Om Jap Karne ke Fayde ओम शब्द की ऊर्जा का प्रभाव इतना अधिक है कि यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने में सहायक होती हैं। सिर्फ यही नहीं ओम के जाप से आपके आसपास की जगहों पर सकारत्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपका मन प्रसन्न और शांत रहता है। 

ॐ अर्थात्‌ एक ऐसा शब्द जिसमें सृष्टि का हर पहलू जुड़ा हुया है, और यह एक महान देवता का प्रतीक है। जो संसार अनंत रूपों में आकार, रंग, संरचना, प्रकृति की एक अनंत विविधता पहनता है। ॐ ओम (ओउम) का प्रतीक  हिंदू अवधारणा में सर्वोच्च होने के रूप में पाया जाता है। माना जाता है कि ओम शब्द की ऊर्जा अनंत है, जिसकी कोई सीमा नहीं है इसीलिए इसे अनंत के देवता शिव का निशान माना जाता है। (Om Jap Karne ke Fayde)

ओम सार्वभौमिक आत्मा का उद्घोष है;  और इसे “प्रणव मंत्र” के नाम से जाना जाता है। ओम शब्द की खासियत है कि यह रहस्यमयता से परिपूर्ण है इसका कोई अंत या शुरुआत नहीं है। ओम को ज्ञान और वास्तविकता का प्रतिबिंब है। ओम शब्द के उच्चारण से होने वाले कंपन से आपके शरीर की ऊर्जा का स्तर उन्नत होता है। ओम के अलावा कोई ऐसा शब्द नहीं है, जो आपके पूरे शरीर को एक सकारात्मक अनुभव प्रदान करे। 

ओम (ॐ) क्या है? 

Om Jap Karne ke Fayde

जिसे आमतौर पर ओम या (ओउम) कहा जाता है यह शब्द संस्कृत का है जिसका सम्पूर्ण उच्चारण ओउम होता है। ‘ओउम’ शब्द समय के विभाजन की तीन प्रमुख परतो का प्रतिनिधित्व करता है जो कि इस प्रकार है – 

  • जागना (सक्रियता) 
  • सपने देखना 
  • गहरी नींद 

ओम शब्द समय को इन्हीं तीन भागों में विभाजित करता है। ओम सार्वभौमिक चेतना का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि ईश्वर का प्रतीक है। ओम के उच्चरण उच्चारण से निकलने वाली ध्वनि कोई आम ध्वनि नहीं है, यह चिकित्सको के लिए चक्रों को खोल कर, शरीर को सभी विकारों से मुक्त करती है। ओम से निकलने वाली ध्वनि ब्रहमांड में मौजूद हर उस वस्तु का प्रतिनिधित्व करती है जो सकारत्मक ऊर्जा का स्त्रोत है। अर्थात्‌ पूरे संसार की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व ओम ॐ से निकलने वाली ऊर्जा में है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

ओम का जाप करने से हमारे चक्र ऊर्जा का निर्माण करते है और यह ऊर्जा उनके ऊपर से बहती है। यह ऊर्जा चक्रों से माध्यम से ऊपर आती है, और आपके मष्तिक पर प्रभाव करती है। 

योग के बारे में जो प्राचीन लिपियां और ग्रंथ मिलते है उन सभी में ॐ ओम का विवरण सबसे सर्वोच्च और सर्वश्रेष्ठ मिलता है। बौद्ध और सनातन धर्म के अनुसार ॐ ओम शब्द सभी मंत्रो की जननी है। अर्थात्‌ सभी मंत्रों का जन्म ओम शब्द से ही हुआ है। ओम शब्द की प्रत्येक ध्वनि में हमारे हर चक्र को प्रभावित करने की क्षमता है। यह शब्द हमारी मन रूपी तीसरी अदृश्य आँख को खोल कर हमे परमपिता परमात्मा से मिलती है, जो कि मुक्ति का मार्ग है। 

ॐ शब्द सभी चिंताओं और संसार रूपी किसी भी व्यसन, चिंता, तनाव, काम, क्रोध, मोह और लालच से छुटकारा दिलाकर आपको एक धैर्यवान सर्वोपरि व्यक्तित्त्व का निर्माण करने का मौका देता है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

ओम जाप के फायदे – Om Chanting Benefits In Hindi 

Om Jap Karne ke Fayde

ओम शब्द का जाप करके आप कई तरह के स्वास्थ लाभों का फायदा उठा सकते हैं। जिसमें विभिन्न प्रकार के शारीरिक और मानसिक लाभ शामिल है। ॐ शब्द आपको योग से जोड़ता है, आपके मन को शांत और स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

तनाव मुक्त रहने के लिए ओम जाप के फायदे – Om Chanting Benefits In Hindi 

तनाव आज के दौर की सबसे बड़ी और चिंताजनक समस्या है। तनाव को रोकने के लिए लोग कितने ही उपाय करते है लेकिन उन्हें किसी भी उपचार से कोई खास लाभ प्राप्त नहीं होता। तनाव एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई पुख्ता इलाज नहीं है, ना ही इसे कभी खत्म किया जा सकता है क्योंकि तनाव हमारी खुद की भावना है और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए योग ही सबसे उत्तम रास्ता है और योग की शुरुआत ही ओम ॐ शब्द से होती है। ओम का जाप किस तरह आपके मन और भावनाओ को नियंत्रित करता है इस बारे में पूरे वैज्ञानिक शोध किए जा चुके हैं।  (Om Jap Karne ke Fayde)

NCBI पर प्रकाशित एक अध्यन की रिपोर्ट के अनुसार जब आप ओम शब्द का उच्चारण करते हैं तो यह मंत्र लिम्बिक सिस्टम में गतिविधि को कम करता है, जो तनाव और भावनाओं से जुड़ा मस्तिष्क का हिस्सा है।  मस्तिष्क की गतिविधि की निगरानी करके, शोधकर्ताओं ने पाया कि ॐ मंत्र मस्तिष्क को आराम देता है और इस प्रकार यह हमे तनाव मुक्त रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है ।  

एक और अध्ययन में ओम के जाप को अवसाद (डिप्रेशन) के इलाज के लिए उपयोगी बताया गया है। वैज्ञानिक बताते है कि जब आप ओम शब्द का उच्चारण और ध्यान करते है उस समय हमारे मस्तिष्क में endorphins नामक हार्मोन का स्राव होता है जो कि हमे तनावमुक्त और आनंदित महसूस कराता है। 

यही नहीं ओम का जाप करने से हमारे शरीर में तनाव और चिंता पैदा करने वाला मुख्य तत्व एड्रेनालाईन, का स्तर भी कम होता है। एड्रेनालाईन हमारे मष्तिक में तनाव और चिंता को ट्रिगर करने के लिए जाना जाता है। 

साफ़ और आसान शब्दों में कहा जाए तो ओम का जाप हमारे मानसिक विकास को बढ़ावा देने के साथ साथ मानसिक संतुलन बनाए रखता है जिसके परिणामस्वरूप हमारा मन प्रसन्न रहता है और हम खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं।  (Om Jap Karne ke Fayde)

ओम का जाप मन को एकाग्र और एकचित्त करता है – 

Om Jap Karne ke Fayde

एकाग्रता एक वरदान है जो प्राकृतिक है लेकिन इसे हासिल करना पड़ता है यह अपने आप विरासत में नहीं मिल सकती। ओम का जाप आपको एकाग्रता की चरम सीमा पर ले जा सकता है। यदि आप ध्यान करते है तो आप निश्चित ही इस बात से वाकिफ़ होंगे कि योग की 8 शाखाओं में से है छठी है “धारणा” जो कि एक संस्कृत शब्द है। धारणा का अर्थ है एकाग्रता और योग से संबंधित सभी प्राचीन लेखों में ओम के जाप से धारणा को जोड़ कर दिखाया गया है। 

ग्रंथ बताते है कि किस तरह आप विभिन्न मन्त्रों का जाप करके और ध्यान करके एकाग्रता को प्राप्त कर सकते हैं। एक योगी जो अध्यात्म पर अपनी पूरी पकड़ रखता है वह हमेशा ध्यानमग्न रहता है, वह कहीं होकर भी कहीं और होता है। अर्थात्‌ ओम के बिना कोई मंत्र नहीं बन सकता और बिना जाप के और ध्यान के कोई योगी नहीं बन सकता। एकाग्रता प्राप्त करने के लिए मन्त्रों का जाप अनिवार्य ही है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

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चक्र की सक्रियता – 

योग और अध्यात्म चक्रों के आधार पर है ये चक्र हमारे शरीर में रीड की हड्डी के आखिरी से लेके मस्तिष्क तक मौजूद है। ओम का संबंध इन्हीं चक्रों से है। हमारे शरीर में ये चक्र ऊर्जा का संचार करते है या ये कहा जाए कि ये चक्र ही हमारे शरीर की ऊर्जा का स्त्रोत है।

 जब भी हम ओम जाप करते है, तब ओम जाप के उच्चारण के दौरान निकलने वाली ध्वनि सभी चक्रों को ऊर्जा से भर देती है और इससे हम खुद को संतुलित और ऊर्जावान महसूस करते है। ओम की ध्वनि के प्रभाव से चक्र सकारात्मक रूप से प्रक्रिया करने लगते हैं। 

हृदय सबंधी बीमारियों से छुटकारा दिलाता है ओम का जाप – 

प्राचीन ग्रंथों, योग विद्या और आयुर्वेद में भी ओम जाप को ह्रदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना है। यदि आप लगातार ओम मंत्र का जप करते है तो इसे ध्यान के रूप में माना जाता है। 2003 में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जब आप ओम मंत्र का जाप करने से आपका रक्तचाप बेहतर होता है। 

इसके अतरिक्त अध्यन में यह भी पता चला कि ओम मंत्र का जप करने से भी वही फायदे होते है जो सिर्फ मेडिटेशन करने से होते है ।बल्कि ओम मंत्र का जाप ज्यादा प्रभावी ढंग से ह्रदय स्वास्थ्य को बेहतर करता है। इसी प्रकार के एक और अध्ययन में पाया गया कि ओम शब्द का उच्चारण कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

पेट की समस्याओं से निजात दिलाता है ओम जाप – 

ओम मंत्र का जप करने से हमारी पेट संबंधी सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। शोधकर्ता बताते है कि ओम शब्द के उच्चारण से IBS (चिड़चिड़ा आंत सिंड्रोम) के लक्षणों से आराम मिल सकता है। यह मंत्र आपके आंत को स्वस्थ्य करके उसे बेहतर ढंग से कार्यरत करता है। 

ओम जाप से होने वाले प्रभावों के अध्यन के दौरान यह बात स्पष्ट हुयी थी कि ओम का उच्चारण करने से पेट विश्राम की अवस्था को प्राप्त करता है। अध्यन के दौरान जिन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, उनमे से सभी ने अपने अलग अलग पेट से संबंधित  विकारों के लक्षणों में आराम पाया । आप कितने भी थके हुए होते है तो भी मंत्रमुग्ध कर देने वाला ओम का जाप आपको सारी थकावट और तनाव से दूर करके विश्राम की अवस्था में ले आता है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

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नकारत्मक विचारों को खत्म करके सकारात्मक ऊर्जा देता है – 

हमारे विचार ही है जो हमे अच्छा, बुरा, आलसी, तामसी, क्रोधी, धैर्यवान इत्यादि बनाते है ।आज हमारा जो भी व्यक्तित्व है वह हमारे विचारों की ही देन है। इसलिए विचारों का महत्त्व सबसे अधिक है लेकिन कोई भी इस बात पर गौर नहीं करता। ओम जाप करने से आपके मन से सभी नकारत्मक विचार नष्ट होने लगते है क्योंकि आपके चक्र पूरे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचरण कर रहे होते हैं।  (Om Jap Karne ke Fayde)

जिंदगी में कुछ बनने के लिए आपका सकारात्मक होना बेहद जरूरी और अनिवार्य है इसलिए यदि आप नकारत्मक विचारों से परेशान और ग्रसित है तो आपको ओम मंत्र का जाप करना चाहिये। आप भले ही कितनी ही बड़ी समस्या में या चिंता में हो, यदि आप खुद से नकारात्मकता को दूर रखना चाहते है तो आपको उसी समय ओम का उच्चारण शरू कर देना चाहिए। 

फेफड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ओम जाप के फायदे – 

जब आप ओम का जाप करते है तो वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार आपके फेफड़ों के हर हिस्से तक हवा पहुँचती है।  आप तौर पर जब आप साँस लेते है या कोई योग भी करते है तब भी पूर्ण रूप से हवा का इतना विस्तार फेफड़ों में नहीं हो पाता लेकिन ओम शब्द के उच्चारण के दौरान ऐसा सम्भव है।  

ओम का जाप करने के दौरान हमारे फेफड़ों का ढांचा पूरी तरह कंपन करता है, जिसके बाद उसमे प्राणवायु पूरी तरह समाहित होती है। और जैसे ही आप पहली साँस छोड़ते है, वैसे ही आपके फेफड़े पूरी तरह से खुल जाते है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

आम तौर पर हमारे फेफड़ों में बासी हवा होती है जिसके दुष्प्रभाव होते हैं लेकिन ओम का जाप करने से आपके फेफड़ों में ताजी हवा जाती है जो आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी होती है। 

ओम का जाप पर्यावरण को शुद्ध करता है – 

जैसा कि हमने ऊपर आपको स्पष्ट किया कि ओम सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि अनंत ऊर्जा का स्त्रोत है। इसीलिए ओम के उच्चारण सिर्फ आप और आपका शरीर ही नहीं बल्कि पर्यावरण में मौजूद हर वस्तु जिवित और अजीवित को शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। ओम की वातावरण में जहां जहा पहुंचती है वहां शुद्धता और सकारात्मक प्रभाव का प्रकोप पड़ता है। (Om Jap Karne ke Fayde)

 यही कारण है कि ओम का उच्चारण करने वाले लोगों के पास रहने से भी आप उनसे सकारत्मक ऊर्जा ग्रहण कर सकते है जो आपके लिए फायदेमंद है। ओम का उच्चारण करने से पवित्र स्पंदन उत्पन्न होता है जो आसपास के वातावरण में व्याप्त नकारात्मकताओं को पूरी तरह नष्ट करता है।  इसके अलावा , ओम का जाप सकारात्मकता को रोक कर रखता है और इसे परिसर से बाहर निकलने से रोकता है।

ओम का जाप रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है – 

ओम का जाप करने के दौरान आप योग अवस्था में बैठे होते हैं जिसके कारण आपकी रीड की हड्डी पूरी तरह सीधी रहती है। यदि आप ओम का उच्चारण करते है तो आपको सीधे बैठना ही होगा क्योंकि ओम का जाप करने की यही सही विधि है जो शस्त्रों में बताई गई है जिसके कारण हमारी रीड की हड्डी को भी फायदा मिलता है।  (Om Jap Karne ke Fayde)

यह पाया गया है कि ध्यान में बैठे (पीछे सीधे) ओम का जाप करने से रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव पड़ता है।  की आ ध्वनि नाभि की जड़ से आती है, जो मेरूदंड के पास पाई जाती है।  तंत्रिकाओं को पुनर्जीवित करने के लिए कंपन पूरे रीढ़ की हड्डी में गूंजते हैं।  यह आगे कार्य में सुधार करता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।

दिल की लयबद्ध गतिविधि – 

एक स्वस्थ्य जीवन के लिए ह्रदय के कार्य करने की लय स्वस्थ्य होनी चाहिए। ओम का जाप करने से हृदय पर काफी शांत प्रभाव पड़ता है।  ओम का जाप हृदय चक्र की प्राकृतिक लय को बनाए रखने में मदद करता है। 

 यदि हमारी दिल की धड़कन बड़ जाए तो, हम बड़ी घबराहट महसूस करते है और यदि यह समान्य रहे तो हम खुद को बेहतर महसूस करते हैं इसलिए हमारे दिल की गतिविधि का लयबद्ध होना बेहद जरूरी है। 

ओम का जाप करने के दौरान, ऊह ध्वनि अपनी मूल नाभि स्थिति से ऊपरी शरीर तक पहुँचती है। यह अभ्यासी के वक्षीय क्षेत्र में फैलता है और हृदय की प्राकृतिक लय को बनाए रखता है। (Om Jap Karne ke Fayde)

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भावनाओं को संतुलित करने के लिए ओम जाप के फायदे – 

हमारी भावनाओ पर हमारा नियंत्रण होना बहुत जरूरी है। कई बार हम अपनी भावनाओं पर नियंत्रण ना रख पाने के कारण बड़े बड़े नुकसान उठाते हैं। 

कभी कभी जरा सी ही बात हमे इतना चुभती है कि हम उससे अपना ही नुकसान कर लेते हैं। इसलिए भावनाओ पर जिसका नियंत्रण है वह सर्वश्रेष्ट व्यक्ति है। 

यदि आप अपनी भावनाओ को नियंत्रित रखने में खुद को असमर्थ महसूस करते है, तो आपको इस समस्या को और ज्यादा बढ़ने से पहले ही ओम का जाप शुरू कर देना चाहिए जो ना सिर्फ आपको ऊर्जावान बनाएगा और आपकी भावनाओ को नियंत्रित करने में अहम भूमिका अदा करेगा। जैसे ही आप ओम का जाप शरू करते है उसी समय आप इसका सकारात्मक प्रभाव देख सकते हैं।  (Om Jap Karne ke Fayde)

ओम मंत्र का जाप करने की यह खासियत, इतनी खास और विशेष है, कि आप किसी भी नकारत्मक परिस्थिति से निकलने के लिए आप ओम का जाप शुरू कर सकते हैं। जैसे ही आप ओम जाप शुरू करते है वैसे ही आपके अंतर्मन में शांति और स्थिरता आने लगती है। 

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जाप करते समय आपका पूरा ध्यान ओम शब्द की ध्वनि द्वारा बन रहे कंपन पर ध्यान केंद्रित होता है। ओउम शब्द की आवृत्ति प्रकृति की हर चीज की आवृत्ति के समान है, जो आपको गहराई से जुड़ने और भीतर की ओर मुड़ने की अनुमति देती है।

मानसिक सतर्कता और बुद्धी का विकास – 

आपकी मानसिक सतर्कता बढ़ाने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते है लेकिन ओम का जाप तथ्यों के साथ आपकी मानसिक सतर्कता को बढ़ाने में कारगर है । वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसके बाद उन्हें अलग अलग प्रकार की ध्वनियां सुनाई गई और कहां गया कि आपने कितनी ध्वनि सुनी। (Om Jap Karne ke Fayde)

 इसके बाद जिन लोगों ने ओम का जाप नहीं किया उनसे पूछा गया तो उन्होंने अपने-अपने जबाब दिए लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिन लोगों ने ओम का जाप किया बे लोग ध्वनियों को ज्यादा सटीकता से पकड़ पाए। 

अध्ययनों से पता चला है कि ओम का जाप करने से आपकी मानसिक सतर्कता बड़ जाती है क्योंकि ओम जाप आपके दिमाग को आराम की अवस्था में रखता है। ओम का जाप आप की इंद्रियों की अधिक तीक्षण करता है ।

ओम का जप और ध्यान करने से आपको अपने शरीर और अपने पर्यावरण के साथ स्वाद, श्रवण, दृष्टि, गंध, और स्पर्श के माध्यम से गहराई से संपर्क करके और आपको अधिक उपस्थित होने में मदद मिलती है।

बेहतर नींद के लिए करे ओम मंत्र का जाप – 

बदलती दिनचर्या और मोबाइल, लैपटॉप और टीवी इत्यादि देखने पर उनमे से निकलने वाली ब्लू किरण के कारण हमारी नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है। 

हालांकि नींद की गुणवत्ता खराब होने के पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि तनाव, चिंता, सिर दर्द इत्यादि संपूर्ण नींद लेने के लिए हमारे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होना चाहिए और ओम का जाप आपके मन को शांत और निर्मल करता है जिससे आप आनंदित होकर बेहतर नींद का अनुभव कर पाते हैं।  (Om Jap Karne ke Fayde)

अच्छी नींद लेने के लिए आपको रात में या दिन में जब भी सोने का मन बनाए, तो सोने से पहले आंख बंद करके ओम का जाप करे, निश्चित ही आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार होगा और आप खुद को बेहतर महसूस करेंगे। 

अंतिम रेखा – 

अस्ल बात तो ये है कि ओम के जाप से होने वाले फायदों का अंत नहीं है, क्योंकि ओम शब्द स्वयं ऊर्जा और शिव का प्रतीक है। यदि आप ओम शब्द से होने वाले लाभों को उठाना चाहते है, तो आप को पहले इसका अभ्यास करना होगा। आपका निरंतर अभ्यास आपको एक ऐसी स्थिति में ले जाएगा जब आप योगी बन जायेगे अर्थात्‌ आपकी आत्मा और आपका शरीर दोनों अलग अलग होकर भी जीवित रह पाएगें। (Om Jap Karne ke Fayde)

 यदि आप ओम मंत्र और योग के बारे में अधिक जानना चाहते है तो आपको योगी कथामृत नामक किताब पढ़ना चाहिए। यह किताब श्री योगानंद जी की है जो स्वयं योगी थे उनके जीवन में हुए चमत्कारपूर्ण कर्तव्यों को पढ़कर आप योग की ताकत और क्षमताओं को शायद थोड़ा बहुत समझ पाएंगे। 

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