KITAB KAISE LIKHE?किताब लिखना एक लेखक का पहला सबसे बड़ा सपना होता है और उसका पहला सवाल भी की KITAB KAISE LIKHE? ( किताब कैसे लिखे? कोई व्यक्ति लेखक प्रोफेशनल रूप से नहीं होता बल्कि यह एक ऐसा विषय है जिसमें आपकी दिलचस्पी खुद से ही होती है। “आप वह (लेखक) बनते नहीं है, क्युकी आप पहले से ही वह(लेखक) होते हैं” । 

कोई किताब लिखने के बारे में आप तभी सोचते है जब आप इसके लिए खुद को काबिल समझते है। आपकी काबिलियत यानी कि आप का वह नजरिया जो पाठकों को पसंद आए और समझ आये। लेखक की कला होती है कि वह किसी भी बात को या घटना या आसान सी बात को भी इतना दिलचस्प बना देता है कि लोग उसके साथ खो जाते हैं। वह चाहते हुए भी खुद को किताब पढ़ने से रोक नहीं पाते। 

एक जर्नलिस्ट और लेखक में क्या अंतर हो सकता है? यह एक सवाल जाने कितनी ही बार एक लेखक के जेहन में आता होगा कि किताब कैसे लिखें?( kitab kaise likhe? बार बार जाने कितनी बार और तब जाकर वह एक किताब लिखने के लिए खुद को तैयार करता है।

 लोगों को लगता है कि जर्नलिस्ट एक लेखक हो सकता है पर इस मामले में मेरा नजरिया अलग है। किताब लिखना कोई बड़ी बात नहीं है। पर क्या वह किताब किसी पाठक द्वारा पड़ी जा रहीं है यह आपके लेखन कला को प्रदर्शित करता है कि आप उसमें कितने निपुण है। 

भारत में और विदेशों में कई जर्नलिस्ट किताब लिखते है और उनकी किताब लोग पड़ते है। असल में एक किताब का लिखना और उस किताब को पसंद किया जाना हक़ीक़त में आपको एक लेखक बनाता है। और वही किताब लिखने का सही तरीका होगा। 

किताब कैसे लिखें? यह विचार जब आपके मस्तिष्क में आए उससे पहले आपको  किताब लिखने से जुड़े कई और भी जरूरी विचारों पर गौर करना बेहद आवश्यक हो जाता है। 

किताब कैसे लिखे?| किताब लिखने की संपूर्ण जानकारी | KITAB KAISE LIKHE?
किताब कैसे लिखे?| किताब लिखने की संपूर्ण जानकारी | KITAB KAISE LIKHE?

किताब लिखने से पहले इन सवालों पर विचार करें :

  •  किताब क्यु लिखना चाहते हैं? 
  • क्या किताब लिख कर ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है? 
  • क्या किताब लिखने से प्रसिद्धि हासिल कर सकते हैं? 
  • क्या आप एक किताब लिख सकते हैं? 
  • आप किस विषय पर किताब लिख सकते हैं? 
  • एक सफल किताब कैसे लिखते हैं? 

एक किताब का लिखना कितना मुश्किल और आसान हो सकता है यह आपकी लेखन कला में पारंगत निर्धारित करती है। यह बेहद आसान कार्य है और आपको पता भी नहीं चलता कि कब आपने एक किताब लिख ली। यह उनके साथ होता है जो लिखते के साथ साथ उसी में जीते हैं। उन्हें पता नहीं चलता वह लिख रहे थे या अपने विचारों की नैया में सवार होकर लेखन का आकलन भी कर लेते हैं। 

किताब को लिखना उतना ही मुश्किल उन के लिए है जिन्हें इसके लिए सोचना पड़ता है और काफी जोर लगाकर भी वह एक किताब को पूरा करने के निकट नहीं पहुँचते यह कोई कार्य नहीं है। इसका कोई लक्ष्य नहीं है किताब लिखना एक सफर है। जो कभी खत्म होने वाला नहीं है।

 एक समर्पण भाव होने की आवश्यकता है। 

किताब लिखने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह बनता है कि क्या आप किताबें पढ़ते है? क्या आप पढ़ने के जिज्ञासु है यदि है तो ही यह कार्य आपके लिए है अन्यथा नहीं है। 

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किताब लिखने के तरीके : 

किताब लिखने के लिए सबसे पहले आपको यह विचार सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपको किताब किस विषय में लिखनी है। 

औसत एक लेखक एक साल में 4 किताबें लिख लेता है। पर अगर यह आपकी शुरुआत है तो आपको इसमें थोड़ा समय जरुर लग सकता है। किताब लिखने के लिए आपको काफी ज्यादा सोचना होता है। आप जितना ज्यादा सोच पाएंगे उतना ज्यादा आप लिख पाएंगे। आज के इस आधुनिक समय में लिखने के कई उपकरण आपके लेखन को काफी आसान कर देंगे।

किताब लिखने के मामले में ज्यादातर बड़े लेखकों का मानना है कि एक किताब को लिखना आपको कभी निराश नहीं करता। यह आपकी बड़ी उपलब्धि होती है और आप हमेशा इसको लेकर गर्व महसूस करते हैं। आप खुद का शुक्रिया करेगे की आपने अपना बहुमूल्य समय को निकाल कर एक किताब लिखी। 

किताब लिखना एक बड़ी क्रिया है इसमे आपको एक विशेष विषय पर लिखना होता है। साथ में आपको एक या अधिक श्रृंखला की जरुरत होती है।

 उनको लिखने के लिए आपके पास पर्याप्त ईंधन (content) होना चाहिए। 

जब आप एक किताब लिखते हैं तब आपको कुछ भी शॉर्टकट में नहीं लिखना होता है आपको हर बात को विस्तार से और अत्यधिक विस्तार से लिखना है। जिससे आप उस दृश्य को लिख कर प्रस्तुत करते है, जो पाठक अपने मन में अनुभव करता है। शब्द की झनकार मानव मस्तिष्क पर  सीधा प्रभाव डालती हैं। जो कि किसी तस्वीर से या चलचित्र से ज्यादा प्रभावशाली सिद्ध होता है। 

किताब लिखने की शुरुआत यहा से करें :

1) लिखने के लिए स्थान का चुनाव करें :(kitab kaise likhe?)

kitab kaise likhe?
kitab kaise likhe?

 लिखने के लिए आप किस जगह पर लिखते है यह भी काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। कई बार आप ऐसी स्थिति में होते हैं जहां आप लिखने की कोशिश करना चाहते हैं पर वह जगह संतोषजनक नहीं होती और आपका ध्यान भटका देती है। इसलिए आपको ऐसी जगह का चुनाव करना है जहां पर आपका पूरा मन लगे और कोई भी वस्तु आपको डिस्टर्ब ना करें। चाहे वह कोई रंग हो या आपका पुराना बिस्तर कुछ भी हो सकता है जो आपके ध्यान को भ्रमित करे आपको उस जगह को अपने मुताबिक तैयार करना है। 

यह एक लम्बा सफर है। किताब लिखना मामूली नहीं हो सकता। ज़रा सा विचार आपके मन को पलट सकता है। और लंबे समय तक अपने मन को अपने अनुसार चलाना और सोचना यह ऐसा है जैसे कोई लेखक अपने मन पर विजय प्राप्त कर लेता है। यह पेचीदा है पर आपके लिए यह आसान है। निम्नलिखित विचारों को ध्यान में रख कर जगह का चुनाव करें :(kitab kaise likhe?)

  • अत्यंत शांत जगह का चुनाव करें। 
  • कोई डिस्टर्ब या आपके विचारों में रुकावट डालने वाला ना हो। 
  • कोई पुस्तकालय, कॉफी शॉप या सुविधा के अनुसार आपका घर का खाली कमरा हो सकता है। 
  • साफ स्वच्छ जगह हो। 
  • तापमान सामान्य से थोड़ा ठंडा हो। 
  • घुमावदार कुर्सी हो तो बेहतर है। 

2) किताब लिखने से संबंधित उपकरण इकट्ठा करें :

जब आप किताब लिखने की शुरुआत करते है तो आपके पास वह सभी जरूरी उपकरण होने चाहिए जो आपको लिखने में मदद करते है। 

कुछ जरूरी सूची नीचे दी गई है :

  • पेंसिल होल्डर 
  • घड़ी 
  • पेंसिल छीलने के लिए कटर 
  • पेपर वेट
  • लैम्प 
  • नोट पैड 
  • पेपर क्लिप
  • स्टेपलर 
  • नैपकिन 
  • टिशू 
  • जरुरी दस्तावेज़ 
  • टेप 
  • प्रिंटिंग पेपर 
  • बुकएंडस
  • लकड़ी का एक छोटा बोर्ड 
  • एक सपाट कुर्सी जो रीड को सीधा रखे 
  • हाई लाइटर 

उपयुक्त सामान या आपके लिए आपको जो बेहतर लगे वह सामान आपके पास उपलब्ध हो तो बेहतर है यद्यपि आप इन में से कुछ जरूरी सामान के साथ भी एक किताब लिखने की शुरुआत कर सकते हैं। 

उपयुक्त चीजों में सबसे ज्यादा जरूरी सामान एक पेंसिल और लिखने के लिए पेपर और एक अच्छी कुर्सी है। 

जब आपको अपना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य बैठ कर करना है तो आप अपनी रीड के प्रति जागरूक रहे और ऐसी कुर्सी का चुनाव करे जो आपकी रीढ़ को सीधा रखे।

 एक लेखक के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा और स्वस्थ रखे। एक लेखक के विचार ही होते हैं जो वह किताब में लिख देता है। जगह जगह घूमना जरूरी नहीं है लेखक लिए पर नुक़सानदेह भी नहीं है। आपको हर बार कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिए कुछ नया देखने का प्रयास करना चाहिए ताकि आपके मन में हर बार नयी विचार धारा उत्पन्न हो सके जो एक लेखक की मूल शक्ति है। 

3) अपने दीर्ध (मुख्य/बड़े ) विचार को खोजे :

आप क्या लिखेंगे? क्या ऐसा जिसे आप उतने बड़े पैमाने लिखने में कामयाब होंगे। एक बड़ा विचार जिसके बारे में आप किताब लिखना चाहते है। सबसे गहन अध्ययन और विचार का विषय यही है कि वह विचार कौन सा होगा जिस पर आप लिखना शुरू करेंगे। 

यह इतना दम दार और बेहतर हो कि ये आपको बाकी सबसे अलग बनाए। और आप उन विचारों को काफी ज्यादा तोड़ मरोड़ सके। एक किताब हजारो विचारों का संग्रह होती है और जब आप अपने बड़े विचार को ढूँढने में असमर्थ है तो किताब लिखना भी संभव नहीं हो सकता। (kitab kaise likhe?)

अपने बड़े विचार को खोज कर आप उस पर शोध जारी करें और ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें और उसे किस तरह प्रदर्शित करना है। इसकी एक बेहतरीन रूपरेखा तैयार करें। जब आप अपने मुख्य विचार की खोज करे तो कुछ सवालों को खुद से करे :

  • में इस (सोचा हुआ) विचार पर क्यु लिख रहा हूँ? 
  • क्या में इसमे बेहतर हू? 
  • क्या यह ऐसा विचार है, जो महत्त्वपूर्ण होने के साथ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा? 
  • इस प्रकार के विषय पर कौन से लोग पढ़ना पसंद करेगे? 

जब आप इन सवालों के जवाब खोज लेते है। फिर आप अपना मुख्य विचार चयनित करने के लिए तैयार होते हैं। और किताब लिखने के लिए एक कदम आगे बढ़ाते हैं। 

4) पता करे दुनिया क्या पसंद कर रहीं हैं :

किताब लिखना एक अलग बात है। परंतु उस किताब का बाजार में चलना, लोगों का ध्यान आकर्षित करना या लोगों का आकर्षण क्या है? उस पर किताब लिखना दोनों अलग चीजे है। आप एक किताब लिखते है जो आपकी अपनी मानसिकता पर आधारित होती है उसमे आपके अपने विचार होते है कई बार ऐसा होगा जब लोग आपकी सोच से अलग सोचना चाहेंगे हालांकि कुछ लोग आपकी सोच से सहमती भी रख सकते हैं परन्तु फर्क इस बात से पड़ेगा कि ज्यादा लोग क्या पसन्द कर रहे हैं। एक किताब लिखना बहुत बड़ी बात होती है। असंख्य मेहनती विचारों का विश्लेषण होती है किताब। 

उपरोक्त विचारों से यह तय है कि अपने विचारों को लिखना या किताब का लिखना और लोगों के लिए किताब को लिखना दो  बेहद अलग सिद्धांत है। जिसमें अगर आप एक किताब सिर्फ अपने विचारों की पेशकश के लिए लिखते हैं तो वह किताब जरूरी नहीं कि बाजार में ज्यादा सफलता हासिल करे परंतु अगर आप ऐसे विचारो को चिन्हित करे करके एक विशेष किताब लिखते है जिसे दुनिया और लोग पसंद कर रहे हैं तो यह बाजारी मक़सद से पैसे कमाने और प्रख्यात होने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित होती है। (kitab kaise likhe?)

चुनाव आपका है। की आप किस तरह के विचारों को लिखते है जो आपको पसंद है वह या जो लोगों की पसंद है वह। फिर यदि लोगों की और आपकी पसंद एक ही है तो यह एक बहुत बढ़िया संयोग है जो एक सफल किताब को प्रकाशित करेगा। 

अब मुख्य सवाल यह है कि :

  • कैसे पता करे कि लोगों को क्या पढ़ना पसंद है या उनके आकर्षण का केंद्र क्या है ? 

जबाब : इसके लिए आप किताबों की ऑनलाइन दुकानों पर जाकर देख सकते है कि लोग क्या पसंद कर रहे हैं उन्हें किस तरह के विचार ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं। आप नीचे दी गई वेबसाइट पर जाकर बेस्ट सेलर वाली किताबों को देख सकते हैं। 

ऐसी ही कुछ और वेबसाइट पर जाकर आप यह अनुमान लगा पाएंगे कि आज के दौर में लोगों की पसंद क्या है। और उसके बाद अपने मुख्य विचार पर गौर करके इस तरह से किताब लिखने की शुरुआत करते हैं। 

5) आकर्षक अनुक्रम बनाए :

आकर्षक अनुक्रम बनाए
आकर्षक अनुक्रम बनाए

आपकी किताब के शुरुआती पन्ने यह निर्धारित कर देते हैं कि पाठक उसको पढ़ने योग्य समझता है या नहीं। आप खुद भी एक पाठक रहे होंगे विचार करे कि किसी किताब को पढ़ने से पहले या पढ़ने के लिए जब किताब का चुनाव किया तब आपने उसमे क्या देखा जो आपने उस किताब को पढ़ने का फैसला लिया। (kitab kaise likhe?)

यह विचार सुनिश्चित कर देंगे कि आपको किताब के कौन से हिस्सों पर ज्यादा ध्यान देकर कार्य करना है। पाठक आमतौर पर जिन चीजों को देख कर अपनी किताब का चुनाव करते है वह निम्न है :

  • शीर्षक (tittle) 
  •  उपशीर्षक (subtitle ) 
  • आवरण चित्र ( cover photo) 
  • मुख्य पृष्ठ (main page) 
  • अनुक्रम (index) 
  • पिछला अग्रभाग (back front page) 

ऊपर दिए गए कुछ नाम किताब के वह हिस्से है जिस पर एक पाठक की सीधी और पहली नजर पड़ती है और इनको देखने के बाद वह किसी किताब का चयन करना पसंद करते हैं। (kitab kaise likhe?)

चुकीं अब आपको पता है कि यह किताब के सबसे मुख्य भाग होते है तो आपको इनके ऊपर विशेष रूप से मेहनत करने की आवश्यकता होती है। 

पुरानी कहावत है कि :

“जो दिखेगा, वही बिकेगा” 

किसी नियमित अच्छे पाठक के लिए मेरी समझ में किसी किताब को चुनने का सबसे बड़ा कारण होगा कि वह किताब का अनुक्रम देखता है। और किताब के भीतर जो भी हो पर आपका अनुक्रम अगर काफी ज्यादा आकर्षक और प्रभावी है तो निश्चित रूप से आपकी किताब को पसंद किया जाता है। कहने का तात्पर्य है कि किताब के अनुक्रम को सबसे ज्यादा ध्यान पूर्वक और बेहद आकर्षक बनाना है। 

5) किताब को छोटे हिस्सों में बांट लो :

आप किसी भी चीज की शुरुआत छोटे छोटे हिस्से से ही करते है और किताब लिखने के लिए भी आपको अपने सब्जेक्ट को छोटे छोटे टुकड़ों में लिखना होगा। आपको एक एक शब्द से एक एक पेज से सबका हिसाब रखना होता है। किताब लिखना एक बड़ी परियोजना जैसा है और इसमे समय लगेगा इसलिए आप इसको छोटे छोटे खंड में बांट लेते हैं। इस तरह आप पहले कुछ सप्ताह में लिखने की शुरुआत कर पाएंगे। 

किताब लिखना बेहद सहूलियत का कार्य है आपको कुछ खास और बेहतर लिखना है जो लोगों को आकर्षित करें। हमें सिर्फ पन्ने नहीं भरने है। (kitab kaise likhe?)

आप अपनी लिखे जाने वाली किताब को समझे और फिर पैराग्राफ, पेज, भाग सारी चीजों को निर्धारित करते चले। एक महीने की अवधि के बाद आप करीब अपने 100 पेज पूरे कर पाएंगे। 

अब आप किताब की रूप रेखा रेखा निर्धारित कर चुके है और यह अब पहले से आसान और बेहतर होता जा रहा है। 

6) समय निर्धारित करे :

आप कितना भी कोशिश कर ले पर आप अपने किसी कार्य के लिए पर्याप्त समय तब तक नहीं दे सकते जब तक आप उस कार्य के लिए एक निर्धारित समय नहीं निकाल लेते। 

किताब लिखना शुरुआत में आपको पहाड़ तोड़ने जैसा लगता है और हो सकता है यह वैसा ही हो पर यह असंभव नहीं है। हम अपनी सूझबूझ से इसे बेहतर और प्रगतिशील तरह से लिख सकते हैं। (kitab kaise likhe?)

जरुरी है कि आप लिखने के लिए समय निकाले आप संकल्प करें कि आपको 6 घंटे उसको देना है फिर आप निश्चिंत हो सकते है। आपका कार्य भी आगे बढ़ता है। आपको अपने निर्धारित समय का पूरा उपयोग करना होता है। बेशक आप अपनी सुविधा के लिए टुकड़ों में तोड़ सकते हैं। आप कुछ घण्टे सुबह कुछ दोपहर या कुछ शाम और रात के लिए बाँट सकते है। इस तरह आपको सोचने का मौका भी मिलता है। जो आपको एक बेहतर लेखक बनाता है। 

आम तौर पर लेखक लिखने के लिए निर्धारित समय नहीं निकाल पाते क्योंकि वह Netflix या कोई बॉलीवुड हॉलीवुड मूवी देखते हैं। पर फिर भी आपको अपनी किताब लिखने के लिए साप्ताहिक 6 घंटे निकाल लेने चाहिए। 

7)किताब के मुख्य विचारों पर अडिग  रहे :

जो आपकी किताब के बड़े विचार है उनको लिखने के साथ भूलते नहीं जाना है यानी कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि किताब का जो सिद्धांत हमने निर्धारित किया है उसका प्रभाव कम हो जाए। चुकीं पाठक किताब के शीर्षक को पढ़ते हैं और शीर्षक ही किताब के सिद्धांत का वर्णन करता है। (kitab kaise likhe?)

हमें अपने विचारों को और कहानी को इस तरह शब्दों में पिरोना है कि उसका सैद्धांतिक भाव स्पष्ट होना चाहिए। हालांकि हम अन्य क्षेत्रों में विचार करके भी लिखना चाहेंगे परंतु एक निश्चित सीमा में उससे ज्यादा अधिक नहीं।किताब का शीर्षक ऐसा होना चाहिए कि लोगों के सामने आते ही वह उस किताब को पढ़ने के लिए जिज्ञासा जाहिर करें। 

8)  एक रूपरेखा तैयार करें :

रूपरेखा तैयार करें

किताब किसी भी विषय में हो  फिक्शन या नॉन फिक्शन इत्यादि परंतु जरूरी यह है, कि आपको उसका एक आकार निर्धारित करके चलना होगा। कहा पर कौन-सा तथ्य सही रहेगा या नहीं रहेगा यह सब आपको पहले से ही एक ढाँचा तैयार करके रख लेना होगा। इसके बाद आपको लिखना है और अपने ढांचे को मद्देनजर रखते हुए। अब यह कार्य बेहतर और आसान होगा। 

आपकी किताब की रूप रेखा आपको मदद करेगी और लिखने में और किताब कितनी अच्छी होगी यह भी पता लगाया जा सकता है। 

आपको कहानी में चल रहे दिन, दिनांक, मौसम इत्यादि सब को नजर रखते हुए लिखना होगा जो कि आप बिना रूपरेखा बनाए आसानी से नहीं हो सकता है। 

शुरुआत से लेकर आखिरी तक आपको किस जगह पर रोमांच, सस्पेंस अंकित करना है इन सब का खाका आपको पहले तैयार रखना होगा। (kitab kaise likhe?)

पाठक को नए विचार मिलते रहे किताब का संपर्क उससे बना रहे हमेशा एक रोचक सवाल बना ही रहे जो पाठक को किताब के आखिरी पन्ने पर खीच कर ले जाए। 

और इस तरह की कहानी या विचार लिखे जाए जिनका अंदाजा लगाना नामुमकिन हो। 

यह सब आपको अपनी रूपरेखा में अंकित करके उसको सही तरह से किताब में लिखना होगा। 

यदि कहीं ऐसा होता है किताब लिखने के दौरान की आप अपना आत्मविश्वास खो दे या आपको यह लगे कि नहीं अब और नहीं लिख सकते यह अच्छी किताब नहीं हो सकती इत्यादि रूपरेखा आपको ऐसे किसी भी नकारात्मक विचारों से बचाती है। आप बस पॉइंट टू पॉइंट लिखते जाये और अंत में आप जीत जायेगे। (kitab kaise likhe?)

इस मामले में मेरा व्यक्तिगत दृष्टिकोण है कि हमें कोई कार्य शुरू करने से पहले सोच लेना चाहिए कि वह आप कितना अच्छे से कर पाएंगे और किताब लिखने से पहले उसकी रूपरेखा तैयार करना एक बेहद जरुरी स्टेप है किताब लेखन के मामले में।

किताब की रूपरेखा तैयार करते समय इन बातों का ध्यान रखें :

  • तारीखें, समय, दिन, ऋतु : कहा क्या समय बताना है याद रखे। 
  • रोचक किरदार : किताब की जरुरत के अनुसार रोचक किरदार बनाए जो समय समय पर सस्पेंस को बढ़ाते रहे। 
  • सवाल : जितने सवाल उतनी जिज्ञासा सवालों को आखिरी तक ले जाए। सवालों की कड़ियां बनाए। 
  • समस्याओं को चरितार्थ करे और संघर्ष को भी पाठक को यह सब सच लगे इस तरह का संघर्ष। 
  • सारे किरदारों के चरित्र को उजागर करते रहे। 
  • प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन या किसी डरावने जंगल जगह का वर्णन विस्तार से करे। 
  • किरदारों के मानसिक भावों को भी लिखे।

और भी कई मुख्य बाते है जो कि किसी किताब को बेहद रोचक बना सकती है इन सबका प्रयोग किस तरह और कैसे करना है यह काम लेखक निर्धारित करता है। (kitab kaise likhe?)

9) समय सीमा बनाए :

समय सीमा बनाए
समय सीमा बनाए

किताब लिखना एक बेहद बड़ा और शांति प्रिय कार्य है किसी भी तरह की जल्दबाजी यहा आपका कार्य बिगाड़ सकती है। या यह आपके प्रदर्शन को बेकार कर सकती है। परंतु लिखने की गति इतनी होनी चाहिए कि जो समय हम निर्धारित करते है उस समय पर आपकी किताब का एक हिस्सा या पूरी किताब लिख चुकी हो। 

समस्या यही है कि अगर हम कोई डेडलाइन लागू नहीं करते तो हमारा कार्य पिछड़ जाता है।(kitab kaise likhe?)

 हमे डर होना चाहिए कि मैंने पूरा हिसाब लगा के इतने दिन में इतना लिखूँगा या इतना समय निर्धारित किया था फिर यह अभी तक भी अधूरा क्यु है? जब तक आप एक डेड लाइन तैयार नहीं करते। आपके अंदर कार्य करने की लालसा उत्पन्न नहीं होती जो कि एक किताब लिखने के लिए बेहद जरुरी है। हाल के लिए आप अपने पहले पन्ने की रूपरेखा तैयार करे और याद रखे उसमे सभी बड़े विचार अंकित किए जाए। (kitab kaise likhe?)

इसमे आप अपने करीबी मित्र या परिवार वालों को उत्तरदायी बना सकते हैं। 

10) शब्दों का गणित रखे :

आप कितने शब्द प्रतिदिन लिखते हैं यह तय करता है कि आपकी किताब किस गति से लिखी जा रही है। आपको शब्दों की गणना का ज्ञान होना चाहिए। 

जब आप एक निर्धारित शब्दों को लिखने का लक्ष्य बना लेते तो किताब लिखने की प्रक्रिया प्रगतिशील होती है। आपको पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आप एक दिन में कितने शब्द लिखेंगे। और फिर एक सप्ताह में कितने शब्द लिखते है उसके उपरांत एक माह में कितने शब्द लिखते हैं।(kitab kaise likhe?)

यह सब हिसाब किताब रखने का ही कारण है कि हमे यह पता चलता रहे की हमे कब अपने काम को ज्यादा समय देना है या कब हम कुछ अन्य कार्यों पर ध्यान भी दे सकते है। आखिर किताब लिखना कोई एक दिन का कार्य नहीं है। हमे अपनी दिनचर्या में इसको शामिल करना होगा और  निर्धारित समय अथवा शब्दों को पूरा करना होगा। 

मान लीजिए आप एक दिन में 1000 शब्द लिखते है। इस हिसाब से आपने एक सप्ताह में 7000 शब्द लिखे और एक महीने में 30000 शब्द लिखे। कहने का तात्पर्य है कि हमारा टारगेट फिक्स होना चाहिए और कब गति बढ़ानी है कब कम कर सकते हैं यह सब हमें पता होना चाहिए। 

आप अपनी क्षमताओं के अनुसार कितने शब्दों को लिखना है सुनिश्चित करें और कम से कम 500 से 700 शब्द प्रतिदिन लिखने का जिम्मा ले यह आपकी किताब को लिखने की पर्याप्त गति प्रदान करेगा। (kitab kaise likhe?)

किताब लिखने की रफ्तार को और बढ़ाने के लिए अपने समय में से कुछ खास समय निकाले जैसे कि यदि आप एक सप्ताह में किसी दिन ज्यादा फ्री रहते है वह कौन सा दिन होता है जब आप ज्यादा फ्री है उस समय को आप निर्धारित रेखा में जोड़ ले।

 सप्ताह में रविवार को आप अपनी किताब को ज्यादा समय दे सकता है। और उस समय आप ज्यादा आरामदायक स्थिति में होते हैं। लिखने का सबसे खूबसूरत दिन संडे ही माना जाता है। 

यह आपकी किताब के लेखन को  अतिरिक्त गति देगा। (kitab kaise likhe?)

11) अन्य दैनिक जिम्मेदारियों के साथ लेखन कैसे सम्भव करेंगे? 

लिखना कोई जंग नहीं है ना ही कोई दौड़ है जो आपको जीतने की होड़ लगानी है। आप को सिर्फ अपने आप को उतना ही परिवर्तित करना है कि जितना आप हो सकते है उससे अधिक नहीं अगर आप ऐसा करेंगे तो कुछ भी संभव नहीं हो पाएगा और आपकी निजी जिंदगी को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

असल में आप सिर्फ उतना ही लिखे जितना आपको महत्वपूर्ण लगता है।

 जैसा कि मैंने कहा किताब लिखना हमारे जीवन का हिस्सा है और यह हमारे अनुसार चलेगा यदि कोई और जरुरी चीजे है। जिनका परिणाम आपके किताबी लेखन से बदल रहा है तो आपको पहले वह करना होगा। (kitab kaise likhe?)

किताब लिखना हमारे जीवन का हिस्सा हो सकता है परंतु किताब लिखना जीवन नहीं है। हमें हमारी सारी मूलभूत जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए किताब को पूरा करना है। 

यह हमारे विचार है हम उनको जब मन करे तब लिखेंगे वह ज्यादा बेहतर है और सफल भी होगा। यदि आप अपने मन में कोई और कार्य को लेकर चिंतित है और लिखने का प्रयास करते है तो यह आपके विचारों को प्रभावित करेगा और इससे आपकी पूरी मेहनत बेकार हो सकती है। 

याद रखे कि आपको अपने मन को चिंता मुक्त होकर अपने विचारों का प्रकटीकरण करना है। जब तक आपका मन खाली और शांत नहीं होगा यह आपके विचारों को प्रभावित करेगा जिसका सीधा असर हमारी लेखन कला पर पड़ता है। 

आपको अपनी दिनचर्या में से आसान समय निकाल कर उस समय में अपनी किताब को लिखना है।और आखिरी में आप दिनचर्या के अनुसार उतना ही समय लेखन को दे जो आपको आसान लगे और आपके लेखन उत्पादकता को भी बढ़ाए। 

12) एकाग्रता स्थापित करने के लिए आधुनिक संगणक (एप्लीकेशन) का उपयोग करें :

आपकी एकाग्रता आपकी सोच का विकास करती है और आपकी सोच आपके विचारों का उत्पादन करती है। और किताब लिखने के लिए हमे अपने अनुसार लाखों विचारो की आवश्यकता होती है। ऐसे में हम समझ सकते है कि हमारे लिए एकाग्रता एक महत्वपूर्ण जरुरत है। 

आप अपने फोन की आवाज सुनकर विचलित हो जाते है या बार बार आपको संदेश और कॉल आते है और आप अपने मेल के notifications से परेशान है जो कि आपकी एकाग्रता के पक्के दुश्मन है। 

ऐसे में हम अपनी एकाग्रता को बनाए रखने के लिए कुछ आधुनिक एप्स का उपयोग कर सकते हैं जो कि आपकी एकाग्रता को बनाए रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। (kitab kaise likhe?)

यह एप्लिकेशन आपकी एकाग्रता को सुरक्षित रखते है साथ ही यह आपके लेखन से जुड़े पूरे विवरण को (शब्दों की गिनती /पेज /) का पूरा हिसाब लगा के रखते है। जिससे आपका समय भी बचता है और आपका कार्य आसान भी होता है। 

नीचे दिए गए कुछ एप्लिकेशन आपको किताब लिखने के लिए मददगार सिद्ध होंगे:

ऊपर दिए गए आधुनिक संगणक किताब लिखने के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगे। 

13) आत्मविश्वास बनाए रखे मनोबल ना गिरने दे :

 आत्मविश्वास बनाए रखे मनोबल ना गिरने दे
आत्मविश्वास बनाए रखे मनोबल ना गिरने दे

जैसा कि हम सभी जानते है किताब लिखना कोई आसान कार्य नहीं है और यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होती है कि आप किसी किताब को लिखने के लिए कार्य कर रहे हैं। और किताब लिखने के लिए काफी ज्यादा समय लगता है और समय के साथ आपको निराशा घेरने लगती है। ऐसी स्थिति में कई समस्याएं आती है जो आपके दिमाग को बेकार और आपके मनोबल को तोड़ने का प्रयास करेगे पर आपको अडिग रहना है और अपना आत्मविश्वास बनाए रखना है आखिरी तक हमे अपने उन विचारों पर स्थगित रहना है जो हमने शुरुआती दिनों में किताब लिखने के लिए प्रतिबद्ध थे। हमे उन विचारों को सोचना चाहिए। 

हर लेखक के मन में ऐसे नकारात्मक ख्याल आते है कि वह जो लिख रहा है वह बेहतर नहीं है और भी कई अनावश्यक और नकारात्मक विचार आते हैं। परंतु सच्चे लेखक का कर्तव्य है कि वह उनका सामना करते हुए अपनी किताब को गंतव्य तक ले जाए। 

एक किताब को पूरा करना बिल्कुल ही आसान नहीं होता इसमे लेखक के निजी जिंदगी से जुड़े दुख सुख को नजरअंदाज करते हुए वह अपनी कला को सबके सामने प्रदर्शित करता है। 

सारी बातों का मुख्य सार यह है कि आपको अपना मनोबल बनाए रखना है हर लेखक के मन में ऐसे सवाल आते है पर वह फिर भी अपने कदम पीछे नहीं रखते और अपनी किताब को पूरा करते हैं। 

14) खत्म करने की जल्दबाजी से बचें :

जल्दबाजी का काम शैतान का काम होता है यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी और इसका असर आपके कार्य पर पड़ता है यह आपके कार्य की गुणवत्ता को खराब करता है। 

किताब लिखते समय और किताब लिखने के आखिरी चरण में हमे किताब पूरी करने की जल्दी हो सकती है जो स्वाभाविक बात है। परंतु हमें इससे बचना है। 

और अपनी लेखन कला की गुणवत्ता को और बेहतर बनाए रखना है। एक किताब एक एक सेकंड से लेके एक साल या उससे अधिक की मेहनत की साक्षी होती है। हमें यह बात अच्छे से पता है कि गलतियां और भूल दोनों ही जल्दबाजी की पैदाइश है और हम अपनी इतनी बड़ी मेहनती पूंजी पर कोई गलती या भूल बिल्कुल नहीं करना चाहेंगे। 

इसलिए हमें कोई जल्दबाजी नहीं करनी है अपना धैर्य बनाए रखें और बेहद इत्मीनान के साथ अपने कार्य को सम्पूर्ण करे । 

15) जांच करे कोई गल ती है तो सही करे :

किताब लिखने के उपरांत आप खुद उसकी जांच करे कि कहीं कोई गड़बड़ी और गलती तो नहीं रह रहीं है? क्या सब कुछ वैसा ही है? जैसा आपने निर्धारित किया था और अगर नहीं है तो आप उसको ठीक करे और कोई जरूरी बदलाव भी है तो उसको भी अवश्य करे। 

यह क्रिया किताब समाप्ति के बाद करनी है। कुछ और जोड़ना चाहते है तो जोड़े और सब कुछ सही है तो आपका अगला कदम उठाए। एक एक शब्द और भाव पर बारीकी से अध्ययन और जांच करें उसका प्रभाव समझे। इसमें समय लगेगा पर यह आपके सम्पूर्ण मेहनत का फल है इसके साथ लापरवाही नहीं बरत सकते। 

16) किताब प्रकाशित कैसे करें :

किताब प्रकाशित कैसे करें
किताब प्रकाशित कैसे करें

और आखिरकार आप वहाँ पहुँचते है जो आपकी योजना के अनुसार था। एक लेखक के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि और हर्ष का विषय होता है। 

सच्चा लेखक हमेशा अपनी पूरी कोशिश करता है कि उसकी किताब को ज्यादा से से ज्यादा लोगों के बीच पहुँचा सके। 

आप किताब को कैसे प्रकाशित करते है यह आप पर निर्भर करता है। आप amazon kindle जैसे बेबसाइट पर भी प्रकाशित कर सकते हैं। 

किताब क्यु लिखना चाहते हैं ? 

किताब क्यु लिखना चाहते हैं ?
किताब क्यु लिखना चाहते हैं ? 

जब आप खुद से यह सवाल करेगे की आप क्यु लिखना चाहते हैं तो आपको आपका विचार साफ होना चाहिए कि आप किताब क्यु लिखना चाहते हैं। 

  • क्या आप ज्यादा पैसा कमाने के लिए लिख रहे हैं? 
  • क्या आप सिर्फ शौक के लिए लिख रहे हैं? 
  • क्या आप दिखावे के लिए लिखना चाहते हैं? 

ऊपर लिखे सवालों में से अगर किसी एक भी उत्तर अगर हाँ है तो यह लेखन कला आपके लिए नहीं है। कारण यह है कि दुनिया में पहले ही बहुत लेखक है और एक लेखक ज्यादा पैसे नहीं कमा सकता केवल गिने चुने लोग ही है जो ज्यादा पैसे कमाते है। हां अगर आप किसी न्यूज एजेंसी के लिए या किसी फिल्म इत्यादि में लिख कर पैसा कमा सकते हैं। 

और तीसरी बात की आप शो ऑफ के लिए कभी एक बेहतरीन किताब तैयार नहीं कर सकते। और किताब लिखने से आप ज्यादा फेमस नहीं हो सकते। अगर आपको पब्लिसिटी ही चाहिए तो आप कोई मार dhad का वीडियो बना के किसी को गाली देकर फेमस हो सकते है यह एक आसान रास्ता होगा। परंतु किताब लिख कर आप फेमस होने के चांस बेहद कम ही है। इसलिए सोच समझ कर आप इसमें आए क्युकी जाने कितने ही लोग जोश में आके यह शुरू करते और और अधूरा ही कर पाते है जिसमें आपका समय और मन दोनों ही खराब होते हैं। 

किताब के प्रकाशन के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट करके बताये। आपको उचित जानकारी उपलब्ध करवायी जायेगी। लेख से संबंधित कोई और सवाल भी आप नीचे कमेंट box में कमेंट करके पूछ सकते हैं। 

उम्मीद है आप समझ गए होंगे एक किताब लिखना बहुत ही धैर्य और संयम का कार्य है इसमें कोई जल्दबाजी नहीं होती। यह असंभव कार्य नहीं है बस आपको खुद पर भरोसा होना चाहिए पहली बार यह मुश्किल हो सकता है उसके बाद यह आपको असान होगा।

आपके लिए एक खास उपहार है, और नीचे दी गई यह किताब आपको एक पुख्ता मार्गदर्शन देगी, शायद इसे पढ़ने के बाद आपके जीवन की हर शंखा और हर जिज्ञासा का अंत होगा। यदि आप एक लेखक है या लेखक बनना चाहते है तो यह छोटी सी किताब आपके लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी…

दोस्तों उम्मीद है आपको हमारा ये लेख किताब कैसे लिखे?| किताब लिखने की संपूर्ण जानकारी | kitab kaise likhe? | how to write a book?( TOP 16 TIPS)  पसंद आया होगा ।लेख से संबंधित शिकायत और सुझाव नीचे कमेंट box में या हमें मेल करके दर्ज करा सकते हैं। हिंदी भाषा के विकास में योगदान देने के लिए कृपया हमें ज्यादा से ज्यादा शेयर और follow करें ।

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By Nihal chauhan

मैं Nihal Chauhan एक ऐसी सोच का संरक्षण कर रहा हू, जिसमें मेरे देश का विकास है। में इस हिंदुस्तान की संतान हू और मेरा कर्तव्य है कि में मेरे देश में रहने वाले सभी हिंदुस्तानियों को जागरूक करू और हिंदी भाषा को मजबूत करू। आपके सहयोग की मुझे और हिंदुस्तान को जरुरत है कृपया हमसे जुड़ कर हमे शेयर करके और प्रचार करके देश का और हिंदी भाषा का सहयोग करे।

16 thoughts on “किताब कैसे लिखे?| किताब लिखने की संपूर्ण जानकारी | kitab kaise likhe? | how to write a book?( TOP best 16 TIPS)”
      1. Bhaiya aapne ish blogging me wo sab kuchh cover Kar liya hai Jo starting me ak book likhne ke liye honi chahiye. Bhaiya mujhe bahut kuchh knowdge mila hai. Ye lekh read karke. Thanks a lot Bhaiya

    1. बहुत ही अच्छे तरीके से समझाया आपने…. शुक्रिया

  1. जब आप खुद से यह सवाल करेगे की आप क्यु लिखना चाहते हैं तो आपको आपका विचार साफ होना चाहिए कि आप किताब क्यु लिखना चाहते हैं।
    अगर आप को इन प्रश्नों के उत्तर देने हो तो आप के उत्तर क्या होंगें कृपया स्पष्ट और विस्तार में बताईये
    7800549724 ( whataap no )
    पर संदेह का निवारण करने की कृपा करें

  2. बहुत सुंदर जानकारी मेरी एक किताब लिख कर छपने के लिए तैयार है, उसके पूर्व में आपके लिए सुझावों पर अमल कर , आगे बढ़ूंगा।
    धन्यवाद

    1. हमारे Facebook पेज पर हमसे जुड़े किताब लिखने के संदर्भ में सारी जानकारी और सारे सवालों के जबाब उम्मीद है आपको वहां मिल जाएंगे।

  3. आपके द्वारा दी गई जानकारी काफी अच्छी है। मैंने आपकी वैबसाइट को बूकमार्क कर लिया है। हमे उम्मीद है की आप आगे भी ऐसी ही जानकारी देते रहेंगे। हमने भी लोगो को जानकारी देने की छोटी सी कोशिश की है अगर आपको अच्छी लगे तो आप हमारी वैबसाइट को एक backlink जरूर दे। हमारी वैबसाइट का नाम है DelhiCapitalIndia.com जहां हमने केवल दिल्ली से संबन्धित पोस्ट लिखा है। जैसे – Leela Hotel || Leela Palace दिल्ली का लीला होटल

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