते है। 

पृथ्वी का निर्माण कैसे हुआ? 

खगोलशास्त्रियों के अनुसार ब्रह्मांड जो कि प्रोटान से भी छोटा था उसके अंदर आज से 13 अरब, 70 करोड़ साल पहले स्पेस में एक बहुत बड़ा धमाका हुआ और उस धमाके का विस्तार आज तक भी हो रहा है उसी के टुकड़ों से पृथ्वी और अन्य ग्रहों उपग्रहों का निर्माण हुआ। और इस इसी को हम सब बिग बैंग थ्योरी के नाम से जानते हैं। 

बेहद शक्तिशाली धमाका हुआ जिसके टुकड़ों से सूर्य और अन्य ग्रहों का जन्म हुआ। प्रथ्वी पर अनन्त काल तक जीवन का नामोनिशान नहीं था। असल में पृथ्वी एक कई गैसों के मिश्रण से बना  हुआ गोला थी बाद में यह ठण्डी होती गयी। (dharti par insaan kaha se aaye?)

पृथ्वी के निर्माण के बारे में बेहद प्रतिष्ठित वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग के अनुसार देखा जाए तो बिग बैंग में जो शुरुआती टक्कर हुई उसे meteors  और antimeter और बाद में इनके आपस में टकराने से hydrogen एलिमेंट्स के साथ 12 अन्य एलिमेंट्स की उत्पत्ति हुयी।

 और जब हाइड्रोजन का शोध किया गया तो पता चला कि helium भी हाइड्रोजन के अणुओं से ही बना हुआ है। 

बेहद चौकाने वाला एक और खुलासा हुआ कि तारामंडल में मौजूद सभी सितारे भी इन्हीं गैसों के मिश्रण से बने हुए हैं। हाइड्रोजन और हीलियम की यही प्रक्रिया पूरे ब्रह्माण्ड में हुयी और इसी से जगमगाती universe  का निर्माण हुआ। 

पृथ्वी का निर्माण इसी प्रक्रिया में हुआ ऐसा वैज्ञानिकों के अंदाज़े है कोई पुख्ता सबूत या जानकारी अभी भी हासिल नहीं हुयीं है। हालांकि पूरे विश्व में ब्रह्मांड और पृथ्वी की संरचना को लेकर बिग बैंग थ्योरी को ही ज्यादा स्वीकारता प्रदान है। 

सूर्य का निर्माण कैसे हुआ? 

बिग बैंग धमाका होने के 15 से 20 साल बाद स्पेस में हाइड्रोजन के बदलो ने एक साथ मिलकर सूर्य का निर्माण किया। वैज्ञानिकों के अनुसार हाइड्रोजन के बादलों का इकट्टा होना गुरुत्वाकर्षण बल के होने के कारण फलस्वरुप हुआ। सूर्य की सतह का निर्माण कई तरह की गैसों से मिलकर हुआ है। 

इसलिए इसको तारो की श्रेणी में रखा गया है। सूर्य के निर्माण में मुख्य भाग  हाइड्रोजन (76.54%) और हिलियम (24.84%) का है इसके अलावा अन्य गैसों में ऑक्सीजन, कार्बन, नियोन, नाइट्रोजन,निकेल, सिलिकन, मैग्निसियम, लोहा,क्रोमियम, सल्फर, इत्यादि तत्वों से बना हुआ है। 

धार्मिकता के अनुसार धरती का पहला मनुष्य :(dharti par insaan kaha se aaye?)

अलग अलग धर्मों की अलग अलग मान्यताओं से यह जानने को मिलता है कि ईश्वर ने ही धरती के पहले मनुष्य को बनाया। उन्होंने एक पुरुष और एक स्त्री बनाई और उसके बाद उन्होंने ही इस संसार को जन्मा। 

हिन्दू धर्म की दृष्टि से :(dharti par insaan kaha se aaye?)

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार दुनिया का पहला इंसान भगबान ने ही बनाया। हिन्दू धर्म की पौराणिक कथाओं और किताबों और ग्रंथो में इसका विवरण दिया गया है। 

हिन्दू धर्म के आधार पर ब्रम्हा जी के सामने उन्हीं के समान एक छाया प्रवर्तित हुयी जिसको देख कर उन्होंने अंदाजा लगाया मनुष्यता क्या है और वही छाया दुनिया का पहला इंसान के रूप में धरती पर आया। 

ब्रम्हा जी ने उसका नाम मनु रखा और इसलिए बाद में उसी के नाम के आधर पर इस जाति का नाम ही मानव पड़ गया। (dharti par insaan kaha se aaye?)

ब्रम्हा जी ने खुद को दो भागों में विभाजित किया जिसका एक स्वरुप मनु के रूप में और दूसरा शतरूपा के रूप में निकल कर आया। 

यही दोनों प्रथ्वी के पहले मानव थे। और इन्ही के द्वारा पूरी दुनिया रचाई गयी। 

मनु पुरुष थे और शतरूपा स्त्री दोनों ने फिर अपनी संतानो से पृथ्वी को चलाया। और मानव जाति का चलन चालू हुआ। 

ईसाई धर्म के आधार पर मानव की उत्पत्ति :

ईसाई धर्म के अनुसार और उनकी धार्मिक किताब बाइबल के मुताबिक जिस तरह हिन्दू धर्म में मनु ने परछाई से जन्म लिया उसी प्रकार यहा पर एडम का जन्म हुआ और वह प्रथ्वी का पहला मनुष्य बना। 

दोनों की धार्मिक गाथायें एक ही सी लगती है बस नाम दूसरे है। 

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धन्यावाद।। 

By Nihal chauhan

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