Typhoid ke liye Gharelu Upchar असल में Typhoid एक bacterial Infection है जो हमारी आंतों को प्रभावित करता है। टाइफाइड होने के पीछे की मुख्य वज़ह दूषित भोजन या पानी होता है। यह इन्फेक्शन हमारी आंतों के भीतरी हिस्से को प्रभावित करते हुए पूरे रक्तप्रवाह में फैल जाता है। चुकीं यह मुख्यतः हमारी आंतों को प्रभावित करता है इसीलिए Typhoid को “आंतों का बुखार” (Intestinal Fever) भी कहा जाता है। 

Typhoid होने के कारण या इन्फेक्शन होने का मुख्य कारण Salmonella typhi नामक एक bacteria है। खराब साफ-सफाई की स्थिति, असुरक्षित पेयजल और दूषित भोजन टाइफाइड होने के सामान्य कारण हैं।  यदि आप इससे जल्दी ठीक होना चाहते हैं तो , सर्वोत्तम परिणामों के लिए नियमित दवा के साथ साथ हमारे सुझाए हुए घरेलू उपचार का उपयोग करें।(Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

टाइफाइड बुखार के लक्षण – 

Typhoid बुखार समान्य बुखार से मुश्क़िल है। यदि आप Typhoid से पीड़ित है तो कुछ लक्षण आपको जल्दी से जागरूक कर सकते हैं। यहां नीचे कुछ पुख्ता जानकारी के साथ Typhoid होने पर महसूस होने वाले लक्षण दिए गए हैं :

  •  बुखार और ठंड लगना
  •  सिरदर्द
  •  दस्त के साथ पेट दर्द
  •  जी मचलना और उल्टी
  •  कमजोरी 
  •  कम भूख लगना 
  •  बढ़ा हुआ जिगर
  •  त्वचा के चकत्ते
  •  दु: स्वप्न
  •  नाक से खून आना
  •  प्रलाप

टाइफाइड के लिए यहां कुछ समय-परीक्षणित घरेलू उपचार दिए गए हैं।

तरल पदार्थों का सेवन करें – 

जैसा कि हम ने ऊपर Typhoid के लक्षणों के बारे में जाना, उल्टी और जी मचलना Typhoid के मुख्य लक्षणों में से एक है ।उल्टी और दस्त के कारण स्वभाविक तौर से आप निर्जलीकरण (dehydration) के शिकार हो सकते हैं। इसलिए सर्वप्रथम आप प्रयाप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करे।

 ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहे ताकि आपके शरीर में पर्याप्त नमी बनीं रहे। जब आप पर्याप्त पानी पीते है तो आपके शरीर से सभी दूषित पदार्थ बाहर निकलने लगते हैं। टाइफाइड बुखार से उल्टी और दस्त हो सकते हैं जिससे गंभीर निर्जलीकरण हो सकता है।  पानी के अलावा फलों के रस, नारियल पानी और सूप का सेवन करें।(Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

कोल्ड कंप्रेस (ठंडी पट्टी) का प्रयोग करें

बुखार के दौरान आपको ठंडे पानी में एक सूती कपड़े को भिगोकर अपने हाथों की गद्दी और पैरों के तलवों पर रखनी चाहिए यह तरकीब आपके बुखार को कम करने में सहायक होती है। हाथ-पांव पर कोल्ड कंप्रेस लगाने से बुखार सबसे प्रभावी रूप से कम होता है। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

बर्फीले पानी में पट्टी को बार बार भिगोकर सिर पर रखे धीरे धीरे बुखार उतरने लगेगा। 

ORS पीए – 

आप चाहे तो घर पर भी ORS का घोल बना सकते है जिसके लिए आपको 1 litres पानी उबालना है और हल्की नमक और चीनी मिलाए। यह घोल टाइफाइड बुखार के कारण होने वाले निर्जलीकरण से निपटने के लिए  सबसे अच्छा उपाय है। आप ORS को नजदीकी मेडिकल स्टोर पर भी आसानी से खरीद सकते है और सुनिश्चित करें कि आपके पास डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुशंसित ओआरएस है।  किसी भी केमिस्ट से पाउच खरीदें या घर पर स्वादिष्ट स्वाद वाले टेट्रा पैक रखें।  (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

सेब साइडर सिरका लें

सेब तमाम तरह के खनिजों और पोषक तत्वो से भरपूर है। सेब का सिरका शरीर में उचित पीएच बनाए रखने में मदद करता है। pH यानि कि शरीर में acid और base को बराबर मात्रा में बनाए रखने में मदद करता है। सेब का सिरका त्वचा से गर्मी को बाहर निकालता है और इसलिए शरीर के तापमान को कम करता है।  सेब के सिरके से डायरिया से होने वाले मिनरल्स के नुकसान की भरपाई हो जाती है।  पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं, जरूरत हो तो शहद मिलाएं।  भोजन से पहले पिएं। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

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तुलसी 

तुलसी के औषधि गुणों के कारण इसे भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सबसे ज्यादा उपयोग में लिया जाता है। तुलसी anti-bacterial, antiviral, और Anti-inflammatory गुणों से भरपूर होती है। तुलसी का सेवन करने से बुखार जुकाम जैसी कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। पवित्र तुलसी एंटीबायोटिक और रोगाणुरोधी है।  उबले हुए पानी में तुलसी मिलाएं और रोजाना तीन से चार कप पिएं।  तुलसी प्रतिरक्षा को बढ़ाती है और पेट को शांत करती है। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

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लहसुन

लहसुन में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण टाइफाइड के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं।  लहसुन अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण टाइफाइड से ठीक होने में तेजी लाता है। यह आपकी कमजोर इम्युनिटी को बढ़ाता है। लहसुन आपके शरीर से toxic पदार्थों को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। आप चाहे तो लहसुन के साथ दो लौंग खाली पेट खाएं। ध्यान रखे कि लहसुन और लौंग खाना गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अनुकूल नहीं है।  (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

 केले

केला कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर कर सकता है। केला आपको दस्त से राहत दिला सकता है इसके साथ ही यह बुखार को कम करने में सहायक होता है। टाइफाइड से पीड़ित लोगों को केले का सेवन करके  दस्त का इलाज कर सकते हैं।  

केले में पेक्टिन होता है, जो कि एक घुलनशील फाइबर जो आंतों को तरल पदार्थ को अवशोषित करने में मदद करता है, इस प्रकार केला दस्त का इलाज करता है। केले में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम होता है जो दस्त के कारण खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को वापस पूर्ति करने में मदद करता है। टाइफाइड होने पर केले का सेवन यह सबसे अच्छी चीजों में से एक है।(Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

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लौंग 

लोग में कई ऐसे यौगिक होते है जो आपको Typhoid जैसी बीमारी से लड़ने में मदद कर सकते हैं। Typhoid के दौरान जो bacteria हमारी आंतों को प्रभावित करते है, लोंग उनका सफाया करने में सक्षम है। लौंग में anti-bacterial गुण होते है, जो किसी भी तरह के हानिकारक bacteria को खत्म कर सकते हैं। आप लौंग का सेवन करके टाइफाइड के कारण होने जी मचलना और उल्टी को भी कम कर सकते है। लौंग के साथ पानी उबालें, एक कप में छान लें और रोजाना दो कप लें। जल्दी ही Typhoid से निजात मिल जाएगी। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

त्रिफला चूर्ण 

आयुर्वेदिक उपचार में त्रिफला का बड़ा महत्व है। यह आपके शरीर को अतरिक्त ऊर्जा प्रदान करता है और आपको Typhoid जैसी बीमारी से लड़ने के लिए मजबूत करता है। त्रिफला का चूर्ण पेट से संबंधित सभी विकारों को ठीक करने के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है । 

त्रिफला चूर्ण बुखार और Typhoid को ठीक करने के लिए महत्पूर्ण है। यह चूर्ण Typhoid फैलाने वाले bacteria साल्मोनेला टाइफी के विकास को रोकता है। आपको यह चूर्ण केमिस्ट से पाउडर और टैबलेट के रूप में उपलब्ध कराते हैं।(Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

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अनार 

आपने यदि गौर किया हो तो जब आप छोटे थे और बीमार होते थे तब डॉक्टर आपको अनार खाने की सलाह देते हैं। क्योंकि अनार एक ऐसा फल है, जो बाकी किसी भी फल के मुकाबले अधिक पौष्टिकता रखता है। Typhoid के दौरान अनार खाने से आप dehydration से बचते है, यह आपके मुहँ के स्वाद को ठीक रखता है। आप चाहे तो पूरा अनार खा ले या इसका रस निकाल कर पीए दोनों ही रूप में यह आपके लिए बेहद अहम और फायदेमंद है। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

ये सब करने के बाद भी यदि आप खुदको बेहतर महसूस नहीं कर सकते तो आपको अपने चिकित्सक से बात करनी चाहिए वह आपको कुछ उचित दवाइयाँ बतायेगा। 

Typhoid से पीड़ित होने पर निम्न बातों का ध्यान जरुर दे :

  • ज्यादा से ज्यादा समय बिस्तर पर आराम करे क्योंकि यह बीमारी बहुत कमजोरी पहुचाने का कारण बनती है।
  • पीड़ित मरीज़ से उचित दूरी बनाए रखे उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को उपयोग ना करे। 
  • अत्यधिक मीठा या कैफीन का सेवन ना करे खासकर कॉफी बिल्कुल कम पीए या ना ही पीए। 
  • ऐसी कच्ची सब्ज़ियों को कम खाए जिन्हें आप छील नहीं सकते। 
  • आंत में रहने वाले अच्छे bacteria के स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए दही, और छाछ का सेवन करें।

जागरुकता के साथ किसी भी बीमारी को ठीक किया जा सकता है। Typhoid आम बीमारी है जिसका इलाज सम्भव है, इसलिए इसे परखें और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे। (Typhoid ke liye Gharelu Upchar)

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By Nihal chauhan

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