आज ह्रदय रोग के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में हमारे दिल का ख्याल रखना बेहद जरूरी है खासकर महिलाओं को पुरुषों से अधिक शारीरिक और मानसिक बीमारियों के लक्षण देखे जाते हैं। हम सभी जानते है कि हृदय रोग के शुरुआती लक्षण कैसे होते है लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण पुरषों से काफी कुछ अलग होते है। 

अस्वस्थ्य जीवनशैली,अस्वस्थ्य शरीर, पोषण रहित भोजन, अधिक जंक फूड और तैलीय भोजन,अस्वस्थ्य मानसिक स्वास्थ्य, आनुवंशिक प्रवृत्ति और बढ़ता हुआ मानसिक तनाव महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से हैं।

महिलाओं के ह्रदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदार Estrogen हार्मोन, रक्त वाहिकाओं में फैलाव पैदा करता और, हृदय पर सुरक्षात्मक प्रभाव डालता है ।  महिलाओं का यह हार्मोन रक्त वाहिकाओं के फैलाव का कारण बनता है जिससे ब्लड प्रेशर नियमित रहता है ।  महिलाओं में कुछ प्रकार के हृदय रोग जैसे स्ट्रोक, कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर और उच्च रक्तचाप अधिक आम हैं।

महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण – 

अस्पष्टीकृत थकान 

थकान होना मामूली बात है लेकिन यदि आपको अपनी थकान के स्पष्ट कारण नहीं पता तो यह यह गंभीर लक्षण हो सकता है ।यदि आप अपने घर की सीढ़ियां भी नहीं चड़ सकते या कार से अपना बैग निकालने में भी खुद को असमर्थ महसूस करते है तो हो सकता है कि आप ह्रदय रोग से ग्रसित हो। एक सर्वे के मुताबिक पुरषों की तुलना में महिलाएं अधिक अस्पष्टीकृत थकान से पीड़ित है। यदि आपको ऐसा लगता है कि आपकी निजी जिंदगी में कुछ ऐसे काम है जिन्हें आप पहले कर लेते थे लेकिन अब नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में आपको अपने डॉक्टर के पास जाकर अपना हेल्थ चेक उप करा लेना चाहिए। 

अपच और गैस का दर्द 

इसी प्रकार का एक और लक्षण है जो पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिक तकलीफ देता है। महिलाएं अपच और गैस से पीड़ित रहती है। डॉक्टर बताते है कि पेट और हृदय की नसों का आपस में गहरा संबंध होता है।  इस दर्द को नज़रअंदाज न करें या इसे पेट की परेशानी समझने की भूल न करें।  संदेह होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

चक्कर आना

चक्कर आना हमेशा किसी ना किसी गंभीरता का कारण बनता है इसीलिए आपको इसके प्रति सतर्क रहना। यह हृदय रोग के सामान्य लक्षणों में से एक है, जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक स्पष्ट होता है। जब आपका ब्लड प्रेशर अचानक से बेहद कम हो जाता है तो मतली और चक्कर आने लगते है।  ऐसा हृदय के ठीक से काम न करने के कारण हो सकता है।  अगर आप बेहोशी महसूस कर रहे हैं तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

बाहों और जबड़े में दर्द

शोधकर्ता बताते है कि कई महिलाएं दर्द से बाहों और जबड़े के दर्द का जिक्र करती है जो कि भयानक रूप से फैलता है। यह दर्द दिल के दौरे से संबंधित हों सकता है इसलिए चिकित्सक के पास जाकर सही कारण समझे।   कई लोग इस दर्द को कंधे के ब्लेड के बीच भी महसूस करते हैं।

 छाती में दर्द

आपके स्तनों में भारीपन और छाती में दर्द महसूस होना ह्रदय रोग के मुख्य लक्षणों में से एक है ।दिल का दौरा पड़ने पर पुरुषों और महिलाओं दोनों को सीने में दर्द का अनुभव होता है। इसे सुन्न करने वाली अनुभूति, भारीपन या आसन्न कयामत की भावना के रूप में महसूस किया जा सकता है। इस तरह के किसी भी लक्षण को दिखने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता ले। 

पसीना आना

अत्याधिक और अनावश्यक रूप से पसीना आना हृदय रोग के गंभीर लक्षणों में शुमार है। अगर आपको बिना किसी कारण के पसीना आता है, तो आप हृदय रोग से पीड़ित हो सकते हैं।  यदि आप कभी इस प्रकार की समस्या का सामना करते है तो तुरंत एम्बुलेंस को बुलाए ।  क्योंकि ऐसी स्थिति में आप खुद अस्पताल जाए ऐसा करने पर यह घातक और जानलेवा साबित हो सकता है। 

नींद से संबंधी परेशानियां

नींद ना आना काफी आम समस्या है लेकिन यदि आप लंबे समय से इस प्रकार के लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो उन पर गौर करना लाजमी है। महिलाओं में अधिक पाई जाने वाली हृदय संबंधी परेशानी का एक और सबसे बड़ा संकेत  यही है कि उनकी नींद में खलल होता है।  नींद में बहुत अधिक या बहुत कम या बहुत अधिक ब्रेक लेना आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता अच्छा है।

सांस फूलना

आम तौर पर साँस का फूलना कोई बीमारी नहीं मानी जाती लेकिन यदि आप बिना किसी परिश्रम के भी साँस का उखड़ना  या सांस की तकलीफ महसूस कर रहे है तो यह, हृदय रोग का एक प्रमुख संकेतक है।  कुछ महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने पर भी खुद को साँस लेने में असमर्थ महसूस करती है महसूस । उन्हें ऐसा लगता है जैसे उन्होंने मैराथन दौड़ लगाई हो जिसके बाद उनकी साँस फूल रहीं है । ऐसे लक्षणों को तुरंत नोट करे और अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

 जान है तो जहान है!! 

भारतीय महिलाएं अधिकतर रोगों की छुपाये रखती है जिस कारण से उन्हें समय पर इलाज ना मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है। भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हृदय रोग अधिक घातक होता है क्योंकि महिलाओं में डॉक्टर से परामर्श करने या अपने लक्षणों की जांच कराने की संभावना बेहद कम होती है। ऐसे में आपको उन सभी कारणों के बारे में पूर्ण जानकारी होनी चाहिए जो आपके ह्रदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है या फायदेमंद है। 

हमेशा व्यायाम करे और उच्च पोषकता वाला भोजन ग्रहण करे यह आपके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। यदि आप हृदय रोग का शीघ्र पता लेते है तो इसकी स्थिति पर नियंत्रण हो सकता है जिसके कारण , हृदय की मांसपेशियों को कम नुकसान हो पाएगा और आपकी जान बच जाएगी ।

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By Nihal chauhan

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