“जब आप विश्वास करते हैं, तो आपको किसी भी प्रकार का कोई डर महसूस नहीं होता। क्योंकि आपको एक विश्वास होता है, कि कोई अदृश्य शक्ति है, जो आपकी सुरक्षा में सदैव तत्पर है ” 

हर बार जितने उत्साहित होकर आप कोई भी कार्य करते है, उसके पीछे का कारण विश्वास ही होता है। हालांकि यह बात सत्य है कि कोई विश्वास को बना नहीं सकता, क्योंकि वह पहले से वही होता है, बस जरुरत होती है कि हमे उसे पहचाने कैसे? खुद के विश्वास की पहचान कर लेने वाला व्यक्ति कभी पराजित नहीं होता। (Vishwas kaise Banaye? )

अब इसे एक उदाहरण से समझते है कि आखिर – विश्वास क्या होता है? और विश्वास को बनाना क्या होता है? 

यदि आप सड़क के किनारे बने किसी माल में या किसी शो रूम में जाने के अपनी गाड़ी सड़क के किनारे लगाते हैं और आप दुकान के अंदर प्रवेश करते है। अब आपका विश्वास यह तय कर लेता है कि जब आप वापस आयेगे तो आपको आपकी गाड़ी बाहर उसी जगह खड़ी मिलेंगी। इस बात की कितनी संभावना है कि गाड़ी चोरी हो जाए या प्रशासन द्वारा उसको उठा लिया जाए? क्योंकि आपने गाड़ी नो पार्किंग में खड़ी की थी। 

यहां आपके अंदर जो विश्वास है, उसकी बड़ी अहम भूमिका होती है, कई बार आपको ऐसा विश्वास होता है कि आपकी गाड़ी आपको 100% वही मिलेगी जहां आपने उसे खड़ा किया था और कई बार आपको विश्वास नहीं होता, और बाद में आपको दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। (Vishwas kaise Banaye? )

“आपका विश्वास ही है – जो आपके द्वारा करे जा रहे किसी भी कार्य के पूरे होने या ना पूरे होने की संभावनाओं का सबसे सटीक आंकलन देता है”। 

शायद इस उदहारण से आप विश्वास की महिमा और ताकत को ठीक तरह से समझ पाये होंगे। और आज हम आपको इसी विश्वास को बनाने के लिए कुछ उपयोगी बाते बतायेंगे। दुनिया भर में विश्वास की शक्ति को प्रभावी माना जाता है। ढेरों किताबें इस बात की पुष्टि करती है, जिनमें से एक हाल ही में लिखी गई दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली और सबसे सफल किताब – Rhonda Byrne द्वारा लिखित – “The Secret” है । 

यह किताब अनेक भाषाओं में अनुवादित है और इसका हिंदी संस्करण ” रहस्य ” के नाम से लोकप्रिय है। यदि आपने अभी तक इस किताब को नहीं पढ़ा है तो इसे आपको जरुर पढ़ना चाहिए क्योंकि यह किताब कुछ ऐसे नियमों को बताती है, जो प्रकृति के स्वाभाव में है। जैसे कि – ” Law Of Attraction ” हिन्दी में इसे “आकर्षण का नियम” कहा जाता है।  (Vishwas kaise Banaye? )

यह नियम और यह किताब पूरी तरह से विश्वास पर ही केंद्रित है। किताब आपको असल जिंदगी के कुछ उदाहरण देकर बताती है कि लेखक ने विश्वास की शक्ति से किस तरह वह सब हासिल किया जो वह चाहता था। सिर्फ लेखक ही नहीं दुनिया के अन्य कई सफल लोगों ने भी इस नियम को धारण करके अपनी सफलता को प्राप्त किया। 

आपको यह किताब जरूर पढ़ना चाहिए यदि नहीं पढ़ी है तो आप इस किताब का English और हिंदी संस्करण नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके खरीद सकते हैं। 

  • The Secret (English version) 

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यहां बात विश्वास की क्षमताओं को समझने की है। जितनी बेहतर तरह से आप इसकी क्षमताओं को समझेंगे यह उतनी ही शक्ति से आपके कार्यो को सफल करता है। 

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कितना विश्वास आपके पास है? 

Vishwas kaise Banaye?

कई बार अलग अलग शहरों में घूमने जाते है या किसी काम से जाते है, लेकिन इस बात की क्या गारंटी है कि जब आप दिल्ली, भोपाल, मुंबई से वापस आयेगे तो आपका घर सुरक्षित होगा? आपको कितना विश्वास है कि आपका घर वैसा ही है, जैसा आप आखिरी बार छोड़ कर गए थे? 

आप कहीं घर से बाहर जाते है, तब आपको कितना विश्वास होता है कि आप अपने काम को सुरक्षित ढंग से करके वापस घर आ जायेगे? 

आपका विश्वास, ही है जो हर बार आपको वही पहुंचाता है जैसा आप चाहते है। कभी भी ऐसा नहीं होता कि आप घर पहुंचे और आपका घर वहां हो ही नहीं? ऐसा कैसे हो सकता है?

 ऐसा इसलिये नहीं हो सकता क्योंकि आपको विश्वास है कि ऐसा होगा ही नहीं और यह विश्वास की शक्ति इतनी प्रबल सकारात्मक ऊर्जा छोड़ती है कि यह ब्रहमांड की हर वस्तु के आकार और सम्भावनाओं को बदलने की क्षमता रखती है। और आपके विश्वास से बनी यह सकारात्मक ऊर्जा आपके विश्वास के मुताबकि ही वातावरण को बना देता है। (Vishwas kaise Banaye? )

आपको विश्वास है कि आपकी नौकरी सुरक्षित है या आपका व्यवसाय सुरक्षित है।  यही विश्वास है।  विश्वास एक ऐसी चीज है जो अंतर्निहित है।

विश्वास कितने प्रकार के होते हैं ? – How Many Types Of Faith? 

आपकी नजर में शायद एक ही प्रकार का विश्वास होता हो पर असल में विश्वास के मुख्य तीन प्रकार होते हैं। जरुरी है कि आप इन तीनों ही तरह के विश्वासों को समझे और उसी के अनुसार अपने जीवन को ढाले। (Vishwas kaise Banaye? )

आस्था के तीन प्रकार – 

  • अपने आसपास के लोगों की अच्छाईयों पर और सामाजिकता के कानून पर विश्वास। 
  • खुद पर विश्वास 
  • किसी ऐसी चीज पर विश्वास करना जिसका कोई आकार नहीं है , यानी कि वह मूर्त नहीं है और जो तर्क वितर्क के परे है। 

आपको किस तरह के विश्वास पर ज्यादा विश्वास है? बेशक तीनों ही तरह के विश्वासों की अलग अलग शक्ति और अलग अलग प्रभाव होते है। लेकिन सिर्फ यही जान लेने से यह कार्य नहीं करता। इसके लिए आपको तीनों ही विश्वासों को और करीब से समझना होगा ताकि आप सही समय पर सही विश्वास के साथ ठहर जाए। (Vishwas kaise Banaye? )

जीवन में लगभग हर इंसान के साथ कई बार ऐसी घटनाएँ होती है, जो उनकी समझ से परे होती है अचानक से ऊँचाइयों पर पहुंच जाना और कभी कभी ऊँचाइयों से मिट्टी की गर्त पर आ गिरना। कोई व्यक्ति कल्पना भी नहीं कर सकता कि यह सब कैसे हुआ? क्यों हुआ? कितनी तेजी से हुआ? कुछ भी पता नहीं होता बस अचानक से कोई अदृश्य शक्ति इस कार्य को अंजाम देती जाती है। 

लोगों की जिंदगी में अचानक से आए इन बदलावों को स्पष्ट करने के लिए उनके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं होते की आखिर इस तरह का इतना बड़ा बदलाव कैसे आया? आमतौर पर लोग इसके पीछे किसी अदृश्य शक्ति का संचार मानते है, जिसमें उसे अचानक से ऐसा बना दिया। क्या है वह अदृश्य शक्ति? क्या वही विश्वास है? 

विश्वास का नियम इससे परे है, वह कुछ बदलाव करने के लिए आपके मन की राय या आपके मन के आदेशों का गुलाम नहीं है। वह आपके जीवन में बदलाव लाने के लिए आपकी आंतरिक ऊर्जा को आधार बनाता है। शुद्ध ऊर्जा जिसमें नकारात्मकता कहीं से छू कर भी नहीं गुज़रती। (Vishwas kaise Banaye? )

हर किसी ने किसी ऐसी चीज की झलक का अनुभव किया है जो तर्क से परे है,  लेकिन जिसे हमारी बुद्धि हमारा मन मूर्त रूप से समझ सकता है यह उससे भी परे है।  हर व्यक्ति ने कोई ना कोई ऐसा अनुभव किया है जो जिसके लिए कोई तर्क वितर्क नहीं किया जा सकता । उस घटना का कोई विवरण कोई उल्लेख नहीं दिया जा सकता।  इस पर भरोसा रखना ही “अदृश्यता में विश्वास” है।

ये तीन प्रकार की आस्था या विश्वास होने ही चाहिए, और आम तौर पर सभी में होते हैं।  यदि आप एक सामान्य व्यक्ति हैं, तो यह तीनों विश्वास आपके अंदर होने ही  चाहिए। हाँ वह बात और है कि आप किसी मानसिक रोग  या बीमारी से पीड़ित है, तो आपको खुद पर भरोसा ही नहीं है।

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स्वयं में विश्वास की कमी दूसरों में विश्वास की कमी की ओर ले जाती है  –

 

एक बार एक व्यक्ति अपने घर के पास वाले बाजार में सामान लेने जा रहा था। उसके घर से बाजार तक कि दूरी तय करने में महज 10 मिनट लगते है, लेकिन वह व्यक्ति बताता है कि उसे बाजार पहुंचने में 3 घंटे लगे। आप सोच रहे होंगे भला ऐसे कैसे हो सकता है? 10 मिनट के रास्ते में 3 घंटे कैसे लग सकते हैं? लग सकते हैं बिलकुल लग सकते है और ऐसा तब होगा जब आपके भीतर विश्वास की कमी होगी या कोई बीमारी होगी। 

असल में वह व्यक्ति जैसे ही घर से बाहर निकलकर कुछ कदम चला तो उसे संदेह हुआ कि उसने दरवाजा खुला छोड़ दिया है और इसलिए वह दुबारा घर की तरफ गया और उसने दरवाजे को आगे पीछे करके जांच लिया, और दरवाजा पूरी तरह बंद था। (Vishwas kaise Banaye? )

बाद में वह फिर बाजार के लिए निकला लेकिन कुछ ही कदम चलने पर उसके मन में फिर से संदेह उत्पन हुआ और वह दुबारा से घर गया। बार बार उसके साथ यही हो रहा था और इस प्रकार उसे तीन घंटे से ज्यादा लग गए। 

अब इस तरह की स्थिति में विश्वास की कमी की इन्तेहा देखी जा सकती है। हालांकि वह व्यक्ति किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था लेकिन इस उदाहरण से आप विश्वास की कमी के दुष्प्रभावों को आसानी से समझ सकते हैं। (Vishwas kaise Banaye? )

दुनिया में और आपके आसपास आपको ऐसे कई लोग  मिल जाएंगे जिन्हें खुद पर विश्वास नहीं होता और बे लोग इस बात कोई कोई बड़ी समस्या नहीं मानते ऐसा इसलिये है क्योंकि वह लोग विश्वास की कमी के कुप्रभावों को नहीं जानते, वह लोग इस विकार के बारे में जागरूक नहीं है।

 ऐसे लोगों के जीवन दुख और व्यथा से भरे हुए होते हैं। आपके भीतर यदि आत्म-विश्वास की कमी है तो यह दूसरों में विश्वास की कमी की ओर ले जाती है – ऐसी स्थिति में आपको अवसाद (डिप्रेशन का इलाज और लक्ष्मण जानने के लिए हमारा लेख पढ़े..) जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

 विश्वास की कमी के दौरान आप  महसूस करेंगे कि हर कोई आपके पीछे पड़ा हुआ है और आपको ही दुःख पहुंचाना चाहता है, या हर कोई आपसे नाराज है, या आप किसी भी चीज को हासिल नहीं कर सकते सब कुछ आपकी पहुंच से बाहर है। 

 क्या आप ऐसे ही जीवित रह सकते हैं? इस तरह का जीवन जीना असंभव है यह आपको मरने के लिए भी प्रेरित कर सकता है । कोई मानसिक समस्या है, तो आप इसके लिए उपचार ढूंढे, ना कि उसी स्थिति में बने रहे। (Vishwas kaise Banaye? )

यदि आपको लगता है कि आप इस तरह की समस्याओं से ग्रस्त है तो आप हमे कमेन्ट करके बताएं, हम जरुर ही आपकी पूर्ण मदद करेगे। 

“आपका यह विचार करना ही व्यर्थ है कि – आपकी कार बाहर खड़ी होगी या नहीं जब तक कि आप किसी ऐसे स्थान पर नहीं है जहां अक्सर गाड़ियों की चोरी हो जाती है।” 

एक सर्वज्ञ शक्ति है, जो पूरे ब्रह्मांड को चलाती है – 

हम यहां केवल 80-90 साल ही जीते है अब आप यह सोचिए कि हमारी यह उम्र निर्धारित करने वाला कौन है? क्या विज्ञान पता लगा पाया? क्या कोई भी इस बात से पर्दा उठा सकता कि आखिर इंसानों कहां से आए? 

हमारी उम्र बस उतनी ही है और हमे लगता है कि हम पूरी दुनिया के नियंत्रण में हैं।  मैं आपको बताता हूं, यह एक ऐसा भ्रम है कि जिसे मूर्खता कहा जा सकता है। हमारी पृथ्वी सहस्राब्दियों से अस्तित्व में है – क्या कोई यह जानता है कि पृथ्वी का नाम पृथ्वी किसने रखा? । 

 पृथ्वी उन्नीस अरब वर्षों से बनी हुई है, और हमें लगता है कि हम इस पूरी दुनिया का प्रबंधन कर रहे हैं। सोचने वाली बात यह है कि पृथ्वी पहले से थी यानी कि ब्रहमांड को चलाने वाली शक्तियां पहले से ही थी, पर हमारा जन्म बाद में हुआ। वैज्ञानिक भी इस बात की पुष्टि करते है कि पृथ्वी पहले बनी उसके बाद इसपर जीवन की शुरुआत हुयीं। (Vishwas kaise Banaye? )

इससे बड़ा भ्रम कोई नहीं हो सकता कि मानव पृथ्वी को संचालित करते हैं ।  असल में यह एक शक्ति है जो इस ग्रह की देखभाल कर रही है और सिर्फ इसी ग्रह की ही नहीं ब्लकि अन्य जाने कितने ही ग्रहो और जीवन की सुरक्षा करती है। यह अदृश्य शक्ति जिसपर आपको भरोसा है, विश्वास है वह पृथ्वी की देखभाल करती रहेगी, और यह लंबे समय तक चलने वाली है। ब्रहमांड में केवल एक ही ग्रह नहीं है, बल्कि ऐसे अनेक ग्रह हैं, और अनेक जीवन हैं।

आपको ऐसा लगता होगा कि हम काम करते है, तो हमे भोजन प्राप्त होता है और हमे मिलने वाली सुविधाएं भी हम खुद ही प्राप्त करते है।  लेकिन फिर से यह, वही बात हुयी कि यह आपका भ्रम है कि आपके करने से कुछ होता है।

 प्रकृति प्राकृतिक को इस ब्रह्मांड को चलाने वाली वह अदृश्य शक्ति ही सब कुछ चलाती है, आपकी AC की ठण्डी हवा से लेकर पहाड़ों की ठंडी हवा तक सब कुछ उसी की महिमा है। (Vishwas kaise Banaye? )

अगर हम पानी के नीचे जाएं और कुछ स्कूबा डाइविंग करें तो आप देखोगे की  – वहां पानी के नीचे एक पूरी दुनिया है और उन्हें सब कुछ उपलब्ध कराया जा रहा है।  प्रत्येक प्राणी को खाने के लिए वहां कुछ न कुछ उपलब्ध कराया जा रहा है। उस खाने को उपलब्ध कराने वाला कोई मनुष्य नहीं है ब्लकि वही शक्ति है जो अदृश्य है। और जब आप इस शक्ति पर विश्वास करते है तो निश्चित ही यह आपके जीवन में अमूल चूक बदलाव करती है। (Vishwas kaise Banaye? )

Vishwas kaise Banaye?

इस समय मुझे 12वीं सदी के एक संत का एक दार्शनिक उद्धरण याद आ रहा है – 

“अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मालूका कह गए, सबके दाता राम || 

अर्थात्‌ –  वह कहते हैं, अजगर किसी मालिक की सेवा नहीं करता, न ही पक्षी काम की तलाश में जाता है, लेकिन हर चीज के लिए भगवान ही उन्हें भोजन मुहैया कराते हैं।  तो तुम क्यूँ व्यर्थ चिंता करते हो!

” दोस्तों अजगर बहुत आलसी होता है और बहुत ही धीमी गति से चलता है। यह बस हर समय इधर-उधर पड़ा रहता है। 

वही दूसरी तरफ, पक्षी एक बहुत व्यस्त जीव हैं, जो हर समय उड़ते रहते हैं। फिर भी दोनों को भोजन समान रूप से प्रदान किया जाता है और दोनों अपनी अपनी उम्र जीते हैं। अब यह सब निर्धारित करने वाला कोई इंसान तो है नहीं? है क्या कोई इंसान? आप ही बताओ – नहीं है तो ये सब जो कर रहा है वह है अदृश्य शक्ति आपको इसपर भरोसा करना चाहिए। परमात्मा सबको प्रदान कर रहा है।

यह बात लोगों में विश्वास जगाने के लिए कहीं गयी थी कि इंसान का जो कर्म है वह उसको करना होगा यानी कि जिसका जो कर्म है उसको वह करते रहना है और यह जीवन चलाता रहेगा। इसमे कोई बटवारा नहीं होगा कि कोई पक्षी ज्यादा मेहनत करता है तो उसे ही खाना मिलेगा या उसे ही जीवन मिलेगा या अजगर कुछ नहीं करता तो उसे खाना नहीं मिलेगा। (Vishwas kaise Banaye? )

दोनों ही जीव अपने अपने कर्म को कर रहे है, और परमात्मा सबका पेट भर रहा है। चाहे आप धीमी गति से चलें या तेज, आपका ध्यान रखा जाएगा।  चाहे आप बहुत व्यस्त हों या घोंघे की गति से चल रहे हों, ब्रह्मांडीय चेतना में करुणा है, और देवत्व सभी को प्रदान करता है।

अब, जब आप इसे महसूस करते हैं और भीतर से जागते हैं, तो विश्वास उसी का उपोत्पाद है।  आस्था और विश्वास आपके भीतर पहले से ही है यह उस तरह से है जैसे किसी गाड़ी के साथ उसका इंजन साथ आता है बस आपको इसे चाबी लगाकर स्टार्ट करना होता है यह अपने आप चालू नहीं होता। वैसे ही विश्वास भी है,  यह जागरूकता के साथ प्रकट होता है।(Vishwas kaise Banaye? )

उम्मीद है, आपको कुछ नया जानने का मौका मिला होगा। कमेन्ट बॉक्स में अपने जीवन के कुछ अनुभव शेयर करे।। 

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By Nihal chauhan

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