हमे आपको क्रोध को नियंत्रित करने के 10 सबसे बेहतर उपाय (krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay) साझा करने का एक ही मकसद है कि समाज में बदलता हुआ मनुष्य का स्वभाव। आज के इस आधुनिक युग में मनुष्य अपनी इंद्रियों से संतुलन को खो चुका है परिणाम यह है कि वह अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने में सक्षम नहीं है। 

क्रोध मानव जाति का सबसे प्रभावित कर देने वाला विषय है और पूरी मानव जाति इस स्वभाव से भली भांति परिचित हैं। हालांकि कई बुद्धिजीवी लोग इसको समझ कर इससे बाहर निकलने में सक्षम हुए है। 

क्रोध क्यु आता है? क्रोध को नियंत्रित कैसे करें? क्रोधित व्यक्ति को कोई सुझाव देना चाहिए या नहीं? ऐसे कई प्रकार के सवाल आपके मानसिक पन्नों पर चित्रित होते होंगे। 

परंतु क्या इस तरह के सवालों के जवाब हो सकते हैं और अगर है भी तो उनकी सत्यार्थी कैसे सिद्ध होगी? आख़िर हम कैसे किसी भी बात को सत्य मान ले जब तक हमारे सामने कोई सबूत पेश नहीं होता। 

क्रोध को नियंत्रित करने के बारे में सोचने से पहले आपको यह विचार अवश्य करना चाहिए कि आपको क्रोध कैसे नियंत्रित कर लेता है? जब आप सोचेंगे तभी आपको आपके सवाल का जवाब मिलेगा। जो कि एक सबूत होगा कि वास्तविकता में क्रोध को नियंत्रित किया जा सकता है। क्रोध को नियंत्रित करने के उपाय के बारे में बात करने से पहले हमे यह जरुर जाना चाहिए कि आख़िर :

क्रोध क्या है?

असल में क्रोध एक भावना है जो कि असंतुष्ट मन की उत्पति है। और यह नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही परिस्थितियों में होता है। निर्भर करता है कि व्यक्ति की मानसिकता इसको किस तरह अनुभव करना चाहती है। 

क्रो का उत्पन होना मानव स्वभाव का हिस्सा है। क्रोध कोई बीमारी नहीं है। 

दुनिया में हर इंसान के भीतर क्रोध होता है। बस आपको इसको अपने अनुसार ढालने का प्रयास करना होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इसी को हम क्रोध को नियंत्रित करना कहेंगें। 

जब यह भावना अत्यधिक प्रबल रूप धारण करती है तो यह आपके पूरे चित्त और शरीर को नियंत्रित करती है। जिससे कि बहुत बड़े हादसे और नुकसान होते हैं। क्रोध को नियंत्रित करने के उपाय बहुत सारे है। पर हमे उनको लागू करने के लिए उनका उपयोग में लाना जरूरी है। 

क्रोध को शांति से खत्म किया जा सकता है। और अब आपको आपके मन में शांति कैसे  स्थापित करनी है यह आपको पूरा लेख पढ़कर समझ आ ही जाएगा। 

 KRODH KO NIYANTRIT KARNE KE 10 SABSE BEHTAR UPAY
KRODH KO NIYANTRIT KARNE KE 10 SABSE BEHTAR UPAY

क्रोध को नियंत्रित करने के उपाय :

  • अनुचित बातों को अनसुना करें 
  • उल्टी गिनती गिने 
  • ज़रुरत से ज्यादा सक्रिय ना रहे 
  • ऐसे शब्दों का उच्चारण करें जो आपको शांत रखने में सहायक होते हैं 
  • शरीर को आराम दे 
  • क्रोध को नियंत्रित करने का मंत्र 
  • क्रोध का सही इस्तेमाल करे
  • तामसी और तैलीय भोजन कम खाए 
  • लंबी और गहरी साँस लेने का प्रयास करें 
  • खुद को शांत रखे और ध्यान करें 

1)अनुचित बातों को अनसुना करें :

अनुचित बातों को अनसुना करें
अनुचित बातों को अनसुना करें

क्रोध आने के मुख्य कारणों में से एक है कि जब आप अपने तर्कों को साबित करने में असफल होते हैं या व्यक्ति जान बुझ कर आपको गलत साबित करता है ऐसी स्थिति में आपको क्रोध आता है। या फिर तब आता है जब कोई व्यक्ति बेतुकी बात का परचम 

आपके सामने लहराता है और आप उसका विरोध करते हैं। 

दोनों ही परिस्तिथियों में एक चीज़ समान है वह है क्रोध आख़िर क्यु? आसान सा जबाब है पहली स्थिति में व्यक्ति आपकी बात का विरोध कर रहा था और दूसरे में आप उस व्यक्ति की बात का विरोध कर रहे थे। ऐसे में संभव है कि जब कोई ऐसी बात होती है जो अनुचित है आपके मतलब कि नहीं है आपको उसमे अपना tark) तर्क बिल्कुल नहीं देना चाहिए और किसी ऐसे व्यक्ति को कोई सुझाव ना दे जो आपकी बात को समझते हुए भी नहीं समझना चाहता हो। उम्मीद है आप हमारा इशारा समझ गए होंगे। गुस्सा हमेशा उन बातों पर आता है जो हमारे नज़रिए से अनुचित  हो सकता है लेकिन किसी दूसरे के लिए वह महत्वपूर्ण विचार हो। इसीलिए बहुत जरूरी है कि हम अनुचित बातों को अनसुना करके क्रोध पर नियंत्रण रखने में सक्षम होंगे।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

2) उल्टी गिनती गिनना :

आपको यक़ीनन यह कोई पुराना मुहावरा प्रतीत हो रहा होगा परंतु इससे पहले आप और गलत विचार लाए आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह नुस्खा वैज्ञानिकों द्वारा शोध किया गया कि यदि आपको क्रोध आ रहा है तो आप अपने मन में उल्टी गिनती गिनना शुरु करदे और अगले ही पल आपका गुस्सा काफी कम हो जाएगा। ऐसा कैसे होता है इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण यह भी है कि जब हम उल्टी गिनती गिनते है उस समय हमारी ह्रदय की गति बहुत धीमी हो जाती है जिससे कि हमारा क्रोध काफी ठंडा हो जाता है।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

यह तारिका कार्य करता है परंतु आप पूर्ण रूप से इसपर निर्भर नहीं रह सकते। क्रोध आने का मुख्य कारण क्या है जब तक उस जड़ तक नहीं जाते तब तक आप बस अनिश्चित काल के लिए ऐसे नुस्खों से क्रोध पर नियंत्रण कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि क्रोध एक ऊर्जा है जो कि आपके विचारों के अनुसार सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। 

3) ज़रुरत से ज्यादा सक्रिय ना रहे : (krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

 कई बार ऐसा होता है हम किसी की बात को पूरा सुन भी नहीं पाते और क्रोधित होकर तिल मिला कर सामने वाले व्यक्ति पर चड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में हम जरुरत से ज्यादा सक्रिय होते हैं। सक्रियता एक अच्छी आदत हो सकती है परंतु यदि यह अपने सीमित दायरे से बाहर होगी तो यह आपके लिए कई बड़ी समस्याएँ खड़ी कर सकती है।

 क्रोध आना इसका हिस्सा हो सकता है। जब आप किसी बात को ओवर प्रोटेक्ट करते है तब भी इसी प्रकार की समस्या होती है। असल में आपको इस बात का अंदाजा नहीं होता कि आप अपनी बात को साबित करने के लिए इतने अग्रेसिव हो गए है कि लोग आपसे असहज महसूस कर रहे है और बाद में जब आप ये समझ पाते है तब तक लोगों के बीच आपकी एक गुस्सैल छवि चारित्रिक हो चुकी होती है।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

आपको हमेशा अपने बर्ताव को लेके संयम बरतना होगा कि आपका बर्ताव इतना प्रभावी ना हो कि वह लोगों को क्रोध लगने लगे।

इस तरह के बर्ताव से आपकी छवि को नुकसान पहुँचता है लोग आपसे अपनी बात नहीं कह सकते और अगर आप एक व्यापारी है तब तो यह आपको और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए हमेशा याद रहे कि आपको जरुरत से ज्यादा सक्रियता नहीं दिखानी है आप पहले लोगों की बातें सुनें और उसके बाद अपनी आसान प्रतिक्रिया व्यक्त करे और विपक्षी को समझाए जब वह आपको सुनना चाहता है तो। ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

4) ऐसे शब्दों का उच्चारण करें जो आपको शांत रखने में सहायक होते हैं :

व्यक्ति अपने जीवन में कई अच्छी बुरी यादों को साथ लेकर जीता है। ऐसे में सम्भव है उसकी कुछ यादें कुछ अतीत ऐसा होता है जिसे सोच कर वह विपत्ति यों में भी मुस्कुरा जाता है और हम ऐसी यादों का उचित प्रयोग कर सकते हैं।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

जब आपका क्रोध आपके आपे से बाहर जाता है उस समय आपको जरुरत है आप उन शब्दों का उच्चारण करें जो आपको संतोष जनक लगते हैं और आपके मन को शांत और स्थिर करते है। हर इंसान के जीवन में ऐसे शब्द होते है अगर आप उन्हें जानते है तो अच्छी वर्ना आपको खुद की खोज करके ऐसे शब्दों और विचारों को ढूँढना है जो आपको क्रोध को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होंगे। 

क्रोध को नियंत्रित करने के लिए आपको यह प्रतिक्रिया अपने मन में ही करनी होती है। 

5) शरीर को आराम दे :

शरीर को आराम दे
शरीर को आराम दे

हमारी थकान हमे इस तरह से प्रभावित करती है यह आपने सोचा नहीं होगा परंतु यह सत्य है। जब आप थक जाते हैं तो आपकी मांसपेशियाँ बहुत ही  तनाव पैदा करती है। आपका मन आपकी थकावट के कारण प्रभावित होकर बहुत ही अस्थिर हो जाता है। परिणाम स्वरूप आपको बे वजह ही क्रोध उत्पन्न होने लगता है।  इसका निश्चित उपाय एक ही है। आप अपने शरीर को आराम दे और यह सुनिश्चित करे कि आपका शरीर इतना ना थके की उसका प्रभाव आपके मानसिक तनाव का कारण बने।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

शरीर को आराम आराम दे और उसकी क्षमता अनुसार मेहनत करे यदि आपको आपकी क्षमताओं का विकास करना है तो आप धीरे-धीरे कसरत करके उसको बड़ा सकते हैं। परंतु अचानक से शरीर को थका देना आपको क्रोध करने पर मजबूर करेगा। क्रोध को नियंत्रित करने के लिए आपको ऐसे कारणों से बचना होगा। शरीर को पर्याप्त आराम और नींद दे यह आपको क्रोध नियंत्रित करने में मदद करते हैं। 

6) क्रोध को नियंत्रित करने का मंत्र ;

ॐ सौं सोमाये नमःऔर ॐ भोम भोमाये नमः

ऊपर लिखे यह मंत्र कोई मामूली मंत्र नहीं है। इनका जाप करके आप क्रोध को काफी नियंत्रित कर पाएंगे। क्रोध को नियंत्रित करने के उपाय के बारे हमारे इतिहास में और वेदों पुराणों में कई मंत्र दिए गए हैं। जिनके उच्चारण मात्र से आपको क्रोध पर नियंत्रण करने में मदद मिलती है। वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार संस्कृत भाषा के यह मंत्र जब उच्चारित होते है तो दिमाग़ में ऐसे रासायनिक तत्वों का रिसाव होता है जो आपको शांत और क्रोध मुक्त करता है। उन्हीं में से कुछ मंत्र लिखे हुए है, जिनका उच्चारण आपको क्रोध को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होगा।  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

7) क्रोध का सही इस्तेमाल करें :

क्रोध का सही इस्तेमाल करें
क्रोध का सही इस्तेमाल करें

क्रोध एक ऊर्जा है अगर आप इसका उपयोग सकारात्मक  तरीके से करते हैं तो इसके कई फायदे भी हो सकते और यदि इसका उपयोग नकारात्मक हुआ तो यह शारीरिक मानसिक हर तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। अधिकतर लोगों को क्रोध नकारात्मक प्रभाव ही डालता है। लोगों को क्रोध को नियंत्रित करने की समझ नहीं होती। यह एक ऐसा मानसिक द्वंद है जिसमें आप अपने क्रोध को केन्द्रित करके अपने कार्य पर लगाते है। उदाहरण के लिए मान लीजिए कई बार हमे गुस्सा आता है और हम उसको जाहिर नहीं कर पाते तो हम उस गुस्से को कहीं और निकालते है। आप अपना मोबाइल फोन तोड़ देते हैं, टीवी तोड़ देते हैं, या किसी ऐसे इंसान को मार देते है। जो उसका पत्रिकार नहीं कर सकता। आप अच्छे से जानते है ये सारे ही कार्य गलत है। यह आपको आपराधिक मानसिकता दर्शाता है। फिर समस्या यह है कि आख़िर क्रोध को नियंत्रित कैसे करें?  ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

इसके लिए आपको जब क्रोध आता है। उस समय आप वह समय निकाल दे और बाद में आप कसरत करके, अपना कोई महत्पूर्ण कार्य करके अपना क्रोध निकाल सकते है। इस तरह से आप अपनी नकारात्मक भावनाओं से मुक्त भी होते है। और क्रोध को नियंत्रित करने में भी सफल साबित होंगे। लोग क्या सोचेंगे हमे ये नहीं सोचना है हमे चाहिए कि हम अपने क्रोध को कैसे सदुपयोग में ले। जब तक आप खुद के लिए नहीं सोचेंगे कोई कोई ना कोई बाहरी बात आपको दिक्कत देती रहेगी जिससे आप क्रोधित होते हैं। ;(krodh ko niyantrit karne ke 10 Sabse behtar upay)

शुरुवात में थोड़ा समय लग सकता है। आपको यह करने में पर जैसे ही आप इसे लगातार करते है। आप इसमे महारत हासिल कर लेते हैं। फिर आपका क्रोध पर पूरा नियंत्रण होता है। 

8) तामसी और तैलीय भोजन कम खाए :

तामसी और तैलीय भोजन कम खाए
तामसी और तैलीय भोजन कम खाए

हमारा मन और हमारे भीतर जो ऊर्जा आती है वह भोजन और प्राण वायु के द्वारा आती है। ऐसे में क्रोध और दुख, हर्ष, जिज्ञासा यह हमारे मन के महत्त्वपूर्ण भाव है। जब ऊर्जा ही हमारे मन और शरीर को संचालित करती है तो वह ऊर्जा जहा से आयी है इस बात से भी हमारे भावो को प्रभावित करता है। 

हम अगर सादा, साद वीक भोजन करते हैं तो आपके मन को शांति और स्थिरता मिलती है। तामस भोजन जैसे कि ज्यादा मसालेदार, मांसाहारी, जंक फूड इत्यादि यह आपके मन को विकृत करते है। 

आपने यह महसूस किया होगा कि हर दिन आपका मानसिक क्रोध एक जैसा नहीं होता कभी आप क्रोधित और कभी हर्ष महसूस करते हैं इसका कारण यही है कि आपका भोजन सही नहीं होता। 

9) लंबी और गहरी साँस लेने का प्रयास करें : 

लंबी और गहरी साँस लेने का प्रयास करें
लंबी और गहरी साँस लेने का प्रयास करें

जीवन की इस भाग दौड़ में हमारा ध्यान हमारी साँस ले तरफ आकर्षित होता ही नहीं है। पर सत्य तो यह है कि हमारी सांसों का संबंध हमारे पूरे शरीर से अथवा मन से भी है। जब हम कोई योग करते है तब भी हर योग के साथ हमारी सांसों को गति अलग अलग होती है और योग के क्या फायदे है उनसे आप जरुर वाक़िफ़ होंगे। क्रोध को नियंत्रित करने में साँस का काफी महत्व है। हमारी तेज साँस हमे क्रोध की ओर ढकेलती है बल्कि धीमी और लंबी साँस हमेशा आपके क्रोध को नियंत्रित करती है। 

जब आपको क्रोध आए आप उस समय लंबी और गहरी साँस लेने का प्रयास करे। कुछ ही पलों में आपको इसका फ़ायदा मिलेगा। 

आपका गुस्सा कम हो जाएगा और आप खुद को नियंत्रित महसूस करेंगे। क्रोध को नियंत्रित करने के उपाय बहुत है 

पर अच्छा उपाय वही है जो आपको जल्दी राहत दे। 

10) खुद को शांत रखे और ध्यान करें :

खुद को शांत रखे और ध्यान करें
खुद को शांत रखे और ध्यान करें

एक बातचीत पहले बहस बनती है और उसके बाद क्रोध क्रोध को नियंत्रित करने के लिए आपको उस जगह को कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए। आप अपने मुह को बंद कर ले और अपने शांत मन में कोई अच्छा विचार करें। यह आपको क्रोध को नियंत्रित करने में मदद करेगा। 

आपको दिन में एक बार ध्यान जरुर करना चाहिए क्रोध हो या कोई भी मानसिक विकार हो ध्यान करने से आपका चित्त स्वस्थ और मानसिक रूप से प्रबल रहता है और अगर आप का मन संतुष्ट है तो क्रोध आने का सवाल ही नहीं है। 

क्रोध से होने वाले नुकसान और बीमारियाँ :

क्रोध आपके सामने एक ऐसी स्थिति उत्पन्न कर्ता है जिसमें आप खुद को फंसा हुआ पाते हैं। और इस जगह से निकलने के लिए आप ऐसे कदम उठाते हैं जो कि पूर्णतः ही अनुचित होते हैं। क्रोध से हमारे भीतर शारीरिक और मानसिक दोनों ही प्रकार के नुकसान होते हैं। उन में से कुछ नीचे लिखे गए हैं। 

  1. मानसिक असंतुलन 
  2. थकान 
  3. अनिद्रा 
  4. उच्च रक्तचाप 
  5. ह्रदय घात 
  6. मस्तिष्क पीड़ा 
  7. नकारात्मक विचार 
  8. चिंता 
  9. अनुचित कंपन 
  10. कब्ज 
  11. त्वचा संबंधित रोग 
  12. शारीरिक शक्ति का पतन 

इसके साथ ही यह उन बीमारियों को भी बढावा देता है जिनसे आपका शरीर पहले से ही पीड़ित होता है। क्रोध पर नियंत्रण करने के लिए आपको अनुशासित रहना होगा। 

जब तक आप बताये गये नियमों का पालन नहीं अनुशासित रूप से नहीं करेंगे तब तक यह आपके शरीर को खोखला करता रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। लोगों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है। जरा सी देर का क्रोध लोगों को सारी उम्र इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। 

आशा है कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा ।क्रोध पर नियंत्रण करने के लिए यह आपके जीवन में सहायक होगा। 
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By Nihal chauhan

मैं Nihal Chauhan एक ऐसी सोच का संरक्षण कर रहा हू, जिसमें मेरे देश का विकास है। में इस हिंदुस्तान की संतान हू और मेरा कर्तव्य है कि में मेरे देश में रहने वाले सभी हिंदुस्तानियों को जागरूक करू और हिंदी भाषा को मजबूत करू। आपके सहयोग की मुझे और हिंदुस्तान को जरुरत है कृपया हमसे जुड़ कर हमे शेयर करके और प्रचार करके देश का और हिंदी भाषा का सहयोग करे।

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