HYPERLOOP TRAIN KYA HAI? दोस्तों इस सवाल का जवाब आजकल सब चाहते है कि आख़िर यह हाइपरलूप टेक्नोलॉजी क्या है? आज हम आपको बताएंगे की आख़िर यह HYPERLOOP TECHNOLOGY कैसे काम करती है? और इसके क्या फायदे है? साथ भी यह भी बतायेंगे की Hyperloop Train की रफ़्तार इतनी ज्यादा तेज कैसे है? उम्मीद है आपको आपके सारे जबाब इस लेख में मिल जाएंगे। 

आज के इस आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी का विकास इतना ज्यादा हो गया है कि इंसान अब रफ़्तार के साथ समय को मात दे रहा है और ऐसा ही कुछ है यह नयी तकनीक हाइपरलूप दरअसल इस तकनीक को हमे समझने के लिए पहले यह विचार जरुर करना चाहिए कि रफ्तार को बड़ने से क्या रोकता है। आखिर कार, बाइक, हवाई जहाज से तेज गति से यह HYPERLOOP TRAIN कैसे चल सकती हैं? 

इसी लिए हमारा पहला सवाल यही है कि :(?)

HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?

HYPERLOOP TRAIN( technology) KYA HAI | हाइपरलूप ट्रैन(तकनीक) क्या है :

हाइपर लूप जमीन पर चलने वाला एक यातायात साधन है जिसमें एक बिना हवा वाली सुरंग नुमा पाइप के भीतर तैरते हुए पॉड्स में सफर किया जा सकेगा। इसकी अनुमानित रफ्तार 1200km/h है। 2013 में सफेद पन्ने पर Elon Musk जो कि सीईओ है Texla और SpaceX जैसी बड़ी कंपनी के द्वारा यह concept  लाया गया । virgin Hyperloop ने इसका सफल परीक्षण किया है हालांकि अभी पूरी रफ्तार पर इसका परीक्षण नहीं हुआ है। 

दोस्तों जेट से भी दोगुनी रफ़्तार पर दौड़ने वाली यह ट्रेन असल में ट्रेन नहीं है यातायात का एक नया अध्याय है। जिसमें वैज्ञानिकों ने रफ्तार को खोज निकाला है। उन्होंने रफ्तार बढ़ाने के लिए ऐसी स्थिति बनाई की इसकी रफ्तार को कम ना कर सके। Hyperloop Train में यात्रियों के लिए ट्रेन के डिब्बे की जगह पॉड्स होंगे जो अलग अलग और छोटे होंगे जिनके अंदर यात्री सफर करेगे। 

रफ्तार को कम करने के लिए दो ही चीजे जिम्मेदार होती है एक फ्रिक्शन (घर्षण) और दूसरा  हवा। और तकनीकी सहयोग से वैज्ञानिकों ने इस Hyper loop को इस तरह विकसित किया है कि ये दोनों ही चीज़े Hyper loop को प्रभावित नहीं कर सकेंगी परिणामस्वरुप रफ्तार काफी ज्यादा बढ़ जाएगी घंटों का सफर मिंटो में पूरा हो पाएगा। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

ऐसा नहीं है यह टेक्नोलॉजी इसी समय संज्ञान में आयी हो असल बात तो यह है इतिहास में भी वैज्ञानिकों ने कोशिश की थी इसको बनाने की पर सफल नहीं हो पाए थे। परंतु अब ऐसा लगता है कि रफ्तार का यह सपना अब पूरा होने जा रहा है। इसकी टेस्टिंग की प्रक्रिया काफी समय से चल रहीं थीं और अब टेस्ट हो चुका है आने वाले में यह भारत में भी देखने को मिलेगी। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

सूत्रों के अनुसार पहली Hyperloop Train मुंबई से पुणे के लिए दौड़ेगी। जिसके लिए सरकार ने virgin HYPERLOOP को हरि झंडी दे दी है। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

कैसे काम करेगी HYPERLOOP TRAIN :(HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

कैसे काम करेगी HYPERLOOP TRAIN
credit via wikipedia

सुरंगे बनाई जाएगी जिसमें हवा को बाहर खींचने के लिए बड़े बड़े वैक्यूम लगे होंगे जो अंदर की हवा को खींच लेंगे। जिससे हवा का दबाब खत्म हो जाएगा और हवा से सुरंग के भीतर तैरने वाले पॉड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब सवाल है कि आख़िर यह HYPERLOOP पॉड्स हवा में तैरने कैसे लगेंगे? और पॉड्स का तैरना क्यु जरूरी है? 

इसमें वैज्ञानिक तर्क यह है कि अगर पॉड्स जमीन से चिपक कर चले तो फ्रिक्शन होगा जिससे रफ्तार कम होगी जो कि हमे ज्यादा करनी है इसलिए इनको हवा में तैरना होगा। 

दूसरा सवाल यह कि हवा में यह कैसे तैरेगें इसके लिए सुरंग के अंदर का नीचे का ट्रैक चुंबक से बनाया जाएगा और उसी के ऊपर चुम्बकीय दबाब पर यह तैरते रहेंगे। और जरा से धक्के के साथ बेहद ज्यादा रफ्तार पकड़ लेंगे। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

जमीन पर खुले में चलने वाले सभी यातायात के साधन में यही समस्या है कि उनकी रफ्तार ज्यादा नहीं होती। चाहें वह सड़क पर चलते हैं तो भी टायर जमीन से घिसता है और maintenance भी ज्यादा होता है। रफ्तार भी कम होती है। आसमान में चलने वाले हवाई जहाज भी फ्रिक्शन के ना सही परंतु हवा के कारण उनकी रफ्तार धीमी होती ही है। इसलिए इसका निर्माण रफ्तार बढ़ाने को लेके विशेष तौर पर किया गया। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

भारत में HYPERLOOP TRAIN कब देखने को मिलेगी? 

महाराष्ट्र सरकार के द्वारा हाइपर लूप ट्रेन के लिए वर्जिन Hyperloop को contract दे दिया है। अभी मुंबई से पुणे तक कि दूरी 200km है जो कि लगभग 3.5 घण्टों में तय होती है।Hyperloop Train के लगने के बाद यह दूरी मात्र 30 मिन में तय की जा सकेगी। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

कुछ सफल टेस्ट के बाद यह काम चालू कर दिया जाएगा। 

Virgin HYPERLOOP one के सीईओ के मुताबिक उन्होंने कहा भारत इतिहास बना रहा है वह आधुनिकता रेस में अब आगे है। जनता तक HYPERLOOP TRAIN पहुंचाना बहुत बड़ा कार्य है। 

(HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

HYPERLOOP TECHNOLOGY kyu jaroori hai? 

दोस्तों आज के दौर में समय का काफी ज्यादा महत्व है। ऐसी यातायात की सुविधाएं सैन्य बलों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगी क्युकी किसी भी आपातकाल स्थिति में इसके द्वारा समय पर पहुंच कर स्थिति को सम्भाला जा सकता है। 

व्यपार क्षेत्र में इससे समान ढोने का काम भी किया जा सकता है। इमर्जेंसी में किसी ज़रुरत मन्द को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुँचाया जा सकता है। इसके साथ ही सबसे जरुरी बात यह है इससे प्रदूषण नियंत्रण किया जा सकेगा और maintenance का खर्चा भी बेहद कम होगा क्युकी अगर फ्रिक्शन नहीं होगा तो इंजन नहीं होगा ईंजन के अंदर भी फ्रिक्शन होता है जिससे वह समय के साथ घिस जाता है और इसीलिए हमे ऑइल डालना पड़ता है परंतु Hyperloop Train में ये सब कुछ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

हालाकि शुरुआत में इसको लगाने की काफ़ी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। भविश्य के लिए यह टेक्नोलॉजी बेहद कार्यशील और महत्वपूर्ण है। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

ब्रेक कैसे लगा पायेगे हाइपर लूप ट्रेन में :

HYPERLOOP TECHNOLOGY
wikipedia

इसको रोकने के लिए pods के आगे बड़ा पंखा लगाया जाएगा जिसकी मदद से इसको रोक पायेगे। 

हालांकि अलग अलग कंपनियां अलग अलग तरह से ट्रेन को रोकने के संबंध में तकनीकी सुधार कर रहे हैं। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

HYPERLOOP TECHNOLOGY को कई बड़ी बड़ी कंपनियां टेस्ट कर रहीं है जिसमें हाल ही में virgin HYPERLOOP में टेस्ट के दौरान दूसरी बार एक भारतीय इंजीनियर ने सफर किया। टेस्ट सफल रहा और अब भारत में पहला Hyperloop transport मुंबई से पुणे के लिए बनाए जाएगा। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

हाइपरलूप ट्रेन से होने वाले फायदे :

  • सबसे जरुरी समय की बचत। 
  • प्रदूषण पर नियंत्रण होगा। 
  • समय पर सैन्य कार्रवाई हो पाया करेगी। 
  • ईधन की बचत। 
  • एक बार पूरा ट्रैक लगने के बाद मामूली ख़र्चे में चलती रहेगी। 
  • भविश्य के लिए बेहद जरुरी है। 
  • हादसों में भी कमी आएगी। 
  • किराया न्यूनतम होगा। 
  • किसी भी मौसम में सफर किया जा सकेगा। 

HYPERLOOP TECHNOLOGY देश के और दुनिया के विकास को एक कदम आगे ले जाएगी। धरती पर जीवाश्म ईधन जैसे पेट्रोल डीजल, पेट्रोलियम आदि खत्म होने की कगार पर है ऐसे में हाइपरलूप जैसी यातायात का साधन ही हमारे लिए सबसे उचित उपाय होगा। भले ही यह महँगा है परंतु इसमे सारी बाकी यातायात के साधनों के मुकाबले ज्यादा बेहतर इन्तेजाम और फायदा होगा। लोगों को भी और पर्यावरण को भी। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

HYPERLOOP TRAIN से होने वाले नुकसान :

  • इसका ट्रैक पिलर पर और सीधा ज्यादा रहेगा इसलिए बहुत सारे पेड़ काटने पड़ेगे। 
  • हादसा होने की संभावना पर जाँच चल रहीं है। 
  • ज्यादा तेज रफ्तार के कारण एक हल्का सा झटका भी बहुत ज्यादा नुकसान देह साबित होगा। 
  • तूफान और भूकंप में जरा भी झटका लगा तो बड़ा हादसा होगा। 

HYPERLOOP TECHNOLOGY में भविष्य में क्या चैलेंज है :

HYPERLOOP TRAIN की रफ़्तार अभी पूरी तरह बड़ा कर बढ़ा कर कोई टेस्ट नहीं किया गया है। फिलहाल इसका टेस्ट अभी छोटे ट्रैक होने के कारण नहीं हो पाया ज्यादा स्पीड चेक करने के लिए कम से कम 2000m का ट्रैक चाहिए होगा। और भी कई बाते है जिनपर और ज्यादा रिसर्च चल रहीं है इतनी ज्यादा रफ्तार से जो प्रेशर उत्पन होगा उसका मानव शरीर पर क्या प्रभाव हो सकता है? (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

और इतनी अधिक रफ्तार को नियंत्रित करना एक बड़ा चैलेंज रहेगा। 

शोधकर्ताओं के मुताबिक इस पर शोध जारी है। इसकी रफ्तार इतनी ज्यादा है कि मामूली सा झटका भी बहुत भयानक हादसे का रूप ले सकता है इसलिए वैज्ञानिकों की कोशिश यह है कि इसका भी कोई उपाय निकल कर सामने आए। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

कहा कहा पर दौड़ेगी HYPERLOOP TRAIN? 

यह अभी तक पूरी तरह तय नहीं है कि किसी निश्चित I स्थान से ही इसकी शुरुआत हो परंतु फिलहाल contract के मुताबिक  मुताबिक यह टेक्नोलॉजी यूरोप, US, और मुंबई से पुणे, व्रती सलवा से वर्णो, विजयवाड़ा, अमरावती, kanas city से सेंट. Lois इत्यादि जगह पर Hyperloop system लगाने के आसार है।(HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

आशा है कि आपको हाइपर लूप के बारे में उचित जानकारी मिल गयी होगी। ऐसी ही मजेदार टेक्नोलॉजी के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमे बुकमार्क में सेव करे या हमारा न्यूज लेटर ऐक्टिव करे। और जानकारी को शेयर करना ना भूले। 

धन्यावाद।। (HYPERLOOP TRAIN KYA HAI?)

दोस्तों उम्मीद है आपको यह लेख HYPERLOOP TRAIN KYA HAI ? | फाइटर जेट से दोगुनी तेज है रफ़्तार | WHAT IS HYPERLOOP TECHNOLOGY ? पसंद आया होगा ।लेख से संबंधित शिकायत और सुझाव नीचे कमेन्ट box में या हमे मेल करके दर्ज कराए। आपके सुझाव हमारे लिए काफ़ी जरूरी है। 

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By Nihal chauhan

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