धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? COVID-19 एक बार फिर तेजी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। इस मामले में कई लेख और सवाल आए की COVID-19 किस तरह से आपको ज्यादा प्रभावित करता है। धूम्रपान का प्रभाव coronavirus के प्रभाव को किस तरह बढ़ाता है यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

 coronavirus की पहली लहर में लोगों ने, धूम्रपान पर इतना गौर नहीं किया था और हालांकि धूम्रपान जैसे कुछ पहलू ऐसे भी थे जिनसे लोग अपना ख्याल रखते हुए अनजान थे।  अब जब corona की तीसरी लहर आने वाली है तब डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा धूम्रपान से जुड़ी corona की पूरी रिपोर्ट आ गयी है। 

महामारी के दौरान ऐसे कई कयास लगाए गए कि धूम्रपान किस तरह से corona को प्रभावित करता है और किस तरह धूम्रपान corona के जोखिम को बढ़ाने का काम करता है । (धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

शुरुआत में World health organisation द्वारा कहा गया था कि धूम्रपान (smoking) coronavirus से संक्रमित होने के जोखिम को बढ़ाता है। हालांकि ऐसे सभी विचारों को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ता अभी भी इस बात पर शोध कर रहे हैं। 

धूम्रपान और COVID-19 – (Smoking And coronavirus) 

धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है?

महामारी के दौरान यदि आप धूम्रपान कर रहे है तो आपके स्वास्थ्य जोखिमों को अत्याधिक बढ़ाता है। धूम्रपान और COVID-19 में क्या संबंध है – इस बारे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई चेतावनियां दी गई लेकिन लोगों को महसूस हुआ कि लॉक डाउन के दौरान धूम्रपान उनके तनाव को कम करने का साधन था। उन्हें इससे मानसिक शांति महसूस हुयी। 

परंतु बहुत सारे लोग , इस तथ्य से अनजान थे कि धूम्रपान उनके COVID-19 से संक्रमित होने के खतरे को बड़ा रहा है।  नतीजतन, COVID-19 के डर से, कई लोगों ने धूम्रपान छोड़ दिया है, जबकि कुछ अभी भी इस तथ्य को संशोधित करने में असमर्थ हैं कि corona के दौरान धूम्रपान करने से उनकी मृत्यु होने का खतरा 3 गुना अधिक हो जाता है।(धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

आमतौर पर भी धूम्रपान हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है और इस महामारी के दौरान धूम्रपान आपके corona से संक्रमित होने के खतरे को बड़ा देता है। शोधकर्ताओं द्वारा इस बात की पुष्टि की गई कि हाल ही में आए डेल्टा प्लस COVID-19 virus धूम्रपान करने वालों को विशेष नुकसान पहुंचाने का काम करता है। धूम्रपान करने वालों के लिए corona का यह नया variant बेहद संक्रामक है और यह फेफड़ों की कमजोर शक्ति के कारण उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 

हमारे लिए और हमारे देश के लिए यह मामला महत्वपूर्ण चिंता का विषय है क्योंकि किशोर धूम्रपान से जुड़े खतरों को समझने में असफल होते हैं या समझने के बाद भी वह धूम्रपान छोड़ने का फैसला नहीं लेते ।  किसी भी तरह के धूम्रपान और सिगरेट में मौजूद TCH हमारे फेफड़ों के लिए खतरनाक होता है और यह फेफड़ों की घातक बीमारी का कारण बन सकता है।(धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

COVID-19 महामारी के दौरान धूम्रपान करने के जोखिम – 

किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग धूम्रपान करते है उन्हें COVID-19 होने का खतरा अधिक होता है।  भारतीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने corona महामारी के दौरान धूम्रपान और तंबाकू के उपयोग के कुछ खतरों की पूरी सूची जारी की है। (धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

जो लोग धूम्रपान करते है उन्हें संक्रमित होने का खतरा किसी सामन्य इंसान से 50% ज्यादा होता है। इसीलिए अब जब COVID-19 का सबसे संक्रामक और जानलेवा डेल्टा plus variant अपने पाँव पसार रहा है तो आपको धूम्रपान छोड़ने की आवश्यकता है। सोचिए जब आप corona के कम संक्रामक variant से नहीं बच पाए तो क्या बिना धूम्रपान छोड़े इस delta variant से संक्रमित होने से बच पाएंगे? 

  • धूम्रपान और हमारे फेफड़ों की कार्य प्रणाली एक दूसरे से विपरित रूप से संबंधित हैं।  इसलिए, धूम्रपान फेफड़ों की क्षमता को काफी कम कर देता है जिससे फेफड़ों की बीमारी/संक्रमण हो सकता है।
  • पुराने शोधों से पता चलता है कि निमोनिया से पीड़ित होने वाले लोगों में 89% लोग धूम्रपान करने वाले थे। 
  • आप सिगरेट को अपने हाथो से पकड पर मुहँ से लगाते है जिससे वायरस के संचरण की संभावना और अधिक आसानी से बढ़ जाती है।
  • धूम्रपान आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है, जिससे धूम्रपान करने वाले लोगों को श्वसन संबंधी विकारों का खतरा काफी बढ़ जाता है। 
  • धूम्रपान करने वाले लोग अक्सर साँस संबन्धित विकारों और बीमारियों से ग्रस्त होते है। ऐसे में उन्हें इस बात को स्वीकार कर लेना चाहिए और सावधान हो जाना चाहिए कि जो लोग सांस की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें COVID-19 से बहुत अधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा शक्ति काफी कम हो जाती है।

धूम्रपान करने वालों लोगों को COVID-19 के जोखिम को समझने के लिए ऊपर बताए गए बिंदुओं से स्पष्ट किए गंभीर खतरे को समझना चाहिए।

लॉक डाउन के दौरान धूम्रपान छोड़ने का अच्छा मौका – 

आम तौर पर लोग सिगरेट, बीड़ी इत्यादी का सेवन घर के बाहर करते हैं। वही corona के दौरान आपको घर ही रहना था। इसीलिये आपको धूम्रपान छोड़ने में मदद मिलती है। इसके अलावा लॉक डाउन के दौरान कोई भी दुकान खुली नहीं थी यह बात आपको धुम्रपान छोड़ने पर मजबूर कर देती है। 

वही दूसरी तरफ आपका परिवार आपको इस व्यसन को छोड़ने में काफी मदद करता है । आपके घरवाले आपको इस आदत से छुटकारा पाने के लिए प्रेरित करते हैं।  एक बार जब आप समझ जाते हैं कि धूम्रपान और फेफड़े के कार्य किस तरह संबंधित हैं? और कैसे धूम्रपान इस समय आपके लिए जानलेवा और आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हैं, तो यह एक बेहतर जीवन को जीने के लिए और धूम्रपान को छोड़ने के लिए प्रेरणा के रूप में जुड़ जाता है।(धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

धुम्रपान छोड़ना इतना भी मुश्किल नहीं –

 यदि आप सिगरेट छोड़ने की इच्छा रखते है, तो यह काम कोई बहुत बड़ा और असंभव नहीं है। आप चाहें तो बहुत ही आसानी से धूम्रपान छोड़ने में कामयाब हो सकते हैं।

 यदि आप एक chain smoker है या आप बहुत ज्यादा धूम्रपान करते है और अकेले खुद की प्रेरणा से इस बुरी आदत को छोड़ने में असमर्थ हैं, तो आपका डॉक्टर आपको एक निश्चित अवधि के लिए चबाने योग्य मसूड़ों और पैच के रूप में उपलब्ध कुछ दवाएं लिख सकता है और धूम्रपान छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए खुराक को धीरे-धीरे कम कर सकता है। (धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

आपको अपने डॉक्टर के साथ ईमानदार रहना चाहिए और सलाह के अनुसार  कार्रवाई और उपचार जारी रखना चाहिए ।

यह भी पढ़े : सिगरेट छोड़ने के उपाय, और नुकसान 

धुम्रपान से होने वाले कुछ नुकसानदायक स्वास्थ्य प्रभाव – 

धूम्रपान करने के कई छोटे बड़े नुकसान हो सकते है जिनमें कुछ मुख्य नुकसान निम्न है :

  • धूम्रपान करने वाले लोगों की आँखों की रोशनी 65 की उम्र तक पूरी तरह खत्म होने की संभावना होती है। 
  • धूम्रपान के कारण आपकी सेक्स करने की क्षमता कम होती है और शुरुआत में ही स्तंभन दोष का कारण बनता है।
  • धूम्रपान करने वाली महिलाओं को गर्भ धारण करने के दौरान मरने की संभावना होती है। 
  • धूम्रपान करने वाले लोगों की हड्डियों में कमजोरी आ जाती है। 
  • धूम्रपान आंतों में कोलोरेक्टल कैंसर का कारण रहा है।  इस तरह का कैंसर जानलेवा साबित हो सकता है।

आखिरी विचार :

Corona महामारी ने दुनिया में कई लोगों की मौत का कारण बना और इसका तांडव अभी तक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे माहौल मे आपकी जिम्मेदारी है कि आप खुद धूम्रपान छोड़े और खुद को स्वस्थ्य करे अपने परिवार को स्वस्थ्य रखे और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का प्रयास करे। 

धूम्रपान आपके अंत का कारण बन सकता है, इसे हल्के में ना ले। बेशक धूम्रपान पहले कई लोगों के लिए कभी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वज़ह से चिंता का विषय नहीं रहा है।  लेकिन COVID-19 के दौरान ऐसा नहीं है, यह जानलेवा है इससे बचे। (धूम्रपान COVID-19 के जोखिम को कैसे बढ़ाता है? )

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By Nihal chauhan

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